Dyslexia: क्या होता है डिस्लेक्सिया, क्या हैं इसके कारण और लक्षण, कौनसे मशहूर लोग इससे पीड़ित रहे?
मेडिकल की दुनिया से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि औसतन 7 में से 1 व्यक्ति को डिस्लेक्सिया होता है, अर्थात डिस्लेक्सिया से लगभग दुनिया की 15% आबादी पीड़ित है।

डिस्लेक्सिया एक न्यूरोलॉजी संबंधी डिसऑर्डर अथवा बीमारी है जो लिखित भाषा को समझने की हमारी मस्तिष्क की क्षमता को प्रभावित करता है। डिस्लेक्सिया से पीड़ित व्यक्ति को पढ़ने और लिखने में कठिनाई होती है। इससे पीड़ित इंसान किसी के द्वारा कही बात समझने में भी परेशानी अनुभव कर सकता है, जिससे उसके लिए दूसरों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करना मुश्किल हो जाता है।
भारत सहित अमेरिका और ब्रिटेन में कितने लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं?
वैज्ञानिकों को डिस्लेक्सिया के बारे में सबसे पहले 1896 में पता चला। इस पर विस्तृत शोध लन्दन के एक वैज्ञानिक डॉ डब्लू प्रिंगल मॉर्गनहुआ ने किया था। फिलहाल, भारत में डिस्लेक्सिया से लगभग 12.5 करोड़ लोग पीड़ित है, जबकि अमेरिका में 3.2 करोड़ लोग, और यूनाइटेड किंगडम में लगभग 64 लाख लोग और कनाडा में 30 लाख लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं।
डिस्लेक्सिया के प्रकार
प्राइमरी डिस्लेक्सिया: आसान शब्दों में प्राइमरी डिस्लेक्सिया वह अवस्था है जो माता-पिता से बच्चों के अंदर जीन्स के माध्यम से आती है। शोध के अनुसार अगर किसी के माता या पिता को डिस्लेक्सिया होता है तो बच्चे को डिस्लेक्सिया होने की 50 प्रतिशत तक संभावना होती है।
सेकेंडरी डिस्लेक्सिया: सेकेंडरी डिस्लेक्सिया तब होता है जब किसी बच्चे का दिमाग बचपन में पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता और उसे पढ़ने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
डेवलपमेंटल डिसलेक्सिया: कोई भी व्यक्ति डेवलपमेंटल डिस्लेक्सिया का सामना तब करता है जब बचपन में उसके माथे पर गंभीर चोट आई हो।
एक्वायर्ड डिस्लेक्सिया: जब किसी व्यस्क व्यक्ति को ट्रॉमा या बीमारी से मस्तिष्क की चोट होती है, तो कभी-कभी उन्हें भाषा समझने में कठिनाई हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप डिस्लेक्सिया हो सकता है।
डिस्लेक्सिया होने के प्रमुख कारण!
डिस्लेक्सिया होने के प्रमुख कारणों को अभी पूरी तरह से समझा नहीं गया है। दरअसल, इस विषय पर अभी शोध चल रही है। हालांकि अभी तक हुई शोध के मुताबिक डिस्लेक्सिया कई कारणों की वजह से हो सकता है, जिनमें आनुवांशिकता, मस्तिष्क की चोट, मस्तिष्क और आंख के बीच सही तालमेल न बैठना, मस्तिष्क में भाषा को समझने वाले भाग में कोई समस्या या न्यूरोलॉजिकल संबंधी कोई अन्य स्थिति शामिल है।
क्या है डिस्लेक्सिया के लक्षण?
डिस्लेक्सिया के सबसे आम लक्षणों में शब्दों या अक्षरों को पढ़ने और लिखने में परेशानी, कठिन शब्दों को बोलने और लिखने में परेशानी और निर्देशों का पालन करने में परेशानी शामिल हैं। डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चे को बोलना और लिखना सीखने में अधिक समय लगता है। डिस्लेक्सिया से पीड़ित को शाब्दिक ध्वनि को समझने में परेशानी होती है और अक्सर ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल होती है। वहीं कुछ पीड़ितों को शब्द याद रखने, अपनी चीजें व्यवस्थित करने और मल्टी टास्किंग में दिक्कत आने लगती है।
डिस्लेक्सिया का इलाज संभव है?
अभी तक डिस्लेक्सिया को पूरी तरह से समाप्त करने की कोई दवा नहीं बनी है। हालाँकि, इस पर शोध चल रहा है लेकिन दवा न होने की स्थिति में इससे ग्रस्त व्यक्ति को इस समस्या से जिंदगी भर जूझना पड़ता है। अगर डिस्लेक्सिया की जानकारी शुरूआती अवस्था में हो जाति है तो इस बीमारी को आगे बढ़ने से पहले थोडा-बहुत काबू किया जा सकता हैं। आजकल, डिस्लेक्सिया सम्बन्धी कई उपकरण बाजार में उपलब्ध है जोकि किसी पीड़ित को पढ़ने और लिखने में मदद कर करते है। इसमें कंप्यूटर सॉफ्टवेयर सहित मोबाइल एप्लीकेशन जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
मशहूर सेलिब्रिटीज जो डिस्लेक्सिया से पीड़ित
मशहूर बॉलीवुड अभिनेता रितिक रोशन, अभिषेक बच्चन और बोमन ईरानी इस बीमारी से ग्रस्त हैं। हॉलीवुड में अभिनेता टॉम हॉलैंड और टॉम क्रूज भी डिस्लेक्सिया से जूझ रहे हैं। भौतिक विज्ञानी अल्बर्ट आइंस्टीन, अमेरिकी के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन, बॉक्सर मोहम्मद अली, व्यवसायी रिचर्ड ब्रांसन, मशहूर पेंटर पाब्लो पिकासो के नाम भी इसी बीमारी से जुड़े हैं। माना जाता है कि मुगल बादशाह अकबर को भी डिस्लेक्सिया बीमारी थी, इस कारण पूरे जीवन वह पढ़ना और लिखना नहीं सीख पाए।












Click it and Unblock the Notifications