Dushyant Chautala: पिछले चुनाव में हीरो, इस बार हुए जीरो! दुष्यंत चौटाला की जमानत तक जब्त
Uchana Kalan Chunav Result 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव की चर्चित सीटों में से एक उचाना कलां (Uchana Kalan) में बेहद ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। इस सीट पर अंतिम समय तक बढ़त बनाने के बाद कांग्रेस प्रत्यासी बृजेन्द्र सिंह केवल 32 वोटों से चुनाव हार गए।
बीजेपी के देवेन्द्र चतर भुज अत्री ने इस सीट पर 48968 वोटों के साथ जीत दर्ज की। लेकिन इस से भी दिलचस्प रही इस सीट से जेजेपी (JJP) प्रत्यासी दुष्यंत चौटाला की हार। पिछले सरकार में अहम रोल में रहे चौटाला इस बार 10 हजार वोटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए।
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दुष्यंत चौटाला को केवल 7950 वोट मिले हैं और उनकी जमानत भी जब्त हो गई है। 2019 के चुनाव में बीजेपी जब बहुमत से दूर रह गयी थी तब सरकार बनाने की चाभी दुष्यंत चौटाला के हाथों में थी। 10 सीट जीतने वाली जेजेपी ने बीजेपी को समर्थन देकर हरियाणा में सरकार बनाने में मदद की। बदले में दुष्यंत चौटाला को मिला था उपमुख्यमंत्री का पद।
पिछले चुनाव में हीरो, इस बार हुई जीरो!
पिछले चुनाव में हीरो बनकर उभरे दुष्यंत चौटाला इस चुनाव में जीरो नजर आ रहे हैं। दुष्यंत उचाना कलां सीट पर पांचवे नंबर पर हैं। बीजेपी ने जीत दर्ज की, कांग्रेस केवल 35 वोटों से हार के साथ दूसरे स्थान पर रही जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। जबकि पिछले चुनाव में किंग मेकर बनकर उभरे दुष्यंत चौटाला इस बार पांचवे नंबर पर पहुंच गए हैं।
उचाना कलां का चुनावी गणित
जाट बहुल निर्वाचन क्षेत्र, उचाना कलां, 5 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए एक प्रमुख युद्धभूमि थी और इसमें दो प्रमुख राजनीतिक परिवारों के बीच टकराव देखा गया। पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के परपोते दुष्यंत सिंह चौटाला और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेन्द्र सिंह। दुष्यंत सिंह चौटाला इस क्षेत्र से वर्तमान विधायक हैं और फिर से चुने जाने की उम्मीद में थे। वह हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पोते हैं।
हरियाणा चुनाव 2024 में, चौटाला का मुकाबला नौकरशाह से नेता बने और कांग्रेस उम्मीदवार बृजेन्द्र सिंह से था। सिंह और उनके पिता बीरेंद्र सिंह ने इस साल की शुरुआत में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। किसान नेता सर छोटू राम के पोते बीरेंद्र सिंह ने 2014 के हरियाणा चुनाव से पहले बीजेपी जॉइन की थी, जिससे उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने चार दशक पुराने संबंध तोड़ दिए थे।
सत्तारूढ़ भाजपा ने उचाना कलां सीट से देवेंद्र चतर भुज अत्री को अपना उम्मीदवार बनाया था। यहां देवेंद्र चतर भुज अत्री ने जीत दर्ज कर के सबको चौंका दिया है वहीं दुष्यंत चौटाला की हार भी अप्रत्याशित थी।
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