Talent India: सिंथेसाइजर देखते ही थिरकने लगती हैं वैभव की उंगलियां
[Talent India] वनइंडिया के इस कॉलम में हम आपकी मुलाकात करवा रहे हैं वैभव राज से। सिंथेसाइजर, कॉन्गो, ड्रम, पियानो, ढोलक या फिर गिटार। संगीत के हर बड़े इंस्ट्रूमेंट में वैभव को महारथ हासिल है। खास बात यह है कि सिंथेसाइजर को देखते ही वैभव की उंगलियां थिरकने लगती हैं।
वैभव लखनऊ के सिटी मोन्टेसरी स्कूल की आरडीएसओ ब्रांच में नवीं कक्षा के छात्र हैं। महज 3 साल की उम्र से पियानो बजाना शुरू कर दिया था। वैभव के अंदर संगीत के प्रति यह जुनून अपने पिता संजय सक्सेना से आया वहीं मां सपना सक्सेना ने हर पड़ाव पर वैभव का उत्साहवर्धन किया। आलम यह है कि लखनऊ का कोई भी ऐसा बड़ा मंच नहीं बचा है, जहां वैभव ने अपने संगीत की धुनों से लोगों को सराबोर नहीं किया हो। सिर्फ संगीत ही नहीं गायन में भी मास्टर हैं। विनोद प्रसाद जी के सानिध्य में इस वक्त वैभव गायन सीख रहे हैं।
बी-टेक करना चाहते हैं वैभव
वैभव की उंगलियां जब सिंथेसाइजर पर पड़ती हैं, तो लोग देख दंग रह जाते हैं। इतनी छोटी सी उम्र में इतनी तेज गति से सिंथेसाइजर बजाना आसान नहीं है। खास बात यह है कि वैभव अपनी पढ़ाई को भी उतना ही समय देते हैं, जितना संगीत को। एक दिन रियाज़ छूट जाये, लेकिन पढ़ाई के समय में कटौती नहीं होने देते हैं। हमने पूछा क्यों, तो जवाब मिला, मुझे आईआईटी से बी-टेक करना है और उसके लिये बहुत पढ़ना पड़ेगा इसलिये।
वैभव की दिनचर्या की बात करें तो दोपहर को स्कूल से आने के बाद वैभव कम से कम एक घंटा सोते हैं। वैभव का मानना है कि सोने से थकान दूर हो जाती है और फिर देर शाम तक मन तरो-ताज़ा रहता है। फिर पढ़ाई में भी अच्छे से मन लगता है। शाम को आधा समय पढ़ाई को और आधा समय संगीत को।
स्कूल के इंटर हाउस कम्पटीशन, इंटर-स्कूल कॉन्टेस्ट के अलावा तमाम सारे बाल उत्सवों में वैभव भाग ले चुके हैं। लखनऊ महोत्सव के मंच पर भी कई बार परफॉर्म करने का मौका मिला। वैभव की सबसे बड़ी उपलब्धि है फिल्मों के बाल अभिनेता दरशील सफारी के साथ दी गई परफॉरमेंस।
हमने वैभव से जब पूछा कि आपको घबराहट कब होती है? तो जवाब एकदम निराला था- "कभी नहीं, ज्यादा से ज्यादा क्या होगा, लय बिगड़ जायेगी। और संगीत के मंच पर जब भी ऐसा होता है, मैं रुकता नहीं हूं, कुछ ही मिनटों में अपनी धुन को वापस लय में ले आता हूं। सेम फॉरमूला लाइफ में भी अपनाता हूं।"
वैभव की तस्वीरें और उनसे जुड़ी रोचक बातें नीचे स्लाइडर में-

वैभव राज
वैभव राज 3 साल की उम्र से संगीत वाद्य यंत्र बजा रहे हैं।

दरशील के संग वैभव
दरशील सफारी के संग वैभव ने साझा किया मंच।

दरशील के संग वैभव
दरशील सफारी के संग वैभव ने साझा किया मंच।

सिंथेसाइजर बजाता वैभव
मंच पर सिंथेसाइजर बजाता वैभव।

ड्रम बजाता वैभव
ड्रम बजाते वैभव को क्लासिकल सीखने का मन है।

वैभव राज
लखनऊ के मंच पर परफॉर्म करता वैभव राज।

मिल चुके हैं कई पुरस्कार
स्टेट लेवल पर भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं।












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