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Gujarat News: घरेलू हिंसा केस में गुजरात हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, 'पति का एक थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं'

Gujarat News: गुजरात हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा से जुड़े एक पुराने मामले में अहम टिप्पणी की है। इस केस में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा है कि पति का पत्नी को मारा गया एक थप्पड़ अपने आप में 'क्रूरता' की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। जब तक कि लगातार प्रताड़ना या गंभीर उत्पीड़न के पुख्ता सबूत मौजूद न हों, इसे हिंसा नहीं कह सकते। इस फैसले के बाद घरेलू हिंसा कानूनों की व्याख्या को लेकर नई बहस छिड़ गई है। यह मामला वलसाड जिले का है, जहां 1995 में शादी के कुछ महीनों बाद एक महिला ने आत्महत्या कर ली थी।

मृतका के पिता ने आरोप लगाया था कि पति अक्सर देर रात घर आता था, पार्टियों में शामिल होता था और उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था। शिकायत में यह भी कहा गया कि जब महिला मायके में रह रही थी, तब पति वहां पहुंचा और उसे थप्पड़ मारा। इसी आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (क्रूरता) और 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया।

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Gujarat News: हाई कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटा

- साल 2003 में सेशन कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए क्रूरता के आरोप में एक वर्ष और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में सात वर्ष की सजा सुनाई थी। हालांकि, आरोपी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

- हाई कोर्ट ने मामले की दोबारा सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों का फिर से मूल्यांकन किया और पाया कि लगातार या असहनीय उत्पीड़न के पर्याप्त प्रमाण पेश नहीं किए गए।

- अदालत ने कहा कि केवल एक घटना के आधार पर किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि उत्पीड़न और आत्महत्या के बीच सीधा और स्पष्ट संबंध साबित न हो।

Gujarat High Court की टिप्पणी, 'एक थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं'

अपने आदेश में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मायके में बिना सूचना रुके रहने को लेकर विवाद हुआ था। इसमें पति के मारे गए सिर्फ एक थप्पड़ को कानूनी रूप से क्रूरता की परिभाषा में नहीं रखा जा सकता है। इन टिप्पणियों के साथ हाई कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला रद्द करते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। फैसले के बाद कानूनी विशेषज्ञों के बीच इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि घरेलू विवाद, वैवाहिक तनाव और आपराधिक दायित्व के बीच संतुलन किस प्रकार स्थापित किया जाए। सोशल मीडिया पर इसे लेकर यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

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