पूर्व विधायक समेत 15 'भितरघाती' नेताओं को कांग्रेस ने दिखाया बाहर का रास्ता
शिमला। चुनाव संपन्न होने के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने भितरघात करने वालों पर अपना चाबुक चलाया है। इसके तहत जोगिन्दरनगर के पूर्व विधायक सुरेन्दर पाल सहित करीब 15 कांग्रेस नेताओं को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनावों के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के लिये पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है। कुछ और के खिलाफ कार्रवाई की तैयारियां की जा रही हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने धर्मशाला से 7, कुटलैहड़ से 3, हमीरपुर से 1 और जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र से 4 नेताओं को निष्कासित कर दिया हैं। इन नेताओं पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम करने का आरोप है। यह कार्रवाई ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तथा कांग्रेस प्रत्याशी के अनुमोदन के बाद की गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से दिग्विजय पुरी, बलदेव चौधरी, अरविंद गुप्ता, अरुण बिष्ट, रजनीश पाधा, दुर्गेश नंदनी और अरुण बिष्ट पर कार्रवाई की गई है, तो कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र से सुमित शर्मा, रणबीर राणा और संजीव सैनी को निष्कासित किया गया है। हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से कमल पठानिया को निष्कासित किया गया है। इसके अलावा जोगिंदरनगर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक सुरेंद्र पाल ठाकुर, बिमला चौहान, केहर सिंह और रविंद्र पाल शामिल हैं। पार्टी ने सभी नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित किया है। इसी तरह उनकी प्राथमिक सदस्यता को 6 साल के लिए रद्द किया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस पार्टी की तरफ से शिमला नगर निगम के 2 पार्षदों के अलावा 1 पूर्व पार्षद को भी इसी तरह से निष्कासित कर दिया था। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी ब्लाक कांग्रेस कमेटी और प्रत्याशियों की तरफ से मिलने वाली शिकायतों के आधार पर आगामी दिनों में कई अन्य नेताओं को भी निष्कासित कर सकती है।
दरअसल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने और बगावत करने वाले नेताओं के खिलाफ हाईकमान ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस कड़ी के तहत कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। पार्टी पर्यवेक्षकों की तरफ से इस रिपोर्ट को तैयार करके अंतिम रूप दे दिया गया है। आगामी दिनों में कई अन्य पर भी गाज गिरना लगभग तय माना जा रहा है। शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी में बड़े स्तर पर बगावत देखने को मिली है। इसमें हरीश जनार्था ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा और उनका नगर निगम शिमला में कांग्रेस के कई पार्षदों, पूर्व पार्षदों एवं पदाधिकारियों ने समर्थन भी किया। इसी तरह ठियोग से कांग्रेस प्रत्याशी दीपक राठौर के खिलाफ भी पार्टी विरोधी सक्रिय रहने का दावा किया गया है।












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