मध्य प्रदेश: 116 बच्चों की मौत पर कोर्ट ने प्रशासन से मांगी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, कहा- कैसे तय की गई मौत की वजह
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के श्योपुर में साल 2016 में हुई 116 बच्चों की मौत के मामले में कोर्ट ने नया आदेश जारी किया है। उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने प्रशासन से सवाल किया है। कोर्ट ने बच्चों की मौत के मामले में प्रशासन को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों की मौत कुपोषण से हुई इसे तय कैसे किया गया? अगर इसे तय किया गया तो कोर्ट में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेश क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने इस मामले में जल्द से जल्द पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 14 जनवरी को होगी।

2016 में दायर की गई थी जनहित याचिका
गौरतलब है कि अधिवक्ता एसके शर्मा ने श्योपुर जिले में कुपोषण से मौतों को लेकर वर्ष 2016 में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने कुपोषण को लेकर कई आदेश दिए हैं लेकिन उन आदेशों का सही से पालन ही नहीं हुआ। यही नहीं केन्द्र व राज्य सरकारें कुपोषण खत्म करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं। बावजूद इसके कुपोषण से होने वाली मौतों पर लगाम नहीं लग सकी है। श्योपुर जिले में हुईं 116 मौतें इसका उदाहरण हैं और इसके लिए वहां का प्रशासन ही पूरी तरह जिम्मेदार है।

अधिकारियों के स्थानांतरण से नहीं होती 116 मौतों की भरपाई
याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि कोई भी योजना तैयार होती है तो उसका क्रियान्वयन कलेक्टर करवाते हैं। लेकिन यहां उन्होंने योजनाओं के संचालन में लापरवाही बरती है और रहवासियों तक वह पहुंची ही नहीं हैं। इसी कारण जिले में 116 मौतें हुई हैं। हालांकि शासन ने कुछ अधिकारियों के स्थानांतरण किए हैं लेकिन इससे इन मौतों की भरपाई नहीं होती है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनकी सीआर में उनकी असफलता को लिखा जाना चाहिए। साथ ही भविष्य में होने वाली मौतों के लिए भी केन्द्र व राज्य की जिम्मेदारी तय की जाए। यह याचिका एक साल बाद सुनवाई में आई है।
पहले रिपोर्ट पेश करे याचिकाकर्ता
याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता से सवाल किए कि कौन सी रिपोर्ट में कुपोषण से मौत बताई गई है। बच्चों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेश क्यों नहीं की गई? कोर्ट ने याचिकाकर्ता को प्रशासन को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।












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