गांधीनगर से शाह को टिकट देकर भाजपा ने एक तीर से साधे तीन निशाने
Gujarat News in Hindi, गांधीनगर। भाजपा ने गुजरात के गांधीनगर की वीवीआईपी सीट पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लोकसभा चुनाव का टिकट दे दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा करके सत्ताधारी दल ने एक कंकड से 3 पक्षी मारने की कहावत चरितार्थ की है। पहली ये कि, पार्टी ने राष्ट्रीय नेता को मैदान में उतारा है, क्योंकि पार्टी को 26 सीटें चाहिये। दूसरे, आडवाणी को हटाकर पार्टी ने दूसरी कैडर के लिए रास्ता साफ कर दिया है और तीसरा, गुजरात के सांसद को केंद्र में गृहमंत्री पद देने की मंशा जाहिर की है।

कांग्रेस-भाजपा के बीच दिलचस्प रहा यहां मुकाबला
मालूम हो कि भाजपा के शीर्ष नेता और फिल्मी सितारे गांधीनगर की लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अब यह सीट अमित शाह को दी गई है। गांधीनगर से पहले भी भाजपा ने अपने राष्ट्रीय नेताओं को ही मैदान में उतारा। 1967 में गांधीनगर लोकसभा बनने के बाद पहले लोकसभा चूनाव में कांग्रेस ने सोमचंद सोलंकी को मैदान में उतारा था औऱ वह चुनाव जीत गये थे। इस सीट को 1989 तक कांग्रेस का बेल्ट माना जाता था, लेकिन 1989 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के पूर्व नेता शंकरसिंह वाघेला ने जीत हासिल की। इसके बाद, कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार इस सीट से नहीं जीता।

आडवाणी कई बार जीत चुके हैं यहां से
बीजेपी इस सीट को VVIP मानती है क्योंकि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस सीट पर चुनाव लड़ा और जीत गए। आडवाणी इस बैठक में छह बार जीत चुके हैं और सांसद बने हैं। वह गांधीनगर के सांसद थे, जब वह वाजपेयी सरकार में उप प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री थे।

1996 में वाजपेयी गांधीनगर से चुनाव लड़े
1996 में सिर्फ एक बार अटल बिहारी वाजपेयी गांधीनगर से चुनाव लड़े थे। वे लखनउ से भी चुनाव जीते थे, हालांकि बाद में उन्होंने गांधीनगर सीट खाली कर दी थी। इस सीट के उपचुनाव में भाजपा ने विजय पटेल को टिकट दिया। उस समय कांग्रेस ने फिल्मस्टार राजेश खन्ना को टिकट दिया था, लेकिन वह भाजपा के स्थानीय नेता विजय पटेल के सामने चुनाव हार गए थे।

मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो अमित शाह भी गृहमंत्री बन सकते हैं
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर केंद्र में एनडीए सरकार सत्ता में आती है और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो अमित शाह को केंद्रीय मंत्रिमंडल में गृहमंत्री का पद मिलेगा। यानि, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का पद खतरे में पड़ सकता है। हमारी पार्टी ने इस गणित को सोचकर अमित शाह को मैदान में उतारा है। यदि ऐसा होता है, तो गांधीनगर सीट केंद्र में दूसरा गृहमंत्री देगी।

17 लाख वोटर और ये विधानसभा हैं इस जिले में
गांधीनगर में गांधीनगर उत्तर, कलोल, सानंद, घाटलोडिया, वेजलपुर, नवरंगपुरा और साबरमती विधानसभा सीटें आती हैं। गांधीनगर सीट पर मतदाताओं की संख्या 17 लाख है। भाजपा की पहली सूची में अमित शाह को गांधीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। 1991 में लालकृष्ण आडवाणी ने पहली बार सीट जीती। इसके बाद उन्होंने 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 से जीत दर्ज की। पार्टी का दावा है कि अमित शाह गांधीनगर के उम्मीदवार हैं इसलिये भाजपा को गुजरात में 26 सीटें मिलेंगी। 2014 में भाजपा ने 26 सीटें जीती थीं, क्योंकि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। अब ऐसी स्थिति अमित शाह के लिये आयी है।












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