हरियाणा सरकार ने गुटखे और पान मसाले पर प्रतिबंध एक साल के लिए बढ़ाया
नई दिल्ली, 28 सितंबर: पिछले साल जब कोरोना महामारी देशभर में फैली, तो हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया। जिसके तहत राज्य में पान, गुटखा आदि की बिक्री पर रोक लगा दी गई, ताकि लोगों के सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर रोक लगाई जा सके। उस दौरान इस प्रतिबंध को एक साल के लिए लागू किया गया था, लेकिन अभी के हालात को देखते हुए सरकार ने इसे एक साल और बढ़ाने का फैसला किया है। जिससे सितंबर 2022 तक हरियाणा में पान-गुटखा की बिक्री गैरकानूनी मानी जाएगी।

हरियाणा खाद्य एवं औषधि विभाग ने सोमवार को पान मसाला, तम्बाकू, गुटखा पर एक साल रोक बढ़ाने का फैसला किया। इस आदेश को सभी जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों आदि को जारी कर दिया गया है। आदेश में कहा गया कि 7 सितंबर 2020 को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत निर्मित खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिरोध और निर्बंधन) नियम, 2011 के विनियम 2.3.4 के अनुसार किसी खाद्य उत्पाद में संघटकों के रूप में तंबाकू व निकोटिन (गुटका, पान मसाला) के उपयोग पर 1 वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया गया था। इस रोक को एक साल के लिए बढ़ाया जा रहा है। अगर कोई नियम को उल्लंघन करता है, तो उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बहुत से सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
थूकने पर संक्रमण का खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक जब भी कोरोना संक्रमित शख्स थूकेगा, तो वायरस मुंह के जरिए निकलकर दूसरे लोगों को संक्रमित कर देगा। अगर कोरोना निगेटिव शख्स को बलगम आ रहा, तो वो भी किसी ना किसी बीमारी से संक्रमित होगा। ऐसे में वो भी दूसरे लोगों को बीमार कर सकता है। इस वजह से जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर लोग थूकने से बचें। वैसे ज्यादातर राज्यों ने कोरोना के बाद सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माने का प्रावधान कर रखा है।












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