'रावण से बड़ा नहीं है योगी, सत्ता हमेशा किसी की नहीं रही...', यति नरसिंहानंद के फिर बिगड़े बोल
गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। यति नरसिंहानंद पुलिस के सामने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर विवादित शब्द कहते नजर आए। इसी दौरान पुलिस और उनके बीच हुई बहस का वीडियो भी सामने आया है।
यति नरसिंहानंद ने गाजियाबाद पुलिस पर इलाके के मुसलमानों से पैसे और शराब लेने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सीएम आदित्यनाथ रावण से बड़े नहीं हैं। बताया जा रहा है पुलिस ने नरसिंहानंद को नजरबंद कर दिया है।

दरअसल यति नरसिंहानंद सरस्वती बीती 27 तारीख को मेरठ के खजुरी गांव जाना चाहते थे। यहां एक साल पहले दीपक त्यागी की हत्या कर दी गई थी।उसी की बरसी में शामिल होने वो खजुरी गांव जाना चाहते थे। गाजियाबाद पुलिस ने मंदिर पर पहुंचकर उन्हें रोक दिया और नजरबंद कर दिया। इससे वो बरसी के कार्यक्रम में नहीं जा पाए।
इसको लेकर उन्होंने अपने खून से एक शिकायत पत्र सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखा था। जिसे वह पैदल यात्रा करके गाजियाबाद से लखनऊ जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपने जाना चाहते थे। सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पुलिस ने उन्हें इस बार भी रोक दिया।
जिस पर यति नरसिंहानंद बिफर गए। इस दौरान वह पुलिस पर गंभीर आऱोप लगाते नजर आए। वायरल हो रही वीडियो में यति नरसिंहानंद कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि, यहां सारे पुलिस वालों के पास शराब मुसलमानों से पहुंचती है। पैसा सारा मुसलमानों से पहुंचता है सभी अफसरों के पास। जितनी इच्छा है पुलिस वालों की वो सब मुसलमान पूरी करते हैं। ये सारा ब्यौरा में सीएम योगी को दूंगा।
इस दौरान यति सीएम योगी औऱ पीएम मोदी पर भड़कते नजर आए। याति ने कहा कि, हमने मुलायम सिंह यादव का समय देखा, कभी नहीं रूके पुलिस से, फिर हमने मायावती का समय देखा। ये पूरा इलाका जानता है। उसके बाद हमने अखिलेश यादव का समय देखा। आज वहां पर हमारा ही आदमी मुख्यमंत्री बनकर बैठा है और आप हमें ही कुचल रहे हो। क्यों वह आपकी बात सुन रहे हैं और हमारी बात नहीं सुन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, पुलिस मनमानी कर उन्हें कुचल रही है। योगी पुलिस की बात सुन रहे हैं, उनकी नहीं। उन्होंने कहा कि योगी रावण से बड़ा नहीं है। कभी योगी को लगता हो कि सत्ता बड़ी है। मैं तो आज मर जाऊंगा या कल। सत्ता कभी किसी की नहीं रहने वाली है। पुलिस जानबूझकर सुरक्षा कम कर रही है।
काफी जद्दोजहद के बाद शाम तक गाजियाबाद पुलिस ने शिष्यों को लखनऊ जाने की अनुमति दे दी। डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव का कहना है कि उनको नजरबंद नहीं किया गया था सुरक्षा की दृष्टि से उनको रोका गया था। शिष्य पैदल यात्रा की अनुमति मांग रहे थे इसलिए उनको रोका जा रहा था शाम को अनुमति दे दी गई थी।












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