भोजपुरी केवल भाषा नहीं, हमारी संस्कृति और अस्मिता का प्रतीक : प्रो. पूनम टंडन

DDU University Latest News In Hindi Gorakhpur Uttar Pradesh: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी संगोष्ठी में भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। संगोष्ठी का आयोजन विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग एवं भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया "भाई" के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसका उद्घाटन कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। बतौर मुख्य अतिथि भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन, मॉरीशस की पूर्व अध्यक्ष डॉ. सरिता बुधु की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अपने संबोधन में कहा, "भोजपुरी केवल भाषा नहीं, यह हमारी संस्कृति, परंपरा और अस्मिता का प्रतीक है। किसी भी संस्कृति को गहराई से समझने के लिए उसकी भाषा और उसके साहित्य को समझना अत्यंत आवश्यक है।" यह एक सराहनीय कार्यक्रम है, इस तरह के आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में सहायक होते हैं। अपनी बात आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मॉरीशस और भारत के बीच शोध और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा कि भारत देश फूलों का गुलदस्ता है और भिन्न भिन्न भाषाएं इसके फूल। सभी भाषाओं का सम्मान होना चाहिए। भोजपुरी लोगों को दिल से जोड़ने का काम करती है। लोगों को जोड़ने का यह बेहतर प्लेट फॉर्म है। भोजपुरी के लिए हम सभी एक साथ मिलकर आगे आना चाहिए और इसे और बढ़ावा देने के लिए प्रयास करना चाहिए। भोजपुरी भाषा शहर के लोगों को विश्वविद्यालय से जोड़ने का सबसे अच्छा माध्यम है।

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गोरखपुर विश्वविद्यालय में भोजपुरी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए कुलपति ने भोजपुरी एसोसियन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव और अंग्रेजी विभाग के हेड प्रोफेसर अजय कुमार शुक्ला को शुभकामनाएं दी।
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