'कोटखाई' कांड से पुलिस की साख पर बट्टा तो CBI के खाली हाथ मरोड़ रही है जनता
कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस में एक ओर सीबीआई जांच कर रही है लेकिन शिमला से लेकर कोटखाई तक के लोगों को जांच एजेंसी के तौर तरीके रास नहीं आ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सीबीआई जांच में देरी कर रही है।
शिमला। कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस और हवालात में आरोपी की हत्या के मामले में सीबीआई की ओर से की जा रही जांच को लेकर आज शिमला की सड़कों पर लोगों का गुस्सा उमड़ा। गुड़िया न्याय मंच के बैनर तले बड़ी तादाद में स्थानीय लोगों ने सीबीआई ऑफिस के सामने जुटकर विरोध प्रदर्शन किया और बाद में सड़क पर बैठकर धरना दिया। कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस में एक ओर सीबीआई जांच कर रही है लेकिन शिमला से लेकर कोटखाई तक के लोगों को जांच एजेंसी के तौर तरीके रास नहीं आ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सीबीआई जांच में देरी कर रही है, जिससे आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। यही वजह है कि मंगलवार को इस मामले में जांच को लेकर हो रही देरी पर न्याय मंच ने जमकर विरोध किया।

स्थानीय CBI ऑफिस पर लोगों का भारी विरोध
मंच के बैनर तले सैंकड़ों लोगों ने सीबीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सीबीआई के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। गुड़िया न्याय मंच ने राजधानी के एजी चौक पर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और यातायात भी बाधित किया। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मंच का कहना है कि कोटखाई मामले में अभी तक जांच चल रही है और मासूम के साथ दरिंदगी करने वालों तक अभी भी सीबीआई के हाथ नहीं पहुंचे हैं। जिसके चलते लोग नाराज हैं। इसके साथ ही गुड़िया न्याय मंच ने सीबीआई की सुस्त कार्यप्रणाली पर एक के बाद एक कई सवाल खड़े किए हैं।

गुड़िया न्याय मंच ने CBI को धिक्कारा
विरोधस्वरूप गुड़िया न्याय मंच ने रेलवे बोर्ड बिल्डिंग में सीबीआई कार्यालय तक रैली निकाली और फिर धरना दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। गुड़िया न्याय मंच के सह संयोजक विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि कोटखाई मामले में जांच से सीबीआई भटक गई है। सूरज हत्याकांड में सीबीआई ने आईजी, एसपी समेत आठ पुलिस वालों को गिरफ्तार किया है, लेकिन अभी तक सीबीआई दोनों ही मामलों में चालान पेश नहीं कर पाई है। आगे भी इसकी उम्मीद कम ही दिख रही है। उन्होंने कहा कि आज गरीब को न्याय नहीं मिल पा रहा है, जिसके लिए अमीरी, अफसरशाही और राजनेताओं की तिकड़ी जिम्मेदार है।

पुलिस की पहले ही गिर चुकी है साख
सीबीआई ने पुलिस वालों को तो हिरासत में ले लिया है, लेकिन डीजीपी को अभी तक नहीं हटाया गया, जबकि मामले में उनकी कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। मेहरा ने चेतावनी दी है कि गुड़िया को जब तक न्याय नहीं मिलता है, तब तक गुड़िया न्याय मंच लड़ाई लड़ता रहेगा। फिर चाहे सचिवालय व विधानसभा में उग्र आंदोलन ही क्यों ना करना पड़े।












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