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MMMUT Gorakhpur के दशम दीक्षांत समारोह का हुआ समापन, 1473 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

MMMUT Gorakhpur Dikshant Samaroh News Uttar Pradesh: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर का दशम दीक्षांत समारोह 26 अगस्त 2025, मंगलवार को विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित हुआ। दसवें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल, उत्तर प्रदेश आनंदीबेन पटेल ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्ष, इसरो एवं सचिव, अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार डॉ वी नारायणन उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में मंत्री, मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार डॉ संजय निषाद जबकि विशेष अतिथि के रूप में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक युगेश कुमार दीक्षित मौजूद रहे। कुलाधिपति, मुख्य अतिथि, एवं विशिष्ट अतिथि सहित अन्य अतिथियों ने समारोह स्थल पर आगमन के उपरांत दीक्षांत वेश धारण कर शैक्षणिक शोभायात्रा के साथ सभागार में प्रवेश किया। शैक्षणिक शोभायात्रा के सभागार में विराजमान होने के बाद विद्यार्थियों ने वंदे मातरम् का गायन किया। इसके बाद कुलाधिपति द्वारा दीक्षांत समारोह के औपचारिक आरम्भ की घोषणा की गई।

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उपाधि प्रदान करने से पूर्व उत्तीर्ण हो रहे विद्यार्थियों को कुलपति ने निम्नलिखित दीक्षोपदेश दिया : -

" कुलाधिपति की अनुमति से मैं तुमको इस प्रकार का प्रबोधन देता हूं:-
सत्य बोलो|
धर्म का आचरण करो।
स्वाध्याय से प्रमाद मत करो।
माता को देवता मानो।
पिता को देवता मानो।
आचार्य को देवता मानो।
अतिथि को देवता मानो।
जो हमारे अच्छे आचरण हैं, वे ही तुम्हारे द्वारा ग्रहणीय हैं, अन्य नहीं।
यही आदेश है, यही उपदेश है, यही अनुशासन है।
तुम्हारा पथ मंगलमय हो।

समारोह के दौरान डॉ वी नारायणन को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि के अतिरिक्त कुल 1473 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में बी टेक सिविल इंजीनियरिंग के 179 छात्र, बी टेक कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के 186 छात्र, बी टेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 181 छात्र, बी टेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के 178 छात्र, बी टेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 163 छात्र, बी टेक केमिकल इंजीनियरिंग के 88 छात्र, एवं बी टेक आई टी के 89 (कुल 1064 बी टेक छात्र) शामिल रहे| समारोह के दौरान बी टेक के अतिरिक्त, 70 छात्रों को बी बी ए, 65 को बी फार्म, 47 छात्रों को एमटेक, 72 छात्रों को एमबीए, 68 छात्रों को एमसीए, 16 छात्रों को एमएससी (भौतिकी), 23 छात्रों को एमएससी (रसायन विज्ञान), 05 छात्रों को एमएससी (गणित), एवं 44 छात्रों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 1089 पुरुष अभ्यर्थी जबकि 384 महिला अभ्यर्थी शामिल रहे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को कुल 45 स्वर्ण पदकों से विभूषित किया गया जिनमें 3 कुलाधिपति स्वर्ण पदक, 19 कुलपति स्वर्ण पदक सहित 23 प्रायोजित स्वर्ण पदक शामिल रहे|

बी टेक कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के टॉपर दिव्यांश तिवारी को सर्वाधिक 5 स्वर्ण पदक (कुलपति स्वर्ण पदक, स्व. श्री मुन्नी लाल जैन स्मृति स्वर्ण पदक, श्री रोमेश चंद्रा एवं श्रीमती किशोरी देवी स्वर्ण पदक, आर एस सिंह एम ई '69' स्वर्ण पदक, और क्लास ऑफ़ 1994 स्वर्ण पदक) प्रदान किये गए। विश्वविद्यालय पहली बार 3 कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किये गए| तीनों कुलाधिपति स्वर्ण पदक छात्राओं को प्रदान किये गए जो क्रमशः निम्न हैं (i) चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की सर्वोच्च अंक प्राप्तकर्ता मृडानी त्रिपाठी, बी फार्म. को, (ii) तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की सर्वोच्च अंक प्राप्तकर्ता ऋद्धि वैश्य, बी बी ए को, एवं (iii) परास्नातक पाठ्यक्रमों की सर्वोच्च अंक प्राप्तकर्ता अर्चना आनंद, एम टेक, वी एल एस आई को|

इन विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किये गए:

अदिति वर्मा, एम टेक सिविल: कुलपति स्वर्ण पदक

अभिषेक राव, एम टेक कंप्यूटर साइंस: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व श्री जगन्नाथ सिंह स्मृति स्वर्ण पदक

चित्रांगी सिंह, एम टेक आई टी: कुलपति स्वर्ण पदक

अर्चना आनंद, एम टेक इलेक्ट्रिकल: कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कुलपति स्वर्ण पदक, स्व श्री जनकराज सिंह स्मृति स्वर्ण पदक

अभय कुमार सिंह, एम टेक मैकेनिकल: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व श्री इंद्रासन लाल श्रीवास्तव स्वर्ण पदक, स्व. शिव कुमार कंसल स्वर्ण पदक

श्यामल कुमार, एम एस सी भौतिकी: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व पंडित सालिकराम पांडेय स्मृति स्वर्ण पदक

खुशबू मौर्य, एम एस सी गणित: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व कालीचरण कांडू स्मृति स्वर्ण पदक

राहुल मद्धेशिया, एम एस सी रसायन विज्ञान: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व डॉ हरीश चंद्र पांडेय स्मृति स्वर्ण पदक

आयुषी श्रीवास्तव, एम बी ए: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व श्री शिवनाथ सिंह स्मृति स्वर्ण पदक

सचिन चौहान, एम सी ए: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व बाबू लाल गोयल स्वर्ण पदक

रिद्धि वैश्य, बी बी ए: कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कुलपति स्वर्ण पदक

मृदानी त्रिपाठी, बी फार्म: कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कुलपति स्वर्ण पदक, श्रीमंत उर्मिला कृष्णदेव स्वर्ण पदक

दिव्यांश तिवारी, बी टेक कंप्यूटर साइंस: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व. श्री मुन्नी लाल जैन स्मृति स्वर्ण पदक, श्री रोमेश चंद्रा एवं श्रीमती किशोरी देवी स्वर्ण पदक, आर एस सिंह एम ई '69' स्वर्ण पदक, और क्लास ऑफ़ 1994 स्वर्ण पदक

आस्था सिंह सचान, बी टेक कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग को बी टेक की सभी शाखाओं में छात्राओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए स्व. श्रीमती लीलावती देवी स्मृति स्वर्ण पदक

आदित्य शर्मा, बी टेक इलेक्ट्रॉनिक्स: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व देवकी देवी नांगलिया स्वर्ण पदक

आयुष मौर्य, बी टेक सिविल: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व लच्छन राय स्मृति स्वर्ण पदक, आई सी आई अल्ट्राटेक सीमेंट स्वर्ण पदक

प्रथम कुमार गौड़, बी टेक इलेक्ट्रिकल: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व इंजी गौरी शंकर दास स्मृति स्वर्ण पदक

लक्ष्मीकांत सिंह, बी टेक मैकेनिकल: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व श्री काली चरण कंदोई स्मृति स्वर्ण पदक

यशस्वी चंदवारिया, बी टेक मैकेनिकल: बी टेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग की छात्राओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए स्व. श्री जसवंत लाल कालरा एवं स्व. श्रीमती जनक कालरा स्वर्ण पदक

शुभम तिवारी, बी टेक केमिकल इंजीनियरिंग: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व श्री हरि प्रसाद गोयनका स्मृति स्वर्ण पदक

आयुषी अग्रवाल, बी टेक आई टी: कुलपति स्वर्ण पदक, स्व श्री गणेश प्रसाद शाही स्मृति स्वर्ण पदक

विभिन्न पाठ्यक्रमों में द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को रैंक सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों क्रमशः जंगल राम लखना, जंगल अयोध्या प्रसाद, जंगल बेलवार, डुमरी खुर्द, और रायगंज के 22 स्कूली बच्चे दीक्षांत समारोह में सम्मिलित हुए। इनमें से दीक्षा उत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विजेता घोषित किये गए चार बच्चों को माननीय कुलाधिपति महोदया द्वारा मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। दीक्षा उत्सव के भाषण प्रतियोगिता की विजयी प्रतिभागी छात्रा सुहानी द्वारा दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रचेतना पर भाषण प्रस्तुत किया गया। समारोह का एक आकर्षण स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण संबंधित एक गीत की प्रस्तुति रही। मा. कुलाधिपति महोदया द्वारा राजभवन की ओर से इन गावों में स्थित विद्यालयों को 501 पुस्तकें भेंट की गईं जिन्हें इन विद्यालयों की लाइब्रेरी में रखा जाएगा। स्कूली बच्चों में मा. कुलपति महोदया ने पुस्तकें, लेखन सामग्री, फल इत्यादियुक्त किट वितरित की| माननीय कुलाधिपति महोदया द्वारा कुशीनगर जनपद की 300 आंगनबाडियों को किट उपलब्ध कराए जाने के संकल्प के दृष्टिगत दीक्षांत के मौके पर 10 आंगनबाड़ी केंद्रों को 100 किट माननीय कुलाधिपति महोदया द्वारा वितरित की गई। इस अवसर पर कुशीनगर की मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी मौजूद रहीं।

कार्यक्रम के दौरान कुलाधिपति, मुख्य अतिथि, एवं विशिष्ट अतिथि के कर कमलों से निम्न पुस्तकों का विमोचन भी हुआ:

इंजीनियरिंग फिजिक्स, लेखक: प्रो बी के पांडेय

United Nation Sustainable Development Goals: Strategic Vision for Accomplishment, संकलन: डॉ एस एन सिंह

Roadmap for Viksit Bharat@2047, संकलन: डॉ एस एन सिंह

योगपथ, संपादक: डॉ एम आर आनंद

Fundamental of Drone/ UAV, लेखक: प्रो वी के गिरि, डॉ शेखर यादव, डॉ नीतेश तिवारी

छात्र पत्रिका मालविका, प्रवाह, कार्विंग्स, एवं टायरेशिया

कुलपति प्रो जे पी सैनी ने अतिथियों का स्वागत किया एवम विश्वविद्यालय की सत्र 2024- 2025 की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं पॉवरग्रिड कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया के बीच 144 क्षमता के वातानुकूलित महिला छात्रावास के निर्माण के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत पॉवरग्रिड कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी के अंतर्गत रु 13.67 करोड़ की वित्तीय सहायता से विश्वविद्यालय में एक महिला छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा जिसका नाम 'पॉवरग्रिड गर्ल्स हॉस्टल' होगा| दीक्षांत समारोह के अवसर पर निम्न शिक्षकों को एकेडमिक एंड रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया:

प्रो बी के पांडेय
प्रो डी के द्विवेदी
प्रो आर के यादव
प्रो राकेश कुमार

समारोह को संबोधित करते हुए विशेष अतिथि युगेश कुमार दीक्षित ने कहा कि आज उत्तीर्ण होने वाले सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के एम्बेसडर हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि सीखने की आदत डालें और सीखने की प्रवृति बनाए रखें। जो निरन्तर सीखते रहते हैं वे जीवन में आगे बढ़ते हैं एवं सुखी रहते हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि अपने कार्य के प्रति ईमानदारी ज़रूरी है, अपना काम ईमानदार और समझदारी से करना भी उपासना करने के समान ही पवित्र होता है। उन्होंने बताए कि पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन द्वारा CSR के अंतर्गत लगभग रु 200 करोड़ रूपये की परियोजनाएं पूरी की गई हैं और इसी कड़ी में विश्वविद्यालय परिसर में महिला हॉस्टल बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में कुलपति ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि को स्मृतिचिन्ह भेंट किया जबकि मा कुलाधिपति को फलों की टोकरी भेंट की। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ श्री सी पी प्रियदर्शी ने किया। इस दौरान नगर के गणमान्य नागरिकों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र सहित शिक्षक, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

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