बहू के साथ अवैध संबंध के आरोप के बाद पूर्व डीजीपी मुस्तफा का आया बयान, बेटे ने मौत से पहले लगाए थे संगीन आरोप
Aqeel Akhtar murder case: हरियाणा पुलिस द्वारा पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पत्नी पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना पर उनके बेटे अकील अख्तर की कथित हत्या के आरोप में मामला में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने ये शिकायत पंजाब के पूर्व डीजीपी के मृत बेटे के मौत से पहले शेयर किए गए वीडियो के सामने आने के बाद दर्ज की है।
पूर्व डीजीपी ने मृत बेटे के वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आकर बयान दिया है। 27 अगस्त, 2025 के इस वीडियो में अकील ने अपने पिता और पत्नी पर अवैध संबंधों और अपनी हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया था।

पिता पर बेटे ने लगाए थे संगीन आरोप
पूर्व डीजीपी के पड़ोसी शमशुद्दीन ने बेटे का वीडियो शेयर किया था जिसमें मौत से पहले अकील का अपने परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था और वह पंचकूला के सेक्टर-4 में परिवार से अलग रहता था। दूसरा, अकील ने 27 अगस्त को वीडियो में आरोप लगाया था कि उसके पिता मोहम्मद मुस्तफा और उसकी पत्नी के अवैध संबंध हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी मां, बहन और पत्नी उसे मारने या झूठे केस में फंसाने की योजना बना रहे हैं।
अपनी सफाई में क्या बोले पूर्व डीजीपी?
अपने बेटे के सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर दर्ज की गई एफआईआर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, मुस्तफा ने कहा, "एक एफआईआर दर्ज होने का मतलब यह कतई नहीं है कि किसी का अपराध सिद्ध हो गया है।" उन्होंने आगे कहा, "एफआईआर दर्ज होने के बाद अब असली जांच शुरू होगी, और कुछ ही दिनों में सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी।"
पूर्व डीजीपी बोले- मेरा बेटा मानसिक रोगी था
पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने अपने खिलाफ दर्ज मामले पर सफाई देते हुए अपने बेटे की पूरी कहानी बताई। उन्होंने कहा कि उनका बेटा ड्रग्स के चंगुल में फंस गया था, जिसके बाद वह स्किज़ोफ्रेनिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी का शिकार हो गया।
मैं अपने बेटे को बचा नहीं पाया
मुस्तफा ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने बेटे को कई बार डी-एडिक्शन सेंटरों में भेजा और दर्जनों डॉक्टरों से इलाज करवाया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती ही गई। आगे कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में ड्रग्स के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की। उन्हें चार बार गैलेंट्री अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया, फिर भी वे अपने बेटे को बचाने में असमर्थ रहे। उन्होंने दुआ की कि ऐसी त्रासदी किसी और के साथ न हो।
मुस्तफा ने शिकायत करने वाले शख्स को लेकर किए ये दावे
मुस्तफा ने अपने बेटे की मौत के बाद उन पर दर्ज हुए केस के बारे में बात करते हुए आरोप लगाने वाले व्यक्ति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता न तो उनका पड़ोसी है और न ही रिश्तेदार। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी के कई मामले लंबित हैं। पूर्व में वह ढाई साल तक 'आम आदमी पार्टी' के एक विधायक का निजी सचिव भी रह चुका है।
गंदी राजनीति का डट कर करूंगा मुकाबला
उन्होंने आगे कहा, "यह सच है कि हमारे युवा बेटे की मौत से हम पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि हम गंदी राजनीति और घटिया सोच वाले लोगों के दुर्भावनापूर्ण कृत्यों का मुकाबला नहीं कर सकते।"
सभी आरोप निराधार हैं
मुस्तफा ने कहा कि फिलहाल वह किसी अन्य राजनीतिक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है, जिसका नाम उन्होंने नहीं बताया।मोहम्मद मुस्तफा ने जोर देकर कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उनका कोई आधार नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
पंजाब के पूर्व डीजीपी (मानवाधिकार) का यह बयान उनके बेटे अकील की कथित हत्या के बाद आया है, जिसे पहले स्वाभाविक मौत का मामला माना जा रहा था। अकील अपने परिवार द्वारा हरियाणा के पंचकूला स्थित सेक्टर 4 के घर में बेहोश पाए गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शुरुआत में पुलिस ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था, और पोस्टमार्टम के बाद उनके शरीर को परिवार को सौंप दिया गया था, जिसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि, घटना से जुड़े पोस्ट और वीडियो की एक श्रृंखला सामने आने के बाद मामला नाटकीय रूप से बदल गया। इसके बाद पंजाब के मलेरकोटला निवासी शमसुद्दीन चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई।
कौन हैं पूर्व डीजीपी मुस्तफा और उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना?
मुस्तफा 2021 में पंजाब पुलिस से सेवानिवृत्त हुए और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। उनकी पत्नी, रजिया सुल्ताना, मलेरकोटला से तीन बार की विधायक हैं। उन्होंने एफआईआर में उन पर लगे आरोपों के पीछे 'गंदी राजनीति और घटिया सोच' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने बेबुनियाद आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई है, उन्हें कानून का सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।"












Click it and Unblock the Notifications