हिमाचल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के सीएम जयराम के ऐलान का कांग्रेस ने किया विरोध

शिमला, 26 अप्रैल। देश में यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर चल रही चर्चा के बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल में भी इसे लागू करने का ऐलान किया है। उत्तराखंड के साथ हिमाचल में भी इसे लागू करने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। उत्तराखंड चुनावों में भाजपा ने इसे जोर शोर से उठाया था। दरअसल, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता कानून लाने की बात कही थी। यह भी कहा था कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून लाने के लिये अब विधानसभा से उसे पारित करके कानून बना लिया जाएगा। धीरे-धीरे अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी यही कानून बनाएंगे।

Congress opposed CM Jairam statement on uniform civil code

इसके बाद हिमाचल के सीएम जय राम ठाकुर ने पहाड़ी प्रदेश में भी इसकी संभावनाएं तलाशने की बात कही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता अच्छा कदम है तथा मंथन के बाद इस बारे में प्रयास होंगे। हम इसे हिमाचल प्रदेश में लागू करने के लिये तैयार हैं। इसके लिये जल्द ही कमेटी गठित की जायेगी। जो सरकार को इसका प्रस्ताव देगी। उधर, समान नागरिक संहिता को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सी एम जय राम ठाकुर पर हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि भाजपा के पास प्रदेश के विकास का कोई रोडमैप नहीं है। सांप्रदायिक सौहार्द को समाप्त कर समाज के धु्रवीकरण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार को इसके बजाये महंगाई खत्म करने और बेरोजगारी दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए । लेकिन भाजपा देश भर में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाडना चाह रही है।

Congress opposed CM Jairam statement on uniform civil code

बताया जा रहा है कि अगर यह कानून बनता है तो भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून। फिर वो व्यक्ति किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। समान नागरिक संहिता कानून में शादी, तलाक और जमीन-जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होगा। समान नागरिक संहिता कानून एक पंथ निरपेक्षता कानून होगा जो सभी धर्मों के लिए समान रूप से लागू होगा। फिलहाल भारत में मुस्लिम, इसाई, और पारसी का पर्सनल ला लागू है। हिंदू सिविल ला के तहत हिंदू, सिख और जैन आते हैं। संविधान में समान नागरिक संहिता कानून अनुच्छेद 44 के तहत राज्य की जिम्मेदारी बताया गया है। लेकिन ये आज तक देश में लागू नहीं हो सका है और इस पर काफी वक्त से बहस चल रही है।

एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को रिपीट करवाना उनका जिम्मा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस बार परम्परा बदलेगी तथा भाजपा के बाद फिर भाजपा सरकार बनेगी। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आम आदमी पार्टी के पास नेतृत्व के नाम पर कुछ नहीं है। बावजूद इसके दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हिमाचल की संस्कृति के विपरीत ऊंचे शब्दों में अपनी बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचली सबकी बात सुनने के साथ साथ शालीनता ,सहजता और सरलता को ही स्वीकार करते हैं।

उन्होंने कहा कि जो भी हिमाचल की भावना को ठेस पहुंचाएगा, उसे यहां की जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के मंडी और कांगड़ा में प्रवास के वक्त उनके साथ मंच पर हिमाचल का कोई भी नेता नहीं था। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में आयातित नेता नहीं चलेंगे। दिल्ली व पंजाब के नेताओं के दम पर हिमाचल में आम आदमी पार्टी का चुनाव जीतना संभव नहीं। यूं भी प्रदेश की राजनीतिक संस्कृति में तीसरे दल की स्वीकार्यता नहीं है। कहा कि छोटा प्रदेश होने के बावजूद हिमाचल स्वाभिमानी हैं, जहां पर शालीनता, सहजता व सरलता से ही काम चलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सामाजिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है तथा पिछली सरकार के 400 करोड़ रुपये तुलना में इस पर 1300 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वृद्धजनों को अधिक संख्या में लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा 70 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष किया गया है।

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