कृषि कानून वापसी पर हरियाणा के मंत्रियों ने PM मोदी को सराहा, बोले- किसान अब आंदोलन खत्म कर घर लौटें
अंबाला। मोदी सरकार ने किसान आंदोलनकारियों की मांग मानते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह देश के नाम अपने संबोधन में खुद इसका ऐलान किया। मोदी के ऐलान के बाद से दिल्ली बॉर्डर पर किसानों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। वहीं, हरियाणा सरकार के मंत्री भी किसान आंदोलनकारियों से कहने लगे कि, वे इस फैसले का स्वागत करें। अंबाला में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि, "जो आंदोलनकारी चाहते थे, वो हो गया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लेने की घोषणा की है। सभी किसानों को इसका स्वागत करना चाहिए और अब अपने धरने समाप्त कर देने चाहिए।

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हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा, "भाजपा सरकार ने हमेशा किसानों के हित में काम किए हैं। गुरु नानक के प्रकट पर्व पर किसानों की खातिर पीएम मोदी ने बड़ा फैसला लिया है। अब किसानों के हित में एक आयोग बनाया जाएगा। उस आयोग में केन्द्र सरकार और किसान संगठनों के लोग होंगे, जो कि किसानों से जुड़े फैसले लेंगे। जेपी दलाल ने आगे कहा कि, कानून रद्द होना किसी की हार-जीत का मसला नहीं है। मैं कह रहा हूं कि, किसान हमारे लिये हमेशा आदरणीय और पूजनीय हैं। हमारी सरकार किसान हित में फैसला लेने पर कभी पीछे नहीं हटती है।

कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा और पूर्व सीएम भूपेन्द्र हुड्डा पर भी पलटवार किया। कृषि मंत्री ने कहा कि, कांग्रेसियों ने हमारी सरकार की तरह काम नहीं किए। जनता भाजपा-जजपा सरकार के साथ है और हरियाणा में हमारी मज़बूत गठबंधन सरकार है, जो लगातार जनहित में काम कर रही है।
वहीं, हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कृषि कानून रद्द करने के फैसले को अच्छा बताया। साथ ही उन्होंने किसानों से अपना आंदोलन खत्म करके घर जाने की अपील की। धनखड़ ने कहा कि, कृषि क्षेत्र में सुधार जारी रहेगा और प्रदेश सरकार भी कृषि क्षेत्र में पहले से ही लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि, हमने तीन कृषि कानून वापस होने पर प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत किया है।












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