'हां, मैंने ही उसे छत से फेंका था...', अपने 3 साल के बच्चे की जान लेने वाली मां ने बताई वो 'अशुभ कहानी'
Gwalior crime news: 'मुझे नहीं मालूम था कि वो मर जाएगा, मैं तो उसे दोनों बच्चों में सबसे ज्यादा प्यार करती थी...', ये शब्द हैं उस कलयुगी मां के, जिसने अपनी एक सनक के चलते अपने ही तीन साल के मासूम बच्चे की जान ले ली।
मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर का है, जहां इस महिला के कबूलनामे ने दो महीने पहले हुई एक मासूम की रहस्यमयी मौत की गुत्थी को सुलझा दिया है। महिला ने अपने ही बेटे को क्यों मारा, इसकी वजह भी ऐसी है कि सुनकर आपके पैरों तले से भी जमीन खिसक जाएगी। आइए जानते हैं ये पूरी कहानी।

टीओआई की खबर के मुताबिक, ग्वालियर की तारामाई कॉलोनी में पुलिस कॉन्स्टेबल ध्यान सिंह राठौड़ अपने परिवार के साथ रहते हैं। पत्नी ज्योति और दो बच्चों के साथ ध्यान सिंह के परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था कि कुछ महीने पहले अचानक ज्योति ने कहा कि वो घर में बैठी-बैठी बोर हो जाती है, इसलिए घर में उसकी एक दुकान खुलवा दीजिए।
ध्यान सिंह को इसमें कोई आपत्ति नहीं थी और उसने दुकान खुलवा दी। कुछ दिन ठीक रहा, लेकिन फिर ज्योति बोली कि उसे दुकान में बैठना अच्छा नहीं लगता, इसलिए इसे बंद कर दीजिए। ध्यान सिंह ने ज्योति की इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और सोचा कि कुछ दिन बाद फिर से इसका मन बदल जाएगा, लेकिन ज्योति के मन में ये बात घर कर गई कि उसके पति ने उसकी बात नहीं सुनी और अब वो इस दुकान को बंद नहीं करेंगे।
'दुकान परिवार के लिए अशुभ है'
और, फिर उसने एक खतरनाक प्लान बनाया। ज्योति अपने सबसे छोटे बेटे जतिन, जिसे वो सबसे ज्यादा प्यार करती थी, और जो महज 3 साल 4 महीने का था, उसे छत पर लेकर गई। ज्योति अपने पति को बताना चाहती थी कि ये दुकान उसके परिवार के लिए अशुभ है और इस बात को साबित करने के लिए ज्योति ने अपने मासूम बच्चे को छत से दुकान के सामने फेंक दिया।
बच्चे को मारना नहीं चाहती थी ज्योति
बच्चे के नीचे गिरते ही चीख-पुकार मच गई और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। बच्चे को कई गंभीर चोटें आईं थी और डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। दरअसल, ज्योति को भी ये अंदाजा नहीं था कि उसकी ये हरकत उसके बेटे की जान ले लेगी। उसने समझा था कि बच्चे को बस छोटी-मोटी चोट लगेगी और इसी वजह को सामने रखकर वो अपने पति को दुकान बंद करने के लिए मना लेगी।
और आखिरकार ज्योति ने कबूल लिया अपना गुनाह
शुरुआत में लगा कि बच्चा खेलते हुए छत से गिर गया हो, लेकिन उसकी मौत पर कहीं ना कहीं एक रहस्य भी बना रहा। धीरे-धीरे लोग इस बात को भूलने लगे और सबकुछ सामान्य सा लगने लगा, लेकिन ज्योति अंदर ही अंदर अपने अपराध-बोध में घुट रही थी। और, एक दिन आधी रात को उसने अपने पति के सामने सारा गुनाह कबूल लिया। सच्चाई सुनकर ज्योति का पति भी हैरान रह गया।
ध्यान सिंह ने किया फैसला, 'उसे सजा दिलाऊंगा'
इसके बाद ध्यान सिंह ने फैसला किया कि वो अपनी पत्नी को उसके गुनाह की सजा जरूर दिलाएगा। हैरान, परेशान और डरे हुए ध्यान सिंह ने बुधवार रात को पुलिस थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई और अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। थातीपुर पुलिस थाने के इंचार्ज विनय शर्मा ने बताया कि ये मामला उनके लिए भी बेहद उलझन भरा रहा।
कबूलनामे के बाद डिप्रेशन में मां, पुलिस भी सावधान
विनय शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा, 'महिला के पति ध्यान सिंह की शिकायत पर हमने उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। ध्यान सिंह ने पुलिस को कुछ फोन रिकॉर्डिंग भी सौंपी हैं, जिनमें आरोपी महिला इस बात को कबूल रही है कि उसने ही अपने तीन साल के बेटे को छत से धक्का दिया था। पुलिस ने महिला की आवाज के नमूने ले लिए हैं और रिकॉर्डिंग से मिलान के लिए लैब भेजा है। हालांकि अभी तक महिला को गिरफ्तार नहीं किया गया है, क्योंकि हम वॉयस रिकॉर्डिंग मैचिंग की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। वो काफी डिप्रेशन में हैं और हम इस बात को लेकर पूरी तरह सावधान हैं कि कुछ गड़बड़ ना हो जाए।'












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