तारीख पर तारीख मिलती रहीं, 80 की उम्र के पार हुए 'गुरु', 27 साल बाद मिला रिटायरमेंट का लाभ
अहमदाबाद। "तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख मिलती रहीं.." भले एक फिल्मी डायलॉग कहा जाता है, लेकिन असल में भी ऐसा होता है। अदालतों में हजारों केस पेंडिंग में पड़े रहते हैं, लोग इंसाफ की खातिर तारीखों पर हाजिर होते रहते हैं, किसी को इंसाफ मिलता हो तो किसी को बरसों तक मिलता ही नहीं। अब यह एक गुजरात का ही मामला देखिए, यहां 3 शिक्षकों को 27 साल बाद उनके रिटायरमेंट का लाभ मिला है। इस इंसाफ की आस में वे आयु में 80 साल के पार हो गए।

महेसाणा के शिक्षकों को मिला हक
सेवानिवृत्त इन शिक्षकों के लिए ब्याज राशि के चेक सहित पेंशन अंतर की राशि बैंक को ट्रांसफर कराई गई। ऐसा गुजरात हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) की बेंच के समक्ष हुआ। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा- "कितने साल लग गए। इन शिक्षकों से पढ़े कुछ छात्र तो आज वकील या जज बन चुके होंगे।" इसके बाद मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने मेहसाणा जिले के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को फटकार लगाई। और, साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों को मिलने वाले लाभ की राशि का भुगतान कराया।

मुख्य न्यायाधीश ने अधिकारियों को फटकारा
न्याय की आस में खड़े शिक्षकों के हक में जब फैसला आया तो वे भावुक हो गए। फिर जज के आदेश पर उन्हें वहीं ब्याज की राशि दी गई। जज ने शिक्षा अधिकारियों के वकील को फटकार लगाई और कहा कि, "इन शिक्षकों की ओर देखो, इनसे पढ़ने वाले कुछ छात्र तो आज वकील या जज बन गए होंगे। और, इन्हें 27 साल इंतजार करना पड़ा।"

शिक्षकों को अदालत में ही ब्याज दिया गया
बता दें कि, मामला 1995 का है। जब उपरोक्त तीनों शिक्षक स्कूल से रिटायर हुए थे। मगर उन्हें उच्च वेतनमान और पेंशन का लाभ नहीं दिया गया। तब उन्होंने अदालत का रूख किया। तब से अब जाकर गुजरात हाईकोर्ट ने उन्हें उनका हक दिलाया। तीनों शिक्षकों को कुल 33 लाख 66 हजार रुपए का भुगतान कराया गया है।












Click it and Unblock the Notifications