Copyright Law: विवाह एवं पार्टियों में बजने वाले गाने अब कॉपीराइट एक्ट के बाहर, जानें क्या है पूरा मामला?
Copyright Law:केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि शादी-बारात समारोहों में बॉलीवुड गानों को बजाना कॉपीराइट कानून का उल्लंघन नहीं है। दरअसल शादियों व अन्य पार्टियों में खान-पान से लेकर टेंट और डीजे तक की सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ने सरकार से इस मामले में गुहार लगाई थी। जिस पर केंद्र सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने अर्जी स्वीकार करते हुए 24 जुलाई 2023 को आदेश जारी किया। इसमें कहा गया कि आम लोगों द्वारा शादी समारोहों में संगीत बजाने पर कॉपीराइट सोसाइटियों की तरफ से पैसे की मांग की शिकायतें मिल रही थीं।
डीपीआईआईटी ने क्या कहा?
इसी के तहत डीपीआईआईटी ने नोटिस में कहा कि यह कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 52 (1) (za) में बताये गये निर्देश का उल्लंघन है। क्योंकि, इस धारा में साफ किया गया है कि केंद्रीय/राज्य सरकार या किसी भी स्थानीय प्राधिकरण द्वारा किसी भी धार्मिक या आधिकारिक समारोह के दौरान साहित्यिक, नाटकीय रचना, संगीत का बजाना, जनता के सामने प्रसारित करना कॉपीराइट उल्लंघन नहीं होगा। साथ ही कहा कि इसमें शादी समेत अन्य सभी तरह के समारोह भी शामिल हैं। वहीं कॉपीराइट सोसाइटियों को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जो धारा 52 (1) (za) के खिलाफ हो, ताकि उन्हें कानूनी-कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

क्या होता है कॉपीराइट?
बिना अनुमति किसी और के स्वामित्व वाली कृति, रचना, फिल्म, कहानी, लेख, गीत, संगीत व अन्य चीजों को प्रकाशित करना, सार्वजनिक स्थानों पर दिखाना और उसका लाभ लेना। ये सब मामला कॉपीराइट के अंतर्गत आता है। कॉपीराइट एक तरह से आपका कानूनी अधिकार है। आप चाहें तो अपने बिजनेस और स्टार्टअप को भी इसके तहत रजिस्टर्ड कर सकते हैं। इसका संबंध इंस्ट्रक्शन मेन्यूअल, प्रोडक्ट लिटरेचर और यूजर्स गाइड से होता है।
कॉपीराइट का उल्लंघन कब माना जाता है?
कॉपीराइट के तहत जब आप किसी के भी लेखन, कंटेट, गाना और फिल्म आदि का पर्सनल इस्तेमाल करते हैं तब आप पर कॉपीराइट नहीं लगेगा। लेकिन, जैसे ही आप इसका इस्तेमाल कमाई के उद्देश्य के लिए करते हैं तब आप पर कॉपीराइट का उल्लंघन लगेगा। एक उदाहरण से समझते हैं इस बात को, जैसे अगर कोई शख्स किसी किताब को अपने ज्ञान के लिए पढ़ता या दूसरों को पढ़ाता है। या फिर किसी के लेखन, शायरी या कविता के कुछ अंश समीक्षा के उद्देश्य से या रिपोर्ट या लेख को समझाने के लिए इस्तेमाल करता है, तो यह फेयर डिलिंग यानी निष्पक्ष व्यवहार के दायरे में कवर करता है। यहां पर किसी भी फिल्म के गाने को भी कोई शख्स रियाज करने के लिए गाता है तो उस पर गाने का कॉपीराइट नहीं आयेगा। जब तक कि कोई इसका कॉमर्शियल उपयोग न हो। कॉपीराइट एक्ट की धारा-52 के तहत किसी भी कंटेंट का प्राइवेट इस्तेमाल के लिए उपयोग किया जाना कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं माना जाता है।
कब तक होती है कॉपीराइट की उम्र?
कॉपीराइट की उम्र 60 साल की होती है। लेकिन, वह 60 साल हर चीजों पर अलग-अलग तरीकों से होती है। किसी भी फोटोग्राफ पर कॉपीराइट 60 साल इसके पहले प्रकाशन के बाद से होती है। जबकि साहित्य, ड्रामा, संगीत, कलात्मक काम जैसी चीजों पर लेखक और क्रिएटर के मरने के 60 साल बाद तक होता है। वहीं सिनेमा, साउंड रिकार्डिंग, गर्वनमेंट वर्क, पब्लिकेशन अंडरटेकिंग, इंटरनेशनल एजेंसी और फोटोग्राफ के मामले में कॉपीराइट की अवधि प्रकाशन के 60 साल के बाद तक होती है।
कॉपीराइट एक्ट में दोषी को कितनी मिलती है सजा?
कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन के लिए दोषी पाये जाने पर कम से कम एक साल तक की सजा के साथ आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं कॉपीराइट उल्लंघन पर डैमेज क्लेम भी किया जाता है। किसी ने कॉपीराइट का उल्लंघन कर जितना प्रॉफिट कमाया है, उस हिसाब से डैमेज क्लेम किया जा सकता है।
'लाइव लॉ' वेबसाइट ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से लिखा कि कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत कॉपीराइट उल्लंघन का अपराध एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। दरअसल कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के धारा 63 में दंड प्रक्रिया संहिता की बात की गई है। जबकि 1973 में पहली अनुसूची का भाग II में कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध माना गया है। कॉपीराइट अधिनियम 1957 भारत में आजादी के बाद का पहला कॉपीराइट कानून था। वहीं 1957 के बाद से इस कानून में अब तक छह बार संशोधन किया जा चुका है।












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