Success Story: यूं ही नहीं बने 'स्ट्रीट वेंडरों' के मसीहा, चुना कठिन रास्ता, ऐसे हासिल की कामयाबी
Success Story: कहते हैं सपने देखने चाहिए। इन सपनों को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम भी करनी चाहिए। आज हम दो ऐसे भाइयों की सफलता की कहानी आपको सुनाने जा रहे हैं जिन्होंने सपना देखा, इसे पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत की, कई बार असफलताएं भी मिली , लेकिन इन भाइयों ने हिम्मत नहीं हारी, प्रयास जारी रखा।
अंत में इन्हें सफलता मिली और आज ये कई युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। हम बात कर रहे हैं गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके के रहने वाले मिश्रा बंधुओं (विशाल और राहुल) की।

दो भाई राहुल और विशाल जिन्होंने देखा सपना (Success Story)
दो भाई राहुल और विशाल ने आईटी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना रास्ता देखा। राहुल जिन्होने लखनऊ के प्रतिष्ठित बाबू बनारसी दास राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में बीटेक किया। अपने कौशल को और निखारते हुए, उन्होंने सीडैक नोएडा से वायरलेस और मोबाइल कंप्यूटिंग में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया। अपने कौशल का उपयोग करके बदलाव लाने का सपना देखते थे। विशाल मिश्रा ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई प्रतिष्ठित केंद्रीय विद्यालय संस्थान से की। फिर डिजाइनिंग एवं वीएफ़एक्स में बीएससी और विज़ुअलाइज़ेशन ग्राफिक्स और यूजर एक्सपीरियंस डिज़ाइन में एमएससी किया।
बुलंद हौसलों के साथ की शुरुआत (Success Story)
विशाल कहते हैं कि वर्ष 2014 में हमने नए सफर की शुरुआत की। Codes Gesture की स्थापना की। इस समय पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के क्षेत्रों में आईटी सेवाओं और डिजिटल जागरूकता की भारी कमी थी। विशाल बताते हैं कि इस समय हमारे सामने कई चुनौतियां थी। स्थानीय व्यवसायों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का कठिन रास्ता चुना।
डिजिटल उड़ान अभियान ने बदली हजारों की जिंदगी
विशाल और राहुल बताते हैं कि उन्होंने न केवल तकनीकी समाधान प्रदान करने का काम शुरू किया। इसके साथ ही शहर के अनदेखे नायकों - स्ट्रीट वेंडरों को सशक्त बनाने का भी काम किया। आज "डिजिटल उड़ान" अभियान इन छोटे व्यवसायों को पारंपरिक गलियों से व्यापक डिजिटल दुनिया में ले जा रहा है, उन्हें मुफ्त वेबसाइटें और आधुनिक युग में पनपने के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान कर रहा है। अब तक 5000 से अधिक वेंडरों की जिंदगी में हम बदलाव ला सके हैं।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्थानों को किया डिजिटाइज़ (Success Story)
इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्थानों को डिजिटाइज़ करना है, ताकि लोग घर बैठे ही मंदिरों और धार्मिक आयोजनों से जुड़ सकें। 2022 से हर साल, डिजिटल दर्शन गोरखपुर के प्रमुख त्योहारों और धार्मिक आयोजनों की तस्वीरें और वीडियो देश-दुनिया तक पहुँचा रहा है। चाहे आप गोरखपुर में हों या कहीं दूर, माँ के दर्शन और शहर की रौनक अब आपके साथ हर समय। यह अभियान विशेष रूप से उन लोगों के लिए सेतु का काम करता है जो दूरी या स्वास्थ्य कारणों से इन स्थानों पर नहीं जा सकते।
माता पिता को बेटों पर है अभिमान
राहुल और विशाल के माता पिता उनकी उपलब्धियों से खासा उत्साहित हैं । उनके पिता राजेंद्र मिश्रा जो उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं कहते हैं कि दोनों बेटों ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम की है। आज उनकी मेहनत का नतीजा है। मां आरती मिश्रा कहती हैं कि बेटों की उपलब्धि पर खुशी होती है।
युवाओं से की अपील (Success Story)
राहुल और विशाल युवाओं से अपील करते हैं कि किसी को भी जीवन में निराश नहीं होना चाहिए। लक्ष्य निर्धारित कर कठिन परिश्रम करने से ही सफलता मिलती है।












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