हिमाचल में क्या अब सियासी संकट खत्म हो गया? टेंशन बढ़ा देगा प्रतिभा सिंह का जवाब
Himachal Congress News: हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर चल रहा सियासी संकट फिलहाल थम गया है। कांग्रेस आलाकमान का फैसला भी फाइनल हो गया कि सत्ता की कमान सुखविंदर सिंह सुक्खू के पास ही रहेगी। लेकिन इस बीच हिमाचल कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह का बड़ा बयान सामने आया है, उन्होंने साफ कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि संकट अभी खत्म हो गया।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चीफ प्रतिभा सिंह ने इंडिया टुडे से कहा कि भले ही पार्टी राज्य में अपनी सरकार बचाने में कामयाब रही हो, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि संकट खत्म हो गया है।

सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को उस समय संकट का सामना करना पड़ा, जब उसके छह विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों ने 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की।
स्पीकर द्वारा छह विधायकों को विधानसभा से निलंबित किए जाने और सरकार द्वारा अपना बजट पारित करने के बाद कांग्रेस संकट को टालने में कामयाब रही।
हालांकि इंटरव्यू में प्रतिभा सिंह ने कहा, "मुझे नहीं पता कि कल या आने वाले भविष्य में क्या होगा। कुछ ऐसे मुद्दे थे जिनका फैसला कुछ घंटों या एक दिन के भीतर नहीं किया जा सकता। समय लगेगा। और तभी अगर हम आरामदायक स्थिति में हों, तभी मैं कह सकती हूं कि सरकार (पांच साल) चलेगी।"
विक्रमादित्य सिंह ने लगाए ये आरोप
मालूम हो कि प्रतिभा सिंह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी हैं। बुधवार को उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह ने कैबिनेट मंत्री पद छोड़ दिया और पार्टी को अपने इस्तीफे की पेशकश की, उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें "अपमानित" और "दरकिनार" किया जा रहा है। हालांकि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया।
बेटे के इस्तीफे पर क्या बोलीं प्रतिभा सिंह?
वहीं अपने बेटे के इस्तीफे पर प्रतिभा सिंह ने कहा कि उनके बेटे ने अपने इस्तीफे की पेशकश इसलिए नहीं की कि वह मुख्यमंत्री पद चाहते थे, बल्कि जनता के मुद्दों को उठाने के लिए थे। सिंह ने कहा, क्या उन्होंने मुख्यमंत्री पद के बारे में बात की? निश्चित रूप से नहीं। उनके मुद्दे पूरी तरह से अलग थे। उन्होंने युवाओं के बारे में बात की, उन्होंने विकास के बारे में बात की, उन्होंने रिज पर वीरभद्र सिंह की मूर्ति स्थापित करने के बारे में बात की।
याद दिलाए सरकार के वादे
प्रतिभा सिंह ने कहा कि यह केवल हमारी चिंता का विषय नहीं है, यह पूरा हिमाचल प्रदेश है, जो इन छोटी-छोटी चीजों को करने के लिए सरकार की ओर देख रहा है। उन्होंने कहा कि हमने युवाओं से वादा किया था कि हम आपको कुछ नौकरियां देंगे, सरकार में कुछ प्लेसमेंट देंगे, जो हम नहीं कर पाए। और अब लोकसभा चुनाव नजदीक हैं, हमें लोगों के पास जाना है। इसलिए हम हैं जवाबदेह भी। यही चिंता का विषय था।












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