Haryana News: हरियाणा के बेटे की अमेरिका में गई जान, 'डंकी रूट' पर तस्करों के जाल में कैसे फंस रहे युवा?
Haryana News: हरियाणा के कैथल जिले के मोहना गांव का 18 वर्षीय युवराज अमेरिका जाने का सपना लेकर पिछले साल घर से निकला था, लेकिन अब उसका यह सपना मौत में बदल गया। परिवार का आरोप है कि युवराज की ग्वाटेमाला (Guatemala) में हत्या कर दी गई, जहां उसे मानव तस्करों ने बंधक बना लिया था।
बताया गया कि परिवार को उसकी मौत की जानकारी तब मिली जब तस्करों ने उन्हें तस्वीरें और डेथ सर्टिफिकेट भेजा। युवराज ने अमेरिका पहुंचने के लिए करीब 40 से 50 लाख रुपये एजेंटों को दिए थे, लेकिन यात्रा शुरू होने के कुछ समय बाद ही उसका संपर्क टूट गया।

अमेरिका जाने के सपने ने छीनी जान
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, युवराज ने पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका जाने के लिए घर छोड़ा था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, इसलिए उसने 12वीं पास करने के बाद रोज़गार की तलाश में विदेश जाने का फैसला किया। परिवार को बताया गया था कि वह सुरक्षित तरीके से "डंकी रूट" के ज़रिए अमेरिका पहुंच जाएगा।
एजेंटों को दी थी 40-50 लाख की रकम
युवराज के मामा गुरपेज़ सिंह ने बताया कि हरियाणा के तीन एजेंटों ने परिवार से भारी रकम ली थी - लगभग 40 से 50 लाख रुपये तक। शुरुआत में एजेंट्स ने भरोसा दिलाया कि युवराज को अमेरिका सुरक्षित पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन कुछ समय बाद परिवार का उससे संपर्क टूट गया। कुछ महीनों बाद परिवार से संपर्क करने वाले एक "डोंकर" (मानव तस्कर) ने दावा किया कि युवराज की हत्या कर दी गई है।
उसने सबूत के तौर पर ₹3 लाख मांगे। रकम भेजने के बाद तस्करों ने युवराज की तस्वीरें और एक डेथ सर्टिफिकेट भेजा। परिवार का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि एजेंटों ने विदेश में बैठे तस्करों को पूरी रकम नहीं दी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। गुरपेज़ सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो स्थानीय एजेंटों को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन कुछ समय बाद युवराज की मौत की खबर मिल गई।
'डंकी रूट' बना मौत का रास्ता
हरियाणा, पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों के कई युवा अवैध रास्तों से अमेरिका पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। ये "डंकी रूट" लैटिन अमेरिकी देशों जैसे ग्वाटेमाला, मैक्सिको और पनामा से होकर गुजरते हैं - जहां अक्सर मानव तस्करों के गिरोह सक्रिय रहते हैं। कई युवाओं की जान इन खतरनाक रास्तों पर जा चुकी है, जबकि कई अन्य को अमेरिका पहुंचने से पहले ही डिटेन या डिपोर्ट कर दिया गया। परिवार अब सरकार से अपील कर रहा है कि युवराज के शव को भारत लाने में मदद की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।












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