UPI success: भारत में UPI से पेमेंट कब शुरू हुआ और अब कितने देशों में इसका इस्तेमाल हो रहा है?
UPI success, क्या आप भी अपने रोजमर्रा के भुगतानों के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं? हाल ही में जारी हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के रिकॉर्ड के मुताबिक अक्टूबर के महीने में भारत में कुल 730 करोड़ बार UPI भुगतान हुए, जिनका कुल मूल्य ₹12.11 लाख करोड़ है।

इससे पिछले महीने सितंबर में UPI द्वारा कुल 678 करोड़ भुगतान हुए जिनका कुल मूल्य ₹11.16 लाख करोड़ था।
अक्टूबर के महीने में UPI से हुआ कुल भुगतान सितंबर में हुए भुगतान से लगभग ₹1 लाख करोड़ ज्यादा है। एक महीने में कुल भुगतानों की संख्या में भी 52 करोड़ की वृद्धि हुई।
क्या है UPI?
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) एक भुगतान सिस्टम है जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के द्वारा भुगतान करने में सहूलियत के लिए बनाया गया है। NPCI भारत सरकार के वित्त मंत्रालय का एक हिस्सा है।
UPI को 11 अप्रैल 2016 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा लॉन्च किया गया था। UPI के द्वारा एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में तुरंत भुगतान मोबाइल के द्वारा आसानी से संभव है। UPI ने लोगों की नकदी लेकर चलने की समस्या को खत्म कर दिया है और इसका इस्तेमाल इंटरनेट के साथ या बिना इंटरनेट के भी किया जा सकता हैं। आजकल लगभग हर बैंक का अपना UPI ऐप है।
क्या है UPI के फायदे?
UPI से आप किसी भी व्यक्ति, दुकानदार, आदि को 365 दिन और 24×7 भुगतान कर सकते हैं, वह भी मुफ्त में। स्पेशल क्यूआर कोड के द्वारा भी UPI भुगतान किया जा सकता है। यह सिस्टम बार-बार ATM जाकर मशीन से पैसा निकालने की समस्या को पूरी तरह से खत्म कर देता है।
UPI ने बिजली, पानी, गैस, टोल आदि के बिल भुगतान सहित मोबाइल का रिचार्ज को बेहद सरल कर दिया है। UPI के द्वारा कोई भी समस्या होने पर सीधा मोबाइल ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज की जा सकती है अथवा फिर RBI की वेबसाइट का भी विकल्प उपलब्ध है।
कौन-कौन से देश करते हैं UPI का इस्तेमाल?
केंद्रीय वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमण के अनुसार कई देशों ने UPI में दिलचस्पी दिखाई है। इसलिए भारत सरकार कई देशों को UPI जैसी महत्वपूर्ण सेवा प्रदान कर रही है। सिंगापुर और यूएई जैसे देशों ने भी UPI में रूचि दिखाई है।
इसके अलावा फ्रांस, भूटान, नेपाल, मलेशिया, ओमान और ब्रिटेन पहले से ही UPI इस्तेमाल कर रहे है। भारत सरकार UPI का नेटवर्क और भी देशों में फैलाने की दिशा में काम कर रही है।
कैसा रहा UPI का सफर?
भारत में UPI का सफर अप्रैल, 2016 में शुरू हुआ, पहले तीन माह में तो UPI पेमेंट न के बराबर थी। जुलाई 2016 में कुल भुगतान ₹38 लाख तक ही पहुंच सका।
इसके बाद साल दर साल UPI से भुगतान में बढ़ोतरी होती रही और इससे जुड़ने वाले बैंकों की संख्या भी बढ़ी। शुरुआत में UPI से सिर्फ 21 बैंक जुड़े हुए थे और अब यह संख्या 365 हो चुकी है। कुल भुगतान की राशि भी ₹38 लाख से बढ़कर ₹12.11 लाख करोड़ हो चुकी है।
UPI का चलन इतना बढ़ गया है कि उत्तराखंड के माना गांव स्थित भारत की आखिरी चाय की दुकान पर भी इससे भुगतान किया जा सकता है। यह गाँव, भारत-चीन बॉर्डर से सिर्फ 50 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है।
सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले UPI एप्स!
सितंबर 2022 में प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक, भारत में UPI के 3 सबसे बड़े बादशाह है जिनका इसमें 95% मार्केट शेयर है। भारत में सबसे ज्यादा UPI भुगतान 'फोन पे' के द्वारा होता है, इसका मार्केट शेयर कुल 47 प्रतिशत है।
इसके बाद आता है 'गूगल पे', जिसका मार्केट शेयर है 33 प्रतिशत है। फिर पेटीएम पेमेंट्स बैंक का नंबर आता है और इसका मार्केट शेयर कुल 15 प्रतिशत है। बाकि सभी एप मिलकर बचा हुआ 5 प्रतिशत पूरा करते हैं।












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