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E-Passport: विदेश यात्रा की राह होगी आसान, जानें ई-पासपोर्ट का इतिहास और भविष्य

विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसका उपयोग शिक्षा, मनोरंजन, पर्यटन, व्यापार, चिकित्सा और परिचित सदस्यों से मिलने के उद्देश्यों के लिए विदेशी सीमा में प्रवेश हेतु किया जाता है। हाल के कुछ वर्षों में अर्थव्यवस्था में सुधार और भूमंडलीकरण के परिणामस्वरूप पासपोर्ट और संबंधित सेवाओं की मांग में वृद्धि हुई है।

पासपोर्ट के माध्यम से एक व्यक्ति की पहचान, नागरिकता, और योग्यता की पुष्टि होती है, जिससे उन्हें अन्य देशों में यात्रा करने की अनुमति मिलती है। आज के समय में यात्रा करना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। हालांकि, सुरक्षा चिंताओं के कारण, यात्रा दस्तावेजों में सुधार करने की आवश्यकता है। ई-पासपोर्ट एक आधुनिक यात्रा दस्तावेज है जो पारंपरिक पासपोर्ट से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक है।

e-passport

क्या है ई-पासपोर्ट अथवा स्मार्ट पासपोर्ट
ई-पासपोर्ट, या स्मार्ट पासपोर्ट, जिसे इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट भी कहा जाता है, पारंपरिक पासपोर्ट का उन्नत संस्करण होता है, जिसमें व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी जैसे स्थाई और अस्थाई पते का प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, फोटो, एकेडमिक दस्तावेज, दसों उंगलियों के फिंगर प्रिंट, चेहरे और आंखो की स्कैनिंग आदि जैसे बायोमेट्रिक डेटा भी शामिल होते हैं।
पासपोर्ट में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन' (आरएफआईडी) चिप लगी है। चिप की विशेषताएं अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (International Civil Aviation Organization) के मानक अनुसार रहेगी जिसमें कागज और चिप दोनों में बायोमेट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक तकनीकों का उपयोग करके व्यक्तिगत पहचान को सुरक्षित रखा जाता है।
ई-पासपोर्ट में एक इलेक्ट्रॉनिक चिप भी लगी होती है, जिसमें पासपोर्ट धारक का सारा डेटा संग्रहित होता है। जिसका पहचान प्रौद्योगिकी (Face Recognition) का उपयोग करके चेहरे की पहचान के सत्यापन और फिंगरप्रिंट पहचान के सत्यापन के लिए उपयोग किया जा सकता है। यह यात्रियों की पहचान की पुष्टि करने और अवैध प्रवास को रोकने में मदद करता है।

ई-पासपोर्ट का इतिहास
1998 में ई-पासपोर्ट (e-passport) की शुरुआत मलेशिया ने की थी। विदेश यात्रा में पासपोर्ट की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन अपराधिक प्रवृति के लोग जैसे हवाला करने वाले, तस्करों, आतंकवादियों, और अन्य घुसपैठियों द्वारा पासपोर्ट में छेड़छाड़ करके अथवा नकली पासपोर्ट द्वारा यात्रा करते थे जिसे रोकने में किसी भी देश को काफी मेहनत लगती है। इससे बचने हेतु इस डिजिटल दौर में ई पासपोर्ट की जरूरत महसूस की गई। जिससे ऐसे बुरे लोगों की यात्रा पर लगाम लगाई जा सके।

वर्तमान में, अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (International Civil Aviation Organization) से जुड़े 139 सदस्य देशों के 100 से अधिक देशों में ई-पासपोर्ट का उपयोग हो रहा है, जिसमें जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी इत्यादि शामिल हैं। भारत ने भी अपने एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत 20,000 ई-पासपोर्ट वर्ष 2008 में अपने राजनियकों के लिए जारी किए थे। लेकिन उस समय भी परंपरागत पासपोर्ट और ई पासपोर्ट में ज्यादा अंतर नही था।

2023 के अंतिम महीने से ई-पासपोर्ट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण 2022- 2023 में चिप आधारित ई-पासपोर्ट जारी किए जाने की घोषणा की थी। बाद में 24 जून 2023 को पासपोर्ट सेवा दिवस के एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP-Version 2.0) के दौरान अपने उद्बोधन में कहा कि भारत अपने नागरिकों को जल्दी ही ई-पासपोर्ट की सौगात देने जा रहा है।

इसे भारत के तीन प्रमुख तकनीकी संस्थानों आईआईटी, कानपुर, नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC), भारत सुरक्षा प्रेस के सहयोग से अगले कुछ महीनों में प्रकाशित किया जाएगा। ई-पासपोर्ट की आवेदन प्रक्रिया भी पहले की तरह आसान ही रहेगी। आपको पासपोर्ट सेवा की वेबसाइट पर विजिट करना होगा अथवा M-पासपोर्ट के मोबाइल एप के द्वारा अपना आवेदन भरना होगा।

ई-पासपोर्ट के लाभ

  • अवैध प्रवास को रोकना - ई-पासपोर्ट पारंपरिक पासपोर्ट की तुलना में अधिक सुरक्षित है। बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग करके, चेहरे की पहचान सत्यापन और फिंगरप्रिंट पहचान सत्यापन इत्यादि द्वारा बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग करके अवैध प्रवासियों की पहचान और गिरफ्तारी करना आसान हो जाता है।
  • चेक-इन और सीमा शुल्क प्रक्रिया को तेज करना - फेस रिकॉग्निशन का उपयोग करके, सीमा शुल्क अधिकारी यात्रियों की पहचान की पुष्टि करने में सक्षम हैं, जिससे वे चेक-इन काउंटर पर खड़े होने या सीमा शुल्क चेकपॉइंट पर अपने पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज दिखाने से बच सकते हैं।
  • यात्रा को स्मार्ट बनाना - ई-पासपोर्ट का उपयोग करने वाले यात्रियों को अक्सर पारंपरिक पासपोर्ट वाले यात्रियों की तुलना में कम समय लगता है।
  • यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाना - ई-पासपोर्ट चेक-इन और सीमा शुल्क प्रक्रिया को आसान बनाकर यात्रा के अनुभव को बेहतर बना सकते हैं।
  • ई-पासपोर्ट का भविष्य
  • ई-पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण हैं जो यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं। अधिक से अधिक देश ई-पासपोर्ट जारी कर रहे हैं, और भविष्य में वे पारंपरिक पासपोर्ट की तुलना में अधिक सामान्य हो जाएंगे। डिजिटलीकरण के साथ पासपोर्ट का भविष्य भी तेजी से बदल रहा है। आजकल कई देश इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट प्रदान कर रहे हैं जिनमें बायोमेट्रिक डेटा और माइक्रो चिप्स शामिल हैं।
  • यह यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ पासपोर्ट लेन-देन की प्रक्रिया को भी सुगम बना देते हैं। आपको पासपोर्ट जानकारी की सुरक्षा बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि डिजिटल डेटा की चोरी की संभावना भी होती है। भविष्य में, हम और भी डिजिटल और तकनीकी सुविधाओं की ओर बढ़ रहे हैं। ई-पासपोर्ट में भविष्य में अधिक सुविधाजनक कार्यों को जोड़ा जा सकता है, जैसे कि ई-वीज़ा और ई-टैक्स, आई स्कैनिंग, फेस रिकॉग्निशन, साउंड रिकॉग्निशन इत्यादि। इसके द्वारा यात्रा को और भी सुरक्षित, टाइमलेस और आसान बनाया जा सकता है। भविष्य में ई-पासपोर्ट एक वैश्विक मानकीकरण दस्तावेज भी बन सकता है।
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