Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

TDS: क्या होता है टीडीएस और क्या है इसका अर्थव्यवस्था में योगदान

टीडीएस एक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है, जिसको सरकार सीधे नहीं काटती है। इसकी कटौती भुगतानकर्ता व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा की जाती है।

What is TDS and what is its contribution to the economy TDS meaning in hindi

TDS: वर्तमान समय में भारत विश्व की पांचवीं ($3.8 ट्रिलियन) सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसको अधिक विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2024 तक अर्थव्यवस्था को $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था और 2029 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। अर्थव्यवस्था को गति देने के इन्हीं प्रयासों में पिछले कुछ वर्षों में टीडीएस यानि टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (कमाई के स्रोतों पर कर कटौती) अहम भूमिका निभा रहा है, जिसके कर संग्रह में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।

क्या होता है टीडीएस

आयकर टैक्स अधिनियम 1961 के अनुसार टीडीएस, वह टैक्स है जिसकी कटौती आय के स्रोतों से की जाती है। इसको ऐसे भी समझ सकते हैं कि किसी व्यक्ति की आय के जो भी स्रोत हैं, उन पर जो टैक्स कटौती होती है, उसे ही टीडीएस कहा जाता है। यह आय के अलग-अलग स्रोतों पर काटा जाता है। जैसे मानदेय (सैलरी), ब्याज, कमीशन या अन्य कमाई आदि।

टीडीएस, आयकर (इनकम टैक्स) का ही एक भाग है। भारतीय सरकार दो तरह से टैक्स लेती है - (1) प्रत्यक्ष कर यानी डायरेक्ट टैक्स और (2) अप्रत्यक्ष कर यानी इनडायरेक्ट टैक्स। आयकर प्रत्यक्ष कर है लेकिन टीडीएस अप्रत्यक्ष कर की श्रेणी में आता है।

अप्रत्यक्ष कर (टीडीएस) सरकार सीधे तौर पर नहीं काटती है। टीडीएस की कटौती धारा 200 के तहत भुगतानकर्ता व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा होती है। टीडीएस काटने वाले को डिडक्टर और जिसका टीडीएस कटता है, उसे डिडक्टी कहा जाता है। डिडक्टर, डिडक्टी को फार्म 16/16ए सर्टिफिकेट प्रदान करता है। इस सर्टिफिकेट में टीडीएस की कटौती संबंधित सभी जानकारी दर्ज होती है। टीडीएस कटौती की दरें सरकार द्वारा अधिनियम के तहत तय होती है।

टीडीएस एक तरह से अग्रिम कर भुगतान है। अनेक आय के स्रोतों से कटा टीडीएस सरकार के पास जमा होता है, जिसका लेखाजोखा वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर होता है। अगर टीडीएस आयकर से ज्यादा होता है तो उसको रिफंड के लिए (आईटीआर) आवेदन किया जाता है और अगर कम होता है तो अतिरिक्त कर (एडवांस टैक्स या सेल्फ असेसमेंट टैक्स) जमा करना होता है।

टीडीएस का इतिहास

1860 में जेम्स विल्सन ने ब्रिटिश भारत में पहला बजट पेश किया था, जिसमें पहली बार इनकम टैक्स कानून को जोड़ा गया। वहीं टीडीएस प्रावधान को आयकर कानून में 1922 में जोड़ा गया था, जिसमें चार स्रोतों (वेतन, प्रतिभूतियों पर ब्याज, इसके अलावा अन्य ब्याज व लाभांश) को रेखांकित किया गया। वर्तमान में टीडीएस का क्षेत्र कई गुना बढ़ चुका है। अब लगभग हर लेनदेन टीडीएस के दायरे में आता है।

पिछले 20 सालों का टीडीएस संग्रह

अगर हम भारत सरकार के पिछले 10 साल के टीडीएस संग्रह को देखें तो वित्तीय वर्ष 2000-01 में टीडीएस संग्रह मात्र ₹28,213 करोड़ था, जो वित्तीय वर्ष 2021-22 तक लगभग 22.5 गुना बढ़कर ₹6,34,243 करोड़ पहुंच गया है।

वित्तीय वर्ष 2000-01 से वित्तीय वर्ष 2006-07 तक टीडीएस संग्रह में धीमी बढोत्तरी हुई। 2001-02 में ₹32672 करोड़, 2002-03 में ₹36568 करोड़, 2003-04 में ₹42955 करोड़, 2004-05 में ₹43972 करोड़, 2005-06 में ₹58606 करोड़, 2006-07 में ₹70689 करोड़ टीडीएस संग्रह हुआ।

वहीं 2007-08 में ₹105047 करोड़, 2008-09 में ₹128230 करोड़, 2009-10 में ₹145736 करोड़, 2010-11 में ₹168669 करोड़, 2011-12 में ₹198679 करोड़, 2012-13 में ₹210654 करोड़, 2013-14 में ₹248547 करोड़, 2014-15 में ₹259106 करोड़, 2015-16 में ₹287412 करोड़, 2016-17 में ₹343134 करोड़, 2017-18 में ₹412768 करोड़, 2018-19 में ₹487667 करोड़ टीडीएस संग्रह हुआ।

जबकि कोरोना महामारी के समय वित्तीय वर्ष 2019-20 में ₹480383 करोड़ और 2020-21 ₹470276 करोड़ में टीडीएस संग्रह में मामूली गिरावट दर्ज की गई। उसके उपरांत 2021-22 में लगभग 34 प्रतिशत की एक लंबी छलांग टीडीएस संग्रह में हुई। इस वित्तीय वर्ष में कुल टीडीएस संग्रह ₹634243 करोड़ रूपये रहा।

यह भी पढ़ें: New vs Old Tax Regime: नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था में बेहतर कौन? जानिए किसमें है ज्यादा फायदा

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+