Gun Culture USA: इतने हत्याकांड के बाद भी बंदूक संस्कृति छोड़ने को क्यों नहीं तैयार अमरीका?
अमेरिका के लेविस्टन में हुई गोलीबारी के आरोपी को पकड़ लिया गया है। इस सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 18 लोगों को मार दिया। अब वहां फिर से इस बात पर बहस हो रही है कि क्या गन कल्चर को ख़त्म करने के लिए तत्काल कड़ा कानून लाया जाए। क्योंकि कुछ महीने पहले ही अमरीका के मेन (Maine) राज्य के विधानमंडल में बंदूक खरीदने या रखने पर प्रतिबंध लगाने के उद्देश्य से तीन प्रमुख विधेयकों को ख़ारिज कर दिया गया था।
ये विधेयक आपराधिक पृष्ठभूमि वालों के लिए बंदूक खरीद से पहले गहन जांच की आवश्यकता, बंदूक खरीदने के बाद भी उसकी सुपुर्दगी से पहले 72 घंटे की प्रतीक्षा और अर्धस्वचालित हथियारों को रखना गैरकानूनी घोषित करने से संबंधित थे। ये तीनों बिल मेन सीनेट में बड़े अंतर से गिर गए। पता है क्यों? क्योंकि अधिकतर सीनेट सदस्य का मानना है कि उनके क्षेत्र में शिकार की संस्कृति है और बंदूक अधिकारों को प्रतिबंधित करने का मतलब उनके लिए बुरे दिन जैसा है।

लगातार शूट आउट की घटना
अमेरिका में बिना कारण शूट आउट की यह कोई पहली घटना नहीं है। अभी कुछ महीने पहले ही मेन में जेल से रिहा हुए एक व्यक्ति ने अपने माता-पिता और दो दोस्तों की हत्या कर दी। इसी अप्रैल में कंबरलैंड और सगादाहोक काउंटियों में एक राजमार्ग पर मोटर चालकों पर गोली चलाने की घटना हुई। जाहिर है अभी जो कानून हैं वह किसी बंदूकधारी को हिंसा से रोकने में कारगर नहीं हैं। मेन के ग्रामीण क्षेत्रों में बंदूक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रैंड कॉर्पोरेशन के 2020 के एक अध्ययन के अनुसार, 2006 और 2017 के बीच मेन के 45 प्रतिशत परिवारों के पास कम से कम एक बंदूक थी, जबकि पूरे अमेरिका में लगभग 32 प्रतिशत परिवारों के पास कोई न कोई आग्नेयशस्त्र जरूर है। यहां गन कल्चर इतना हावी है कि हथियारों की बिक्री आम दुकानों पर बिना रोक टोक के होती है। फ्लोरिडा में पिछले दिनों एक व्यक्ति की फोटो दुकान से हैंडगन की खरीदारी करते हुए प्रकाशित हुई थी।
अमेरिकी समाज और बंदूक का अधिकार
संयुक्त राज्य अमेरिका का संविधान हथियार रखने के अधिकार की गारंटी देता है। 15 दिसंबर 1791 को संविधान के दूसरे संशोधन के जरिए यह अधिकार अमेरिकी नागरिकों को दे दिया गया था। आज लगभग एक तिहाई अमेरिकी वयस्कों के पास उनका व्यक्तिगत हथियार है। अब बंदूक से बढ़ती मृत्यु दर और बड़े पैमाने पर गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति जो बिडेन भी एक बंदूक नीति के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं।
पिछले साल जून में अमेरिकी कांग्रेस में बंदूक सुरक्षा बिल पारित कराया गया था। दशकों में पारित यह विधेयक भी हथियार पर प्रतिबंध लगाने में विफल रहा, लेकिन इसमें स्कूल सुरक्षा को लेकर कुछ वित्त पोषण के प्रावधान शामिल किए गए। कैलिफ़ोर्निया, डेलावेयर और न्यूयॉर्क सहित कुछ अन्य राज्यों ने बंदूक हिंसा को रोकने में मदद करने के लिए नए कानून भी बनाए हैं।
चौंकाने वाले आंकड़े
जून 2023 में प्यू रिसर्च सेंटर ने अमेरिका में बंदूक संस्कृति पर एक सर्वेक्षण किया, जिसमें चौकाने वाले तथ्य सामने आए। दस में से चार अमेरिकी वयस्कों का कहना है कि वे अपने घर में बंदूक अवश्य रखते हैं। 32 प्रतिशत लोगों का कहना है कि उनके पास व्यक्तिगत रूप से एक बंदूक है। आम नागरिक ही नहीं अमेरिकी राजनीतिज्ञ भी बंदूक रखने में पीछे नहीं हैं। रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े 45 प्रतिशत लोगों का कहना है कि उनके पास हथियार है, 20 प्रतिशत डेमोक्रैट भी मानते हैं कि उन्होंने भी हथियार रखा हुआ है। बंदूक रखने वालों में 40 प्रतिशत पुरुष हैं जबकि महिलाओँ का प्रतिशत 25 है।
इसी तरह अमेरिका के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 47 प्रतिशत वयस्कों के पास व्यक्तिगत हथियार हैं तो उपनगरों में रहने वाले 30 प्रतिशत लोगों के पास। हां शहरी क्षेत्रों में केवल 20 प्रतिशत लोग ही हथियार रखते हैं। प्यू रिसर्च के अनुसार 32 प्रतिशत अमेरिकी शिकार करने के लिए बंदूक रखते हैं। बंदूक के प्रति प्रेम कितना अधिक है यह इस बात से पता चलता है कि जिन रिपब्लिकन के पास कोई हथियार नहीं है उनमें से 61 प्रतिशत और डेमोक्रेट के 40 प्रतिशत यह कहते हैं कि वे भविष्य में बंदूक रखने पर विचार करेंगे।
दुनिया भर में चिंता
यह जानते हुए भी कि बंदूक के प्रति क़ानूनी ढ़ील के कारण लोंगों की जिंदगी अकारण जा रही है, अमेरिकी इस पर प्रतिबंध के लिए तैयार नहीं हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने ऑस्ट्रेलिया में बदूक प्रतिबंध पर ख़ुशी जताते हुए 26 अक्टूबर को एक कार्यक्रम में कहा भी - "आज हमारे देश में बच्चों की मौत का प्रमुख कारण बंदूक हिंसा है। बंदूक हिंसा ने संयुक्त राज्य अमेरिका में हमारे कई समुदायों को आतंकित किया है और आघात पहुँचाया है।" उल्लेखनीय है कि अब ऑस्ट्रेलियाई कानून में नागरिकों को यह साबित करना आवश्यक है कि उनके पास बंदूक रखने का वास्तविक कारण है। अब वहां आत्म-सुरक्षा को वास्तविक कारण नहीं माना जाता है।
बंदूक कल्चर को नियंत्रित करना दुनिया भर में एक मुद्दा है। अधिकतर औद्योगिक देशों में बंदूक-नियंत्रण के सख्त नियम हैं। जापान में सीमित मामलों को छोड़कर सभी प्रकार के आग्नेयास्त्रों को प्राप्त करने और उसके उपयोग पर प्रतिबंध है। कनाडा में प्रतियोगिताओं और अभ्यास के लिए आग्नेयास्त्रों को रखने की मंजूरी दी जाती है, लेकिन हैंडगन के सख्त नियम हैं। जब तक कि व्यक्ति यह विश्वास न दिला दे कि आत्मरक्षा के लिए हैंडगन की उसे वाकई आवश्यकता है, तब तक उसे हथियार नहीं दिया जाता। यूनाइटेड किंगडम ने हैंडगन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है और शिकार, शूटिंग या वध के लिए हथियारों की आपूर्ति सीमित कर दी है। भारत कुछ उन चुनिंदा देशों में है, जहां प्रति 100 व्यक्ति में केवल 5 के पास ही हथियार है।












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