बाढ़ से तनी गुजरात की मगरमच्छों वाली नदी, कहीं आंगन में घुसे तो कहीं ब्रिज पर चढ़ रहे मगर
वडोदरा। मानसूनी बारिश वडोदरा के लोगों के लिए इस साल भी चिंता का सबब बन गई है। लगातार हुई वर्षा के चलते यहां विश्वामित्री नदी, भरूच में नर्मदा और सौराष्ट्र के पोरबंदर स्थित पंथक में पानी की मात्रा बहुत बढ़ गई है। विश्वामित्री नदी अब खतरे के निशान के करीब है और शहर में बाढ़ आने के साथ-साथ ही लोगों में मगरमच्छों का खौफ छाने लगा है।

मगरमच्छों वाली नदी खतरे के निशान के करीब
बता दें कि, विश्वामित्री वडोदरा शहर के बीचों-बीच बहती है। यह नदी मगरमच्छों की भारी संख्या के लिए जानी जाती जाती है। नर्मदा में बाढ़ के चलते विश्वामित्री का जलस्तर काफी बढ़ गया है और इसका पानी निचले इलाकों तक पहुंच गया है। पानी के साथ ही मगरमच्छ रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में अब लोग इस तरह की समस्या का सामना करने को मजबूर हैं।

यहीं मिलते हैं 10 फीट तक लंबे मगरमच्छ
विश्वामित्री नदी में 10 फीट तक लंबे मगरमच्छ पाए जाते हैं। पिछले साल यानी 2019 की भारी बारिश के दरम्यान शहरभर में जलभराव हो गया था। जिसके चलते बड़ी संख्या में मगरमच्छ रिहायशी इलाकों में नजर आने लगे। फिर उन्हें रेस्क्यू कर-करके पकड़ा गया और वापस विश्वामित्री में छोड़ा गया।
आरएफओ (तत्कालीन) निधि दवे ने बताया था कि 2019 के मानसूनी सीजन में जुलाई से 22 सितंबर तक 76 मगरमच्छ पकड़े गए। जिनमें से 41 मगरमच्छों को 16 अगस्त के बाद पकड़ा गया। यह संख्या देश के किसी भी शहर के मुकाबले ज्यादा थी। इतने मगरमच्छ किसी और शहर में घुसने की खबरें नहीं आईं। यानी, यहां बड़ी संख्या में मगरमच्छ रहते हैं।'

शहरवासियों के लिए बन जाते हैं बड़ी आफत
वर्ष 2019 की बारिश के दौरान जब आधे से ज्यादा शहर पानी की चपेट में था और कई जगह छतों तक भर गया था। तब गले तक की मुसीबत के माहौल में उससे भी बड़ी आफत लोगों के लिए मगरमच्छ बन गए थे। बाढ़ से जूझते वडोदरा में मगरमच्छ शहरभर में रेंगते दिखाई देने लगे थे। वे गली-मोहल्लों में पानी के बहाव के साथ ही आ घुसे। गाय-कुत्तों पर हमला करने लगे। तब मगरमच्छों द्वारा इंसानों एवं पालतू पशुओं पर हमले के बहुत से वीडियो वायरल हुए।












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