गुजरात: कई फीट तक पानी भरा तो जीव-जंतु इंसानी बस्तियों में घुसने लगे, घरों तक पहुंच गए मगरमच्छ

कच्छ। सौराष्ट्र क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश की वजह से दक्षिण गुजरात के ज्यादातर इलाके जलमग्न हो गए हैं। अन्य जिलों की तरह इस बार कच्छ में भी खूब वर्षा हुई। पानी से बांध तन गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। पानी भरने की समस्या से जूझ रहे लोगों को अब रैपटाइल्स की समस्या से भी दो-चार होना पड़ रहा है। जंगली जीव-जंतु इंसानी बस्तियों में घुस रहे हैं।

रिहायशी इलाकों में मगरमच्छ और सांप

रिहायशी इलाकों में मगरमच्छ और सांप

पिछले 2-3 दिनों से हो रही जोरदार बारिश के बीच मगरमच्छ और सांप नखत्राणा गांव, आणंदसर और वेडहार में विचरण करते नजर आए। हालांकि, सूचना मिलने के बाद वन-‌विभाग की टीम ने उन्हें पकड़कर सुरक्षित जगहों पर छोड़ दिया। इसी तरह कुछेक जगह सांप भी पकड़े गए। लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां बुधवार को तीन मगरमच्छ पकड़े गए। एक मगरमच्छ तो एक घर के दालान तक भी पहुंच गया।

बिजली से 5 जीव मरे

बिजली से 5 जीव मरे

नखत्राणा तहसील के वेडहार मोटी गांव में बिजली पोल का करंट लगने से 5 जीवों की मौत हो गई। मालूम हो कि, वर्ष 2019 में भी गुजरात के कई शहरों में काफी मगरमच्छ पकड़े गए थे। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि, मगरमच्छ वडोदरा जिले के रिहायशी इलाकों में आते रहते हैं। यह दिलचस्प बात है कि, वडोदरा मगरमच्छों के लिए देश में सर्वाधिक प्रसिद्ध जगह रही है।

वडोदरा में हैं सर्वाधिक मगरमच्छ

वडोदरा में हैं सर्वाधिक मगरमच्छ

यहां की विश्वामित्री नदी में 10 फीट तक लंबे मगरमच्छ पाए जाते हैं। पिछले साल यानी 2019 की भारी बारिश के दरम्यान शहरभर में जलभराव हो गया था। जिसके चलते बड़ी संख्या में मगरमच्छ रिहायशी इलाकों में नजर आने लगे। फिर उन्हें रेस्क्यू कर-करके पकड़ा गया और वापस विश्वामित्री में छोड़ा गया।

भारत के किसी भी शहर से ज्यादा निकले

भारत के किसी भी शहर से ज्यादा निकले

तत्कालीन आरएफओ निधि दवे ने बताया था कि 2019 के मानसूनी सीजन में जुलाई से 22 सितंबर तक 76 मगरमच्छ पकड़े गए। जिनमें से 41 मगरमच्छों को 16 अगस्त के बाद पकड़ा गया। यह संख्या देश के किसी भी शहर के मुकाबले ज्यादा थी। इतने मगरमच्छ किसी और शहर में घुसने की खबरें नहीं आईं। यानी, यहां बड़ी संख्या में मगरमच्छ रहते हैं।

शहरवासियों के लिए बन जाते हैं बड़ी आफत

शहरवासियों के लिए बन जाते हैं बड़ी आफत

वर्ष 2019 की बारिश के दौरान जब आधे से ज्यादा शहर पानी की चपेट में था और कई जगह छतों तक भर गया था। तब गले तक की मुसीबत के माहौल में उससे भी बड़ी आफत लोगों के लिए मगरमच्छ बन गए थे। बाढ़ से जूझते वडोदरा में मगरमच्छ शहरभर में रेंगते दिखाई देने लगे थे। वे गली-मोहल्लों में पानी के बहाव के साथ ही आ घुसे। गाय-कुत्तों पर हमला करने लगे। तब मगरमच्छों द्वारा इंसानों एवं पालतू पशुओं पर हमले के बहुत से वीडियो वायरल हुए।

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