मनोहर लाल खट्टर सरकार ने हरियाणा में शुरू की 'चिराग योजना', अब प्राइवेट स्कूल में पढ़ सकेंगे गरीब छात्र
Haryana CM Manohar Lal Khattar: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार 14 अक्टूबर को राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों के अभिभावकों से संवाद किया। इस दौरान सीएम खट्टर ने कहा कि हरियाणा में हमारे 14 हजार स्कूल है और करीब 24 लाख छात्र इन स्कूलों में अपनी पढ़ाई करते है।
छात्रों के अभिभावकों से संवाद करते हुए सीएम खट्टर ने कहा कि सबसे पहले अपने टीचरों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी बनाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि माता-पिता भी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था में सुधार चाहते थे कि हमारे बच्चों को पढ़ाई इंग्लिश मीडियम स्कूल में कराई जाए। हमारे बच्चे भी CBSE स्कूलों के साथ जुड़कर पढ़ाई करें।

सीएम खट्टर ने कहा कि हमारे स्कूल की ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। इसलिए हमने शिक्षा के स्तर को बेहतरीन बनाने हेतु 2017 में राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय खोलने की प्रक्रिया शुरू की। उस वक्त राज्य के हर एक खंड में 1 मॉडल संस्कृति स्कूल खोला गया था लेकिन मौजूदा वक्त में इन स्कूलों की संख्या बढ़कर 1419 हो गई है।
इन स्कूलों की पढ़ाई का स्तर बाकी स्कूलों से अलग रखा गया। इस दौरान सीएम खट्टर ने कहा कि स्कूली शिक्षा का बजट 17 हजार करोड़ है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि अब प्राइमरी संस्कृति मॉडल स्कूल की कल्पना भी की गई है। ऐसे स्कूलों की संख्या भी 500 से ऊपर हो चुकी है। इन स्कूलों में टीचरों का अलग से प्रशिक्षण भी होता है। साथ ही, पढ़ाई का अलग से ध्यान रखा जाता है।
सीएम खट्टर ने कहा कि जहां हमारा संस्कृति मॉडल स्कूल स्कूल नहीं है ऐसे स्थानों पर प्राइवेट स्कूल जो अच्छे है और गरीब परिवार का बच्चा वहां पढ़ना चाहता है तो हमने उनके लिए 'चिराग योजना' शुरू की है। इसके तहत 2 कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक स्कूल फीस का प्रबंध अगर सरकार करती है तो वो बच्चे वहां जा सकते है।
ऐसे हजारों छात्र इन स्कूलों में जाने लगे हैं ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी जहां चाहें वहां पढ़ सकें। इस दौरान सीएम खट्टर ने बताया कि राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों के 7400 क्लासरूम में से 4035 स्मार्ट क्लासरूम बन चुके हैं, बकाया क्लासरूम्स को इस वर्ष स्मार्ट क्लासरूम में बदला जाएगा।
नई शिक्षा नीती पर बोलते हुए सीएम खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि विद्यालय में किताब के ज्ञान के साथ-साथ संस्कार युक्त नैतिक शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण का मुख्य आधार है। मॉडल संस्कृत विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर ही उच्च कोटि की ओर प्राचीन मूल्य व संस्कारों से आधारित शिक्षा प्रदान करना है।












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