लॉन टेनिस में सबसे प्रतिष्ठित क्यों है Wimbledon, जानें विंबलडन से जुड़ी रोचक बातें
लोकप्रिय विंबलडन चैंपियनशिप का 136वां सीजन इस साल लंदन में 3 जुलाई से 16 जुलाई तक होने जा रहा है। यह टूर्नामेंट 14 दिनों तक खेला जायेगा। टूर्नामेंट में पुरुष और महिला एकल, पुरुष और महिला युगल, मिश्रित युगल और जूनियर चैंपियनशिप होगी। इस वर्ष नोवाक जोकोविच अपने आठवें पुरुष एकल विंबलडन टाइटल के लिए कोर्ट में उतरेंगे।
क्या है विंबलडन चैंपियनशिप?
आपको बता दें कि विंबलडन चैंपियनशिप, यूएस ओपन, ऑस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन को मिलाकर लॉन टेनिस के चार प्रमुख ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में से एक है। विंबलडन में पांच मुख्य प्रतियोगिताएं शामिल हैं। जिनमें एकल, युगल और मिश्रित युगल मैच होते हैं। यह टूर्नामेंट सामान्यतया जून के अंत से लेकर जुलाई की शुरुआत में दो सप्ताह तक चलता है। पहला सप्ताह क्वालीफाइंग राउंड के लिए रिजर्व होता है। जबकि दूसरा सप्ताह मुख्य ड्रा के लिए होता है। विंबलडन चैम्पियनशिप जीतना टेनिस में सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है, और इसे टेनिस में सबसे प्रतिष्ठित खिताब के रूप में देखा जाता है।

विश्व का सबसे पुराना टेनिस टूर्नामेंट
विंबलडन दुनिया का सबसे पुराना टेनिस टूर्नामेंट है। यह पहली बार 1877 में लंदन में ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस और क्रोकेट क्लब में आयोजित किया गया था। यह टूर्नामेंट ग्रास कोर्ट पर खेला जाता है और यह इस सतह पर खेला जाने वाला एकमात्र ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट है। पहले विंबलडन टूर्नामेंट में केवल एक प्रतियोगिता थी। जेंटलमैन सिंगल, और महिलाओं को 1884 तक खेलने की अनुमति नहीं थी। लेकिन 1884 के बाद इस टूर्नामेंट में महिला एकल और पुरुष युगल प्रतियोगिताएं जोड़ी गईं। फिर 1913 में महिला युगल और मिश्रित युगल प्रतियोगिताएं भी जोड़ी गई।
इनाम राशि ₹450 करोड़ से भी ज्यादा
2023 विंबलडन चैंपियनशिप के लिए कुल पुरस्कार राशि ₹466.2 करोड़ है, जो 2022 में कुल पुरस्कार राशि की तुलना में 10.78 प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष के विंबलडन में पुरुष और महिला एकल के विजेता ₹24.5 करोड़ घर ले जाएंगे और उपविजेता को फाइनल में पहुंचने के लिए ₹12.2 करोड़ से नवाजा जाएगा।
विंबलडन 2023 महिला और पुरुष युगल प्रतियोगिता के विजेता को ₹6.2 करोड़ से और उपविजेता को ₹3.1 करोड़ से नवाजा जाएगा। इस वर्ष के विंबलडन में मिश्रित युगल प्रतियोगिता के विजेता को ₹1.3 करोड़ से और उपविजेता को ₹66.7 लाख से प्रोत्साहित किया जाएगा।
ग्रास कोर्ट पर खेला जाने वाला एक मात्र ग्रैंड स्लैम
विंबलडन ग्रास कोर्ट पर खेला जाने वाला एकमात्र ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट है। ग्रैंड स्लैम में कुल चार टूर्नामेंट होते हैं जिसमें से विंबलडन तो ग्रास कोर्ट पर होता है जबकि ऑस्ट्रेलियाई ओपन और यूएस ओपन अलग अलग तरह के हार्डकोर्ट पर और फ्रेंच ओपन क्ले कोर्ट पर आयोजित होता है। विंबलडन टूर्नामेंट आयोजन स्थल पर घास हर साल 10 मीट्रिक टन बीज से उगाई जाती है और हर साल ये प्रक्रिया सितंबर में शुरू होती है। जैसे-जैसे जून करीब आता है। घास को बिल्कुल 8 मिलीमीटर की लंबाई तक काटा जाता है और विंबलडन आयोजक 8 मिलीमीटर घास को टेनिस खेलने के अनुसार सबसे सही लंबाई मानते हैं।
लाखों की संख्या में दर्शक
विंबलडन दुनिया के सबसे प्रसिद्ध टेनिस आयोजनों में से एक है। इस टूर्नामेंट को हर साल पांच लाख से अधिक दर्शक देखने पहुंचते हैं। विंबलडन ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस और क्रोकेट क्लब में आयोजित किया जाता है। वहां किसी भी समय पर एक बार में 42,000 दर्शक बैठ सकते हैं। टूर्नामेंट के 145 साल के इतिहास में 2022 के विंबलडन में सबसे अधिक लोग टूर्नामेंट देखने पहुंचे। पिछले वर्ष कुल 2 हफ्तों में विंबलडन देखने के लिए पहुंचने वाले दर्शकों की संख्या 515,164 थी।
कैटरिंग में भी एक कदम आगे
विंबलडन यूरोप में सबसे बड़ा वार्षिक खेल आयोजन है, जो बहुत बड़ी संख्या में खाने-पीने की चीजें परोसता है। टूर्नामेंट में केटरिंग सेवाओं को संचालित करने के लिए लगभग 1800 केटरिंग कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। टूर्नामेंट के दो सप्ताहों के दौरान, विंबलडन 234,000 भोजन, 330,000 कप चाय और कॉफी, अंग्रेजी स्ट्रॉबेरी के 140,000 पीस, 10,000 लीटर डेयरी क्रीम और 29,000 बोतल शैम्पेन परोसी जाती हैं। विंबलडन में सभी सार्वजनिक केटरिंग और खिलाड़ी सुविधाएं शामिल हैं और इसमें 51 ऑनसाइट रसोई, 27 ऑनसाइट रेस्तरां और 30 ग्रैब-एंड-गो सार्वजनिक आउटलेट शामिल हैं।
टिकट के लिए लोग रात-रात भर करते है कैंपिंग
विंबलडन में टिकट खरीदने के लिए कतार में लगना एक उत्सव माना जाता है। यह एक परंपरा है जो 20वीं सदी की शुरुआत से ही टूर्नामेंट का हिस्सा रही है। विंबलडन के लिए टिकट पाने के लिए दर्शक अकसर टूर्नामेंट के मैदान के सामने एक रात भर डेरा डाले रहते हैं। अकसर मैच से एक शाम पहले कतार लगनी शुरू हो जाती है और एक व्यक्ति को केवल एक ही टिकट बेचा जाता है। 1922 के बाद से टूर्नामेंट के लिए टिकट खरीदने के लिए हजारों प्रशंसकों ने डेरा डालना शुरू कर दिया था और अब ये हर साल की एक परंपरा बन गई है। विंबलडन में हर मैच से पहले प्रतिदिन 1,500 टिकट ऑफलाइन माध्यम से बेचे जाते हैं।
खिलाड़ियों को केवल सफेद कपड़े पहनने की अनुमति
विंबलडन में खिलाड़ियों के लिए एक सख्त ड्रेस कोड है, जिसमें कहा गया है कि खिलाड़ियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उनके कपड़े पूरी तरह सफेद हो। ड्रेस कोड टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों से ही लागू है और इसे सख्ती से लागू किया जाता है। अगर खिलाड़ी ड्रेस कोड के अनुरूप नहीं है तो अंपायरों के पास उसे बदलने के लिए कहने का अधिकार है। हालांकि, हाल के वर्षों में ड्रेस कोड में थोड़ी ढील दी गई है। अब महिला खिलाड़ी अपने पीरियड संबंधी चिंताओं के जवाब में अपनी स्कर्ट या शॉर्ट्स के नीचे गहरे रंग के अंडर शॉर्ट्स पहन सकती है।
किन खिलाड़ियों का सबसे अच्छा प्रदर्शन
विंबलडन में पुरुष एकल प्रतियोगिता में रॉजर फेडरर (8 टाइटल्स) और पुरुष युगल प्रतियोगिता में टॉड वुडब्रिज (9 टाइटल्स) का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है। विंबलडन में महिला एकल प्रतियोगिता में सबसे अच्छा प्रदर्शन मार्टिना नवरातिलोवा (9 टाइटल्स) और महिला युगल प्रतियोगिता में सबसे अच्छा प्रदर्शन एलिज़ाबेथ रियान (12 टाइटल्स) का रहा है। आइए अब बात करते हैं मिश्रित युगल प्रतियोगिता की तो पुरुष खिलाड़ियों में सबसे अच्छा प्रदर्शन लिएंडर पेस, केन फ्लेचर, ओवेन डेविडसन, विक सिक्सास का रहा है और महिला खिलाडियों में सबसे अच्छा प्रदर्शन एलिज़ाबेथ रियान का रहा है।
भारत के टेनिस खिलाड़ियों का प्रदर्शन
विंबलडन में भारत के प्रदर्शन में सबसे पहले बात करते हैं मिश्रित युगल प्रतियोगिता की। इस प्रतियोगिता में भारत के नाम 6 टाइटल (1999, 2002, 2003, 2005, 2010, 2015) हैं, जिसमें से चार लिएंडर पेस ने जीते हैं और दो महेश भूपति ने जीते हैं। पुरुष युगल प्रतियोगिता में भारत के नाम केवल एक टाइटल है जिसे महेश भूपति और लिएंडर पेस ने 1999 में जीता था। महिला युगल प्रतियोगिता में भी भारत के नाम केवल एक ही टाइटल है जिसे सानिया मिर्जा ने वर्ष 2015 में जीता था। सानिया मिर्जा महेश भूपति और लिएंडर पेस के अलावा भारत के लिए किसी और खिलाड़ी ने विंबलडन में कोई खिताब नहीं जीता है।
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