किसानों से कब वापस होंगे मुकदमे? अदालतों से पहुंच रहे हैं सम्मन, सरकार ने बताए कुल इतने मामले
चंडीगढ़। किसान आंदोलन के समय विरोध-प्रदर्शन करने वाले किसानों पर हरियाणा में मुकदमे दर्ज हुए थे और ये मुकदमे अभी अदालतों में चल रहे हैं। जब सरकार ने कृषि कानून वापस लिए तो किसानों ने अपना आंदोलन भी वापस ले लिया था। जिसके बाद सरकार ने किसानों से मुकदमे वापस लेने का भी वादा किया था, हालांकि किसानों के पास अदालत से अभी भी सम्मन आ रहे हैं। यह बात भारतीय किसान यूनियन चढूनी के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने भी कही है। चढ़ूनी ने कहा कि हरियाणा के बहुत से किसानों के पास नोटिस आ रहे हैं।

कुछ समय पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि, हमारी सरकार ने किसानों से मुकदने वापस लेने की प्रकिया शुरू कर दी है, परंतु किसान नेताओं का कहना है कि उन्हें कोर्ट के सम्मन मिल रहे हैं। इस पर चढूनी बोले- घबराने की जरूरत नहीं है, और वे सरकार से बात करेंगे। बता दें कि, हरियाणा में रिकॉर्ड के मुताबिक 276 एफआईआर दर्ज हुई थीं, इनमें 4 गंभीर प्रवृत्ति के आरोप वाली हैं।

मुख्यमंत्री ने इसी महीने की शुरूआत में कहा कि, अभी तक किसान आंदोलन के दौरान पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 276 केस दर्ज हुए हैं। जिनमें से 4 मामले अति गंभीर प्रकृति के हैं। वहीं, 272 मामलों में से 178 मामलों में चार्जशीट तैयार की गई है। 158 मामले अभी तक अनट्रेस हैं। सरकार की ओर से कहा गया कि, किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारियों से मुकदमे अब वापस लिए जा रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा सत्र में इसकी घोषणा की।

किसानों से मुकदमे वापसी में जुटी सरकार:CM
किसानों से मुकदमे वापसी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि, 8 मामलों की कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और 4 मामलों की कैंसिलेशन रिपोर्ट फाइल कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारे यहां 29 मुकदमों के रद्द करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि, मुकदमे वापसी को लेकर सरकार के प्रतिनिधियों की किसान नेताओं से बातचीत हुई थी, जहां इस बारे में सहमति बनी।'












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