Himachal Elections 2022: भरमौर सीट पर कांग्रेस-बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला, निर्देलीय उम्मीदवार ने बिगाड़ा खेल
Himachal Elections 2022: भरमौर सीट पर कांग्रेस-बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला, निर्देलीय उम्मीदवार ने बिगाड़ा खेल
Himachal Elections 2022: भरमौर विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। पिछले चुनावों में इस सीट से कांग्रेस पार्टी के नेता ठाकुर सिंह भरमौरी को भाजपा प्रत्याशी जिया लाल ने हराया था। लेकिन पार्टी के आंतरिक सर्वे और सत्ता विरोधी लहर की आशंका के चलते भाजपा ने इस बार मौजूदा विधायक जिया लाल का टिकट काट कर जाने माने चिकित्सक डा. जनक राज को मैदान में उतारा है। तो वहीं, कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर ठाकुर सिंह भरमौरी को उम्मीदवार बनाया है। उधर, टिकट कटने से नाराज मौजूदा विधायक जिया लाल ने बगावत कर दी है और वो निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं। जिससे भाजपा प्रत्याशी के समीकरण गडबडा गए हैं। यह प्रदेश का ऐसा चुनाव क्षेत्र है, जहां हर बार लोग अपना नेता बदल लेती है।

चंबा जिले में स्थित भरमौर सीट मंडी लोकसभा क्षेत्र में आती है। विडंबना है कि यहां की 21 पंचायतें गैर जनजातीय हैं यानि एक ही इलाके में दो कानून। मतलब पांगी का कानून अलग है। भरमौर में 66 पंचायतें हैं, इलाके को चार भागों में बांटा जा सकता है। पांगी, होली, मैहला व भरमौर। लूणा से आगे मैहला ब्लाक की 21 पंचायतें अभी भी जन जातिय श्रेणी में नहीं आ सकी हैं। पांगी क्षेत्र में 16 पंचायतें हैं। जबकि भरमौर में 29 पंचायतें आती हैं। गद्दी बाहुल्य भरमौर भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम इलाका है। एक समय ऐसा भी था, जब भरमौर शेष विशव से छह महीने के लिए कट जाता था। लेकिन पिछले कुछ सालों से इलाके में हाईडल प्रोजेक्ट क्या आया, लोगों की तकदीर ही बदल गई।
अब भरमौर के सारे रास्ते साल भर खुले रहते हैं। वहीं, पांगी सितंबर माह से लेकर अप्रैल माह तक भारी बर्फबारी की वजह से कट जाता है और लोग चंबा से साच पास से होकर पैदल ही पांगी पहुंचते हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी का भरमौर में खासा प्रभाव रहा है। लेकिन अबकी बार डॉक्टर जनक राज के मैदान में कूदने से यहां चुनाव खासा रोचक हो गया है। बीते माह ही अपनी सरकारी नौकरी छोड राजनीति में कूदे जनक राज की राहों में भाजपा के बागी जिया लाल ने कांटे बिखेर दिए हैं। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी ठाकुर सिंह भरमौरी की बात करें, तो एक भेड़ पालक के बेटे है राजनिति में आकर उन्होंने खूब तरक्की की है। आज उनकी यहां अपनी सल्तनत है, जिसे देखकर लोगों को भी हैरान होती हैं।
हालांकि, कहा यह भी जाता है कि उनकी कुछ दूसरी जगहों में भी अपनी संपत्ति है। करीब 75 साल के भरमौरी को नाचने गाने का पूरा शौक है और वो सार्वजनिक तौर पर भी ठुमके लगाने से कभी गुरेज नहीं करते। यही वजह है कि वह सुर्खियों में रहते हैं। आम आदमी तक उनकी पहुंच है, लेकिन यही रवैया उनके खिलाफ भी रहा है। विपक्ष उनकी इस खासयित को गैर जिम्मेदाराना रवैया कहता रहा है। भरमौरी 1982, 85,93 व 2003 और 2012 में विधायक चुने गये। 2017 में भरमौरी चुनाव हार गये, लेकिन इस बार फिर मैदान में हैं।
आज तक भरमौर से चुने गये विधायक
वर्ष चुने गये विधायक पार्टी संबद्धता
2017 जिया लाल भाजपा
2012 ठाकुर सिंह भरमौरी कांग्रेस
2007 तुलसी राम भाजपा
2003 ठाकर सिंह कांग्रेस
1998 तुलसी राम भाजपा
1993 ठाकुर सिंह निर्दलीय
1990 तुलसी राम भाजपा
1985 ठाकुर सिंह कांग्रेस
1982 ठाकुर सिंह कांग्रेस
1977 राम चन्द जनता पार्टी












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