हिमाचल चुनाव: धूमल को मिली BJP की कमान, 'गुजरात' से था दबाव

शिमला। भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के चेहरे के लिए प्रेम कुमार धूमल के नाम की घोषणा की है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इस मास्टर स्ट्रोक से जहां आज हिमाचल भाजपा को नई संजीवनी मिली है वहीं कांग्रेस पार्टी को झटके के साथ ही बागियों की हसरतों पर भी पानी फिर गया है। दरअसल गुजरात से पार्टी को मिल रहे दवाब के चलते ही हिमाचल में भाजपा को सीएम पद के लिए चेहरा चुनावों से पहले मजबूरन घोषित करना पड़ा। चूंकि पार्टी को जो फीडबैक मिल रहा था उसमें साफ संदेश था कि बहुमत के काबिल भी सीटें नहीं आ रही हैं। अमित शाह ने दो दिनों में चंबा, शिमला से लेकर कांगड़ा तक जो जमीनी आकलन किया उसमें भी संकेत स्पष्ट था कि हिमाचल में भाजपा की लहर नहीं है। न ही मोदी का नाम काम कर रहा है। वहीं पार्टी को बागी भी डराने लगे थे। पार्टी के सामने जो हालात बनते नजर आ रहे थेउसमें लगने लगा था कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ हिमाचल में सत्ता में वापिस नहीं आ पायेगी।

हिमाचल चुनाव: धूमल को मिली BJP की कमान, 'गुजरात' से था दबाव

इससे पहले पार्टी ने उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड और हरियाणा में चुनावों के बाद ही अपनी मर्जी के मुख्यमंत्री बना कर भेजे थे लेकिन हिमाचल में हालात कुछ ओर थे। गुजरात चुनाव साथ होने की वजह से पार्टी को लग रहा था कि कहीं हिमाचल प्रदेश भी उसके हाथ से न निकल जाये। प्रदेश की कई साटों पर नेतृत्व स्पष्ट न होने की वजह से कांटे की टक्कर थी। खासकर प्रेम कुमार धूमल के समर्थक बीच मंझदार में फंसे हुये थे। खुद प्रेम कुमार धूमल सुजानपुर में बुरी तरह फंस गये थे। करीब 15 राजपूत बहुल्य साटों पर भाजपा को नेतृत्व का मामला सुलझाये बिना नुक्सान होने का अंदेशा था।

लोगों में यह संदेश जा रहा था कि शायद उम्र के फार्मूले के तहत पार्टी धूमल को मुख्यमंत्री नहीं बनायेगी और प्रदेश की राजनिति में अगले सीएम के तौर पर केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा का नाम प्रमुख तौर पर सामने आ रहा था। साथ ही जय राम ठाकुर व अजय जमवाल को भी इस रेस में माना जा रहा था। लेकिन जमीनी हकीकत यह भी है कि तमाम दावेदार प्रदेश की राजनिति में वह रूतबा नहीं रखते, जो धूमल का है। अब धूमल को नेता घोषित कर ही दिया गया है, तो खासकर जिला हमीरपुर में ही भाजपा को बढ़त मिलेगी।

हिमाचल चुनाव: धूमल को मिली BJP की कमान, 'गुजरात' से था दबाव

वहीं पिछली बार धूमल सरकार में कबीना मंत्री रहे नेता जो इस बार भी प्रत्याशी हैं, अपने अपने हल्कों में बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिती में आ जायेंगे। कुछ सीटों जैसे जोगेन्दर नगर में भाजपा प्रत्याशी गुलाब सिंह, फतेहपुर में कृपाल परमार व देहरा में रविन्दर सिंह के लिये निर्दलीय प्रत्याशी सिरदर्द बने हुये थे,पर भी उल्ट पुल्ट होने की संभावना बढ़ गई है। इसके साथ ही ऊना में सतपाल सिंह सत्ती को भी जरूर इससे राहत मिलेगी। दरअसल प्रदेश के बड़े राजपूत नेता के तौर पर धूमल की अपनी पहचान है। धूमल को नेता घोषित से राजपूत मतदाताओं में भी बेहतर संदेश जायेगा।

इसी के चलते पार्टी के अंदरूनी आकलन के बाद नेतृत्व घोषित करने का फैसला लिया गया। व घोषणा के लिये सिरमौर जिला के राजगढ़ को चुना गया। व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेम कुमार धूमल पर अपना विशवास जताते हुये कहा है कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आयेगी।

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