Republic Day Security: गणतंत्र दिवस की सुरक्षा 7 लेयर में, कमांडो, जासूस और कैमरे रखेंगे नजर
Republic Day Security: विजय चौक से प्रारंभ होकर कर्तव्य पथ से गुजरती हुई लाल किले तक पहुंचने वाली गणतंत्र दिवस की परेड के लिए इस बार पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
आंतकवादियों या उपद्रवियों की पहचान के लिए एआई वाले कैमरे, किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम, बख्तरबंद गाड़ियां और 35 से अधिक डीसीपी स्तर के अधिकारियों की देख रेख में बनी सुरक्षा टीम 26 जनवरी को पूरी मुस्तैदी से तैनात रहेगी।

इस बार विदेशी मेहमान के रूप में भारतीय गणतंत्र की शोभा बढ़ाने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन आए हुए हैं। फ़्रांस भारत का एक प्रमुख रक्षा सहयोगी और रणनीतिक साझीदार भी है।
सबसे आगे कमांडो
सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने वनइंडिया से बातचीत में कहा कि गणतंत्र दिवस की परेड और झांकियों की व्यवस्था पूरी तरह चाकचौबंद हैं और हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बिना किसी बिध्न बाधा के यह राष्ट्रीय पर्व आयोजित होगा। दरअसल राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह सुरक्षा व्यवस्था में 7 लेयर की सुरक्षा होती है।
अतिगणमान्य और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए मंच के आस पास और महत्वपूर्ण जगहों पर कमांडो और क्विक रिस्पांस टीम की तैनाती होती है। कमांडों में एनएसजी, आईटीबीपी और एसपीजी के जवान शामिल होते हैं। ये कमांडो अपनी चपलता और मारक क्षमता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।
दूसरे लेयर में दिल्ली पुलिस के सिक्योरिटी विंग के लोग होते हैं, जो देश के प्रमुख लोगों, राजनेताओं और शीर्ष क्रम के पदाधिकारियों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार होते हैं। इस सिक्योरिटी विंग में डीसीपी लेवल के अधिकारी से लेकर दिल्ली पुलिस के जवान तक शामिल होते हैं।
बख्तरबंद गाड़ियां हर परिस्थिति के लिए तैयार
तीसरा सुरक्षा घेरा दिल्ली पुलिस के कमांडो और क्विक रिस्पांस टीम का होता है। साथ में बख्तरबंद गाड़िया भी तैनात की जाती हैं। बख्तरबंद गाड़ियां मुख्य तौर पर इंडिया गेट, विजय चैक, मान सिंह रोड के दोनों ओर तथा प्रमुख इमारतों के आस पास खड़ी होती हैं।
चौथा सुरक्षा घेरा दिल्ली पुलिस के डिस्ट्रिक्ट डिवीजन का होता है। इसकी प्रमुख जिम्मेदारी आम कानून व्यवस्था की होती है। यह थाने के स्तर पर इंतजाम होता है। गणतंत्र दिवस पर जिन पुलिस थानों को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जाति है, उनमें पार्लियामेंट स्ट्रीट, तिलक मार्ग, तुगलक रोड, साउथ एवेन्यू और हाल ही में स्थापित कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन मुख्य रूप से शामिल हैं।
दिसम्बर से ही ड्रिल शुरू हो जाती है
पैरामिलिट्री फोर्स की भी अपनी अलग सुरक्षा व्यवस्था होती है। जिसमें असिस्टेंट कमांडेट स्तर के अधिकारी शामिल होते हैं। सभी की अपनी अपनी इंटेलिजेंस विंग भी इस व्यवस्था में काम करती हैं। इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए भी एक अलग व्यवस्था होती है।
हर पुलिस या अद्धसैनिक बल की इकाई, जो सुरक्षा व्यवस्था लगी है, का एक नोडल ऑफिसर होता है, जो अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर काम करता है और सूचनाओं का आदान प्रदान करता है। ऐसे तो गणतंत्र दिवस की तैयारियां साल भर चलती हैं, लेकिन सभी एजेंसियों के बीच हाई लेवल पर सामंजस्य की बैठकें दिसंबर के प्रारंभ से ही शुरू हो जाती है। दिल्ली पुलिस का स्पेशल ब्रांच और क्राइम बांच इसकी अगुवाई करता है। इस काम में दिल्ली पुलिस के लगभग 35 आईपीएस अधिकारी दिन रात जुटे होते हैं।
ए आई आधारित कैमरे लगाए गए
कर्तव्य पथ, इंडिया गेट और तिलक मार्ग पर तीन जगह सीसीटीवी के केंद्र बने हैं। जहां से पूरे गणतंत्र दिवस परेड की निगरानी की जाती है। दिल्ली में इस बात की आशंका हमेशा रहती है कि उग्रवादी संगठन या देश के दुश्मन 26 जनवरी को कोई गड़बड़ी करने की कोशिश करें।
इस आंशका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जगह जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे लगाए जाते हैं। इस कैमरे में उन तमाम आतंकवादियों और विरोधियों के चेहरे मेमोरी में होते हैं, जिनसे सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ये एआई आधारित कैमरे किसी भी संदिग्ध के चेहरे को स्कैन कर सकते हैं और इसकी सूचना कमांड सेंटर को दे सकते हैं।
गणतंत्र दिवस परेड की सुरक्षा के साथ लगभग 100 एजेंसियां जुड़ी हुई हैं। इनमें सरकारी विभागों से जुड़ी एजेंसियों के अलावा निजी क्षेत्र की भी एजेंसियां होती हैं। इन सभी के बीच समन्वय और बिना किसी त्रुटि के काम करने की एक बड़ी चुनौती हमेशा दिल्ली पुलिस के सामने होती है। इसके लिए कई स्तर पर दिल्ली पुलिस तैयारी करती है।
परेड देखने आने वाले लोगों की सुरक्षा से लेकर अतिगणमान्य लोगों तक की सुरक्षा का दायरा इतनी सावधानी और व्यापकता से तैयार किया जाता है कि किसी भी दुर्घटना की संभावना ना बचे। यह भी एक रिकार्ड है कि आज तक गणतंत्र दिवस परेड के दौरान एक भी अप्रिय घटना नहीं हुई है।
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