CM नायब सिंह पर महिला से अभद्रता के आरोप, अनुराग ढांडा बोले- जब रक्षक ही ऐसे तो बेटियां कैसे सुरक्षित?
Haryana Crime Rate NCRB: हरियाणा में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह पर एक महिला पत्रकार से अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा है।
ढांडा का कहना है कि जब प्रदेश के मुखिया पर ही ऐसे आरोप लगें, तो आम महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत आरोप नहीं, बल्कि हरियाणा की गिरती कानून-व्यवस्था और महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों पर एक बड़ा सवालिया निशान बन गया है।

मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप और राजनीतिक घमासान
अनुराग ढांडा के ट्वीट ने हरियाणा की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह पर एक महिला पत्रकार की कलाई पकड़ने का आरोप लगाते हुए उनकी नैतिकता पर सवाल उठाए हैं। ढांडा का तर्क है कि यदि सार्वजनिक मंच पर एक रसूखदार महिला सुरक्षित नहीं है, तो राज्य की आम बेटियों का क्या हाल होगा? विपक्ष इसे सत्ता के अहंकार और महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता का प्रतीक बताकर सरकार पर हमलावर है।
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के आंकड़े
हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में हर दिन औसतन 19 महिलाएं किसी न किसी अपराध का शिकार हो रही हैं। साल 2023 में दर्ज हुए 1,800 रेप के मामले यह बताने के लिए काफी हैं कि अपराधी बेखौफ हैं। ढांडा का कहना है कि जब रक्षक ही सवालों के घेरे में हों, तो इन आंकड़ों में सुधार की उम्मीद करना बेमानी लगता है।
गैंगस्टर कल्चर और कमजोर कानून-व्यवस्था
हरियाणा में केवल महिला अपराध ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध भी तेजी से पैर पसार रहा है। राज्य में 80 से अधिक सक्रिय गैंग और 300 से ज्यादा गैंगस्टरों की मौजूदगी ने पुलिस के दावों की पोल खोल दी है। अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन वाले इन अपराधियों के कारण व्यापारियों और आम जनता में डर का माहौल है। अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि सरकार का प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है।
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पुलिस बल की कमी और सिस्टम की नाकामी
राज्य में बढ़ते अपराधों के पीछे एक बड़ा कारण पुलिसकर्मियों की भारी कमी भी है। हरियाणा पुलिस में लगभग 30% पद खाली पड़े हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। 2021 से 2024 के बीच अपहरण के मामलों में 30% की बढ़ोतरी हुई है। संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो रहा है, जिसका सीधा असर प्रदेश की शांति और सुरक्षा पर पड़ रहा है।
जनता के मन में असुरक्षा का गहराता डर
महिला पत्रकार का यह बयान कि "जो सीएम सरेआम हाथ पकड़ सकते हैं, वह पर्दे के पीछे क्या करते होंगे," लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह डर केवल उस पत्रकार का नहीं, बल्कि हरियाणा की हर उस महिला का है जो घर से बाहर निकलती है। अनुराग ढांडा ने इसी डर को आवाज देते हुए पूछा है कि क्या हरियाणा की भाजपा सरकार बेटियों को सुरक्षित माहौल देने में पूरी तरह फेल हो चुकी है?












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