कांगड़ा का किला फतह करने के लिए BJP-कांग्रेस ने झोंकी अपनी ताकत, सीएम योगी और प्रियंका ने किया चुनाव प्रचार
कांगड़ा का किला फतह करने के लिए BJP-कांग्रेस ने झोंकी अपनी ताकत, सीएम योगी और प्रियंका ने किया चुनाव प्रचार
Himachal Pardesh की राजनीति में जिला कांगड़ा का अपना महत्व है और कहावत यह भी है कि शिमला की सत्ता का रास्ता कांगड़ा से होकर ही जाता है। यही वजह है कि इस बार भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने कांगड़ा का किला फतह करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खासकर भाजपा की पूरी कोशिश है कि जो सीटें पिछली बार जीतीं थीं, उनसे कम सीटें इस बार न मिलें। ताकि, आसानी से सत्ता में वापसी हो सके।

भाजपा ने आज जहां एक ओर अपने फायरब्रांड नेता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मैदान में उतारा है। तो वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को चुनावी मैदान में उतार दिया है। दोनों नेताओं ने आज ज्वालामुखी और नगरोटा बगवां में चुनाव प्रचार कराया। भाजपा के लिए कांगड़ा जिला में इस बार चुनाव जीतना इतना आसान नहीं है, जितना पिछली बार था। इस बार भाजपा को कर्मचारियों की ओपीएस की मांग पूरी न करने और सत्ता विरोधी लहर का सामना कई चुनाव क्षेत्रों में करना पड रहा है। लेकिन पार्टी अपने नेताओं के जरिये लोगों के दिल जीतने का प्रयास कर रही है।
अपने हिमाचल दौरे के दौरान आज योगी आदित्यनाथ ने ज्वालामुखी में भाजपा प्रत्याशी रविंद्र सिंह रवि के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हिंदुत्व और राम मंदिर का मुद्दा उछालते हुए लोगों से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी संजय रतन के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ आज ज्वालामुखी पहुंची। ज्वालामुखी में एसएसबी के हेलीपैड पर उतरने के बाद रोड शो में प्रियंका गांधी ज्वालामुखी पहुंची और उन्होंने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के साथ प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में दर्शन कर पूजा अर्चना की।
इससे पहले, प्रियंका गांधी ने नगरोटा बगवां में कांग्रेस प्रत्याशी रघुवीर सिंह बाली के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भाजपा पर हमला बोला। पिछली बार नगरोटा बगवां में कांग्रेस पार्टी को भाजपा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भी यहां आम आदमी पार्टी की वजह से मुकाबला कडा होता जा रहा है। भाजपा ने यहां मौजूदा विधायक अरुण कूका को मैदान में उतारा है। ज्वालामुखी में इस बार चुनाव खासा दिलचस्प हो गया है, क्योंकि कांग्रेस प्रत्याशी संजय रतन चुनावी जीत के लिए कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनके रास्ते में निर्दलीय प्रत्याशी अतुल कौशल और आम आदमी पार्टी के होशियार सिंह भारती परेशानी पैदा कर रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी का प्रचार भी भाजपा के मुकाबले कमजोर दिखाई दे रहा है। हालांकि, उन्होंने धरतीपुत्र का नारा उछाला है। दूसरी और रविंद्र सिंह रवि की स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने बीते दिन राजनाथ सिंह की रैली के बाद अपने इलाके की ओबीसी बैलट में योगी आदित्यनाथ की रैली करवा कर हवा का मुख मोड़ने की कोशिश की है। यहां कांग्रेस के मुकाबले भाजपा का कार्यक्रम अधिक प्रभावी था। जिला के दूसरे चुनाव क्षेत्रों की बात करें, तो मेजर विजय सिंह मनकोटिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा मजबूत हुई है। शाहपुर में इस का लाभ भाजपा को मिलेगा। जसवां परागपुर में भी दो निर्दलीय भाजपा के बिक्रम ठाकुर की कठिनाई दूर कर रहे हैं।
देहरा में भाजपा के रमेश धवाला और कांग्रेस के राजेश शर्मा के बीच कांटे की टक्कर है। पालमपुर कांग्रेस की सबसे सुरक्षित सीट है। यहां आशीष बुटेल के मुकाबले भाजपा के त्रिलोक कपूर कमजोर प्रत्याशी है। कांगड़ा सदर में पवन काजल कांग्रेस के सुरेंद्र काकू को आसानी से चुनाव हरवा देंगे। बैजनाथ में भाजपा इस बार कमजोर हैं। धर्मशाला में भी भाजपा की राहें आसान नहीं हैं।












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