'संघर्ष न हो तो जिंदगी बेकार है वे', बॉलीवुड एक्टर संजय मिश्रा बेबाक बातचीत में बोले वन इंडिया रिपोर्टर से
Bollywood actor Sanjay Mishra Special Interview: अपने अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड एक्टर संजय मिश्रा इन दिनों गोरखपुर दौरे पर हैं। वह यहां आयोजित गोरखपुर लिटफेस्ट कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।इस दौरान उन्होंने वन इंडिया हिंदी से बेबाक बातचीत की। उन्होंन बचपन से लेकर बॉलीवुड तक के सफर पर विस्तार से चर्चा की।
अब भी जारी है सफर
संजय मिश्रा ने बिहार से बॉलीवुड तक के सफर पर कहा कि यह प्रश्न मुझसे कई बार पूछा जा चुका है। मैंने उतनी बार सफर नहीं किया। जितना ये प्रश्न मुझसे पूछा गया। सफर आज भी जारी है। जिंदा हैं, बढ़िया हैं, कुछ अपने आप से करने की कोशिश की करते हैं समाज उसको पसंद करता है, अपना प्यार देता है।

सभी की तरह है मेरा भी बचपन
बचपन जैसे सभी का होता है वैसे मेरा भी था। बात के दौरान उन्होंने वन इंडिया रिपोर्टर से पूछा कि आपका बचपन कैसा था। इसके बाद उन्होंने कहा कि 'जैसे आपका बचपन था वैसे मेरा बचपन। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि मेरा बचपन,तेरा बचपन, हम सभी का बचपन।' बचपन तो सबसे निराला होता है। सबसे शानदारन समय होता है।
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पढ़ाई में था नालायक
पढ़ाई के सवाल पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि 'मैं पढ़ाई में थोड़ा ना लायक था। लायक नहीं था।' मेरा दिमाग ही पढ़ाई में नहीं जाता था। उस समय मेरे पास एक वॉकमैन होता था। जिसमें मैं कैसेट डालकर बजाता था। बाद में सीडी आ गया।
कलाकार बनना है यह बात तय थी
मैं अक्सर म्यूजिक सुनता था। कुछ पता नहीं था कि मैं क्या बनूंगा। लेकिन एक बात तय थी कि मुझे कलाकार बनना है।
गोरखपुर में है बुआ का घर
संजय मिश्रा की बुआ का घर गोरखपुर के जगन्नाथपुर कॉलोनी में है। वरिष्ठ पत्रकार व पूर्व संपादक सुजीत पाण्डेय संजय मिश्रा के बुआ के लड़के हैं। यहां के बारे में संजय मिश्रा बताते हैं कि अक्सर छुट्टियों में यहां आया करता था। बहुत मजा आता था। फूफा जी मेरे तरह ही बहुत मजाकिया और जिंदादिल इंसान थे। कुछ यादें शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि 'एक बार जब मैं यहां आया था तब फूफा जी ने कहा कि संजय जा यार मटर ले आ। उसके बाद मैं मटर लाया। मटर लाने के बाद उन्होंने बोला कि अरे इसे छिलेगा कौन । इसके बाद मटर छिला और बनाया। सबने मिलकर खाया।'

खेती-बारी में है विशेष रुचि
संजय मिश्रा ने कहा कि मुझे खेती बारी और किसानी का काम बहुत अच्छा लगाता है। इस समय मैं इसमें भी लगा हूं। आपसे बात कर रहा हूं लेकिन ध्यान अपने टमाटर के पौधे पर है कि कितना बड़ा गया। साथी बोलते हैं यार एक बार में सौ किलो टमाटर होगा तुम क्या करोंगे। मैंने मजाकिया अंदाज में कहा बेचूंगा, सब्जी बेचने में टॉप पर रहूंगा।
संघर्ष खत्म तो सब कुछ खत्म
बॉलीवुड एक्टर संजय मिश्रा बेबाक बातचीत में वन इंडिया से रिपोर्टर बोले कि संघर्ष न हो तो जिंदगी बेकार है वे', उन्होंने कहाकि संघर्ष जीवन भर चलता है।
आने वाली मूवी
संजय मिश्रा ने अपने आनी वाली फिल्मों के बारे में बताते हुए कहा कि जल्द ही दर्शकों के बीच मेरी कई फिल्में जैसे भूल भूलैया,धमाल,गोलमाल, प्रीतम प्यारे होगी। जो दर्शकों का मनोरंजन करेगी।
युवाओं से की यह अपील
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि निराश न हों। कड़ी मेहनत करते हुए सतत प्रयास बनाएं रखें।












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