गुड़गांव: खुले में नमाज का हुआ उग्र विरोध, हिंदूवादियों ने जगह कब्जे में ली, बोले- वॉलीबॉल कोर्ट बनाएंगे यहां
गुड़गांव। हरियाणा के गुड़गांव जिले में खुले में नमाज पढ़ने का विरोध कर रहे कुछ हिंदूवादी संगठनों ने आज उग्र प्रदर्शन किया। हिंदूवादियों ने सेक्टर-12 ए में एक जगह को कब्जे में ले लिया और कहने लगे कि यहां 'वॉलीबॉल कोर्ट' बनाएंगे। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस दोनों समुदायों के बीच तनाव कम करने पहुंची। यहीं पर, एक हफ्ते पहले पुलिस ने 30 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। उससे पहले अक्टूबर महीने में भी यहां तनाव व्याप्त हो गया था, तब हिंदूवादियों ने "गुड़गांव प्रशासन, अपनी नींद से जागो" लिखे तख्तियों के साथ मार्च निकाला था। 5 नवंबर को यहां भारी संख्या में पुलिस को तैनात करना पड़ा था।

फिलहाल, कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि लोग वहीं चक्कर काट रहे हैं, जहां पर दो समुदायों के बीच विवाद चल रहा था। एक समुदाय के लोग आस-पास बैठे और मूंगफली खाते हुए दिख जाते हैं। उनमें से कई कहते हैं कि, यहां पर नमाज की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, नमाज की आड़ में हमारे इलाके में रोहिंग्या मुस्लिमों की आपराधिक गतिविधियां चलती हैं। ऐसे में यहां नमाज बिल्कुल नहीं पढ़ने दी जाएगी।
एक हिंदू संगठन के क्षेत्रीय पदाधिकारी ने कहा, ''हम यह स्पष्ट कह चुके हैं कि.. जमीन हमारी है और यहां किसी को नमाज की अनुमति नहीं देंगे।" वीर यादव नाम के शख्स ने कहा, ''देखिए हम यहां बच्चों के लिए खेल के आयोजन करवाएंगे। इसके लिए यहां पर वॉलीबॉल कोर्ट बनाएंगे (और) फिर बच्चे खेलेंगे। मगर.. सरकार भी सुन ले कि यहां नमाज नहीं होने देंगे, कुछ भी हो जाए।"
वहीं, मैदान के पास खड़े कुछ मुस्लिम युवकों ने कहा कि, "इस इलाके में अभी पुलिस-प्रशासन का दखल हुआ है। पिछले महीने कुछ हिंदूवादियों ने सेक्टर-12 ए और 47 सहित कई क्षेत्रों में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किए थे। जिसमें उन्होंने 'जय श्री राम' का नारा लगाते हुए रैली निकाली। वे लोग 'खुली जगहों पर नमाज बंद करो' की तख्तियां लिए हुए थे। हालांकि, पुलिस आई तो हालात शांतिपूर्ण हुए।"
मुस्लिम संगठनों की ओर से कहा जा रहा है कि, प्रशासन का निर्णय आने तक वे इस जगह पर नमाज़ अदा नहीं करेंगे। हालांकि, माहौल तनावपूर्ण होने की वजह यह है कि वहां कुछ हिंदूवादी आ गए हैं और वे वॉलीबॉल कोर्ट बनाने का दावा कर रहे हैं। असल में, वे नमाज को होने से रोक रहे हैं। कई बुजुर्ग मुस्लिम बोले, "हमने सभी से कहा है कि जब तक हमारे हिंदू भाइयों के साथ समझौता नहीं हो जाता, तब तक हम यहां नमाज नहीं पढ़ेंगे... डीसी साहब ने भी हमें एक सप्ताह का समय दिया है।"
विवादास्पद जमीन पर, पिछले सप्ताह गाय के उपले की पंक्तियाँ जमीन पर फैली हुई थीं, जिसके बारे में हिंदूवादियों ने कहा कि.. यह इलाका नमाज के लिए उचित नहीं है। वहीं, आज का विरोध-प्रदर्शन दोनों पक्षों के बीच एक साप्ताहिक गतिरोध बन गया है, जिस पर गुड़गांव के निवासियों ने कहा है कि, कुछ दक्षिणपंथी समूहों के सदस्यों द्वारा मामले को बढ़ाया जा रहा है, मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। मुसलमानों से कहा जा रहा है कि, जमीन खाली तो खाली ही रहेगी, यहां नमाज नहीं होने दी जाएगी।

बता दें कि, वर्ष 2018 में इसी तरह की झड़पों के बाद हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एक समझौते के बाद नमाज पढ़ने के लिए जो जगह तय हुई थी, वह सेक्टर-12 ए में साइट 29 (यह 37 हुआ करती थी) में से एक है। इनमें से कुछ स्थान, वास्तव में, सार्वजनिक संपत्ति हैं, जैसे कि सेक्टर 47 में से एक। हालांकि, अन्य निजी संपत्ति हैं, जिस पर नमाज पढ़ने पर आपत्ति नहीं उठाई जा सकती है।
पिछले हफ्ते (5 नवंबर को शुक्रवार की नमाज से पहले) गुड़गांव के अधिकारियों ने इनमें से आठ "नामित" स्थलों पर नमाज अदा करने की अनुमति वापस ले ली। प्रशासन ने कहा कि, तनाव व्याप्त न हो, इसलिए अभी "वहां अनुमति नहीं दी जाएगी"। क्योंकि, किसी भी सार्वजनिक और खुले स्थान पर नमाज के लिए प्रशासन की सहमति जरूरी है।
प्रशासन ने कहा था कि, उपायुक्त यश गर्ग द्वारा गठित एक समिति वैकल्पिक स्थलों की पहचान करने पर चर्चा करेगी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि समिति की बैठक हुई है या ऐसे स्थानों के चयन में प्रगति हुई है। उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा है कि सभी को अपनी प्रार्थना करने या नमाज पढ़ने करने का अधिकार है, लेकिन उन्होंने एक चेतावनी भी जारी की, जिसमें कहा गया है कि "जो लोग नमाज पढ़ते हैं उन्हें सड़क यातायात को अवरुद्ध नहीं करना चाहिए"।
वहीं, केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, जो कि हरियाणा से हैं, ने कहा कि लोगों को प्रार्थना करने की और नमाज पढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए यदि उक्त साइटों को ऐसे उद्देश्यों के लिए नामित किया गया हो।












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