Gujarat Election 2022: आप ने पाटीदार वोटर्स पर लगाया दांव, इस सीट से सबसे चहेते नेता को उतारा मैदान में

गुजरात में 182 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को दो चरणों में होगा। गुजरात का किला फतह करने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ से जमकर प्रचार किया जा रहा है। साथ ही पार्टी की तरफ से पाटीदार वोटर्स पर भी फोकस किया जा रहा है। पार्टी ने वराछा रोड विधानसभा सीट से अल्पेश कथिरिया को चुनाव प्रचार में उतारा है। शनिवार को जब वह प्रचार करने एक आवासीय कॉलोनी में पहुंचे तो उनके समर्थकों ने नारा लगाते हुए कहा कि कोई नहीं टक्कर में आ गया है, बब्बर शेर ! यहां पर कथिरिया की तरफ से जमकर प्रचार किया जा रहा है।

alpesh kathiria

वराछा रोड विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के लिए वह अपने समर्थकों के साथ जाकर डोर टू डोर प्रचार कर रहे हैं। इस दौरान उनके समर्थक भारत माता के जय के नारे लगा रहे हैं। वहीं, प्रचार के दौरान कुछ लोगों घरों से बाहर भी निकलकर उन्हें देखने आ रहे हैं। इस विधानसभा सीट पर उनकी हवा बन गई। क्योंकि कथिरिया 2015 में पाटीदार आरक्षण के दौरान प्रमुख नेता के रूप में उभरे थे। प्रचार के दौरान 28 वर्षीय कथिरिया को एक बुजुर्ग महिला ने आश्वसन दिया कि वह उन्हीं को वोट देगी औकर उनतके साथ है। कथिरिया अपने आक्रामक रुख के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि उन्हें 'बब्बर शेर' की उपाधि दी गई है।

कथिरिया ने पीटीआई से बात करते हुए बताया कि भाजपा सरकार ने पाटीदार समुदाय के साथ बहुत बड़ा विश्वसघात किया है। यही वजह है कि अब भाजपा से पाटीदार समुदाय कट चुका है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने 2017 के चुनाव में वायदा किया था कि वे हमारे खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस ले लेंगे, लेकिन सत्ता में लौटने के बाद ऐसा नहीं किया। भाजपा की तरफ से हमें बहुत बड़ा धोखा दिया गया है।

कथिरिया ने कहा कि आज भी 1000 से ज्यादा युवाओं के ऊपर मुकदमे दर्ज हैं। इसकी वजह से वे इस कोर्ट से उस कोर्ट में चक्कर लगा रहे हैं। कथिरिया ने कहा कि उनके खिलाफ देशद्रोह का मामले सहित 20 अन्य मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने न सिर्फ पाटीदार समुदाय के साथ धोखा किया है, बल्कि गुजरातियों के साथ भी धोखा किया है। पार्टी की तरफ से चुनाव के दौरान कई सारे वायदे किए गए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि गुजरात में लोग बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते पेट्रोल-दामों की कीमतों से जूझ रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार उदासीन बनी हुई है और उनकी समस्याओं को सुन नहीं रही है। कथिरिया ने कहा कि 2015 में पाटीदार युवाओं के खिलाफ भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कार्रवाई ने कई लोगों को पार्टी के खिलाफ कर दिया है। क्योंकि आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई में 14 पाटीदार युवक मारे गए थे। इसके अलावा पार्टी की तरफ से पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) के नेताओं पर भी कई मामले दर्ज किए गए थे।

आपको बता दें कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व करने वाले और भाजपा के मुखर आलोचक हार्दिक पटेल के इस साल जून में भाजपा में शामिल होने के बाद कथिरिया अपने समुदाय के युवाओं के बीच प्रमुखता से उभरे हैं। कथिरिया ने पिछले महीने ही AAP ज्वाइन किया है। 2019 में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन किया था। कांग्रेस में उन्होंने PAAS के संयोजक के रूप में पदभार संभाला था।

PAAS ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का दर्जा और पाटीदार समुदाय के युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर पूरे गुजरात में आंदोलन किया था। कथिरिया ने कहा कि "लोग भाजपा शासन से तंग आ चुके हैं और बदलाव चाहते हैं। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए, मुझे लगा कि मुझे बदलाव लाने के लिए सक्रिय राजनीति में प्रवेश करना चाहिए। ऐसे में मैंने आम आदमी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। क्योंकि यह पार्टी ईमानदारी और काम की राजनीति करती है। इस पार्टी की तरफ से जो कहा जाता है, वह किया जाता है।

उन्होंने कहा अगर आप यानि कि हमारी पार्टी की सरकार आती है तो 2015 के आरक्षण आंदोलन में हिस्सा लेने वालों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस ले लेगी। साथ ही हमारी जनता से किए गए सभी वादों को भी पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि आप ने गुजरात में सत्ता में आने पर 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सुविधाएं और 18 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपए मासिक भत्ता देने का ऐलान किया है।

कथिरिया ने कहा कि वराछा रोड विधानसभा क्षेत्र में पाटीदारों का दबदबा है। यहां पर 2.19 लाख मतदाताओं में से लगभग 90 प्रतिशत मतदाता पाटीदार समुदाय से हैं। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल आंकड़े ही कथिरिया की जीत की गारंटी नहीं दे सकते हैं। इस सीट पर भाजपा और आप के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा।

वहीं, यहां पर रह कर टेक्स्ट टाइट का व्यापार करने व्यापारी प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि यहां पर अल्पेश कथिरिया अपने निस्वार्थ कार्य और गतिशीलता के कारण यहां विशेष रूप से युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। वह जरूरतमंदों के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। लेकिन उन्हें समुदाय का पूरा समर्थन नहीं मिलेगा। व्यापारी ने कहा कि पर लड़ाई कड़ी होगी। लेकिन आखिर में भाजपा ही जीतेगी। क्योंकि पार्टी की तरफ से सूरत में बहुत काम किया गया है।

व्यापारी प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि यहां कि किसी भी विधानसभा सीट पर कांग्रेस का दबदबा नहीं है। सूरत के हर विधानसभा सीट पर भाजपा की पकड़ मजबूत है। हालांकि, पटेल ने इस बात को भी स्वीकार किया है कि आप के चुनाव पूर्व वादों ने कई मतदाताओं का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि कई लोग यह भी सोचते हैं कि मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं से उन्हें पैसे बचाने में मदद मिलेगी। खासकर जब परिवार के बुजुर्गों के इलाज आदि की बात हो। उन्होंने कहा कि कथिरिया के आप में जाने की वजह से अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी सौराष्ट्र क्षेत्र में भी भाजपा के खिलाफ पाटीदारों की नाराजगी का लाभ उठाने की उम्मीद कर रही है।

चुनावी एक्सपर्ट्स के मुातबिक पाटीदारों के प्रभुत्व वाले सौराष्ट्र क्षेत्र में 48 विधानसभा सीटें हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में 28 सीटों पर कांग्रेस 19 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। राजनीतिक एक्सपर्ट्स ने 2017 में इस क्षेत्र में भाजपा की 11 सीटों के नुकसान के लिए पाटीदार आरक्षण आंदोलन को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं, गुजरात चुनाव को लेकर गुजरात आप के मुख्य प्रवक्ता योगेश जाधवानी ने कहा कि हम सौराष्ट्र में 48 में 40 सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करने और कई सीटें जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। क्योंकि क्षेत्र के लोगों का हमें जमकर समर्थन मिल रहा है।

वहीं, सूरतमें कई स्थानीय लोगों को लगता है कि AAP वराछा विधानसभा क्षेत्र सहित पांच अन्य सीटों - कामरेज, सूरत उत्तर, कटारगाम, ओलपाड और करंज में भाजपा को कड़ी टक्कर देगी। क्योंकि यहां पर अन्य जातियों के मुकाबले 70-80 प्रतिशत पाटीदार वोटर हैं।

आप की तरफ से गुजरात प्रमुख गोपाल इटालिया को कतरगाम विधानसभा सीट से, राज्य महासचिव मनोज सोरठिया को करंज से, 2015 के आरक्षण आंदोलन के नेता धार्मिक मालवीय को ओलपाड से, हीरा व्यवसायी महेंद्र नेवादिया को सूरत उत्तर से और राम धदुक को कामरेज से मैदान में उतारा है। हालांकि, पाटीदार वोटर्स का फायदा यहां पर उठाया जा सके, इसलिए भाजपा ने पाटीदार वोटर्स को ही चुनाव में उतारा है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से अभी नामों का ऐलान नहीं किया गया है। यहां कि सभी 6 सीटों पर पहले चरण यानि कि 1 दिसंबर को मतदान होगा।

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