अगर चाहते हैं कि किडनी ना हो फेल, तो पढ़िए जरूर ये खबर

नए शोध में कहा गया है कि दौड़ती-भागती जिंदगी में इंसान अपनी नींद से समझौता करने लगता है जो कि किडनी की बीमारी का मुख्य कारण है।

न्यूयार्क। हाल ही में आपने खबर सुनी होगी कि देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की दोनों किडनी फेल हो गई हैं। देश की सबसे कर्मठ नेताओं में से एक सुषमा स्वराज की बीमारी सुनकर हर कोई हैरान रह गया।

ऐसी ही स्थिति देश के बहुत सारे लोगों की है जो काफी एक्टिव रहने के बावजूद भी गुर्दे के रोग के शिकार बन जाते हैं, कहीं आपके के साथ भी ऐसा ना हो इसलिए अपनी लाइफस्टाइल में आपको कुछ बदलाव करने ही होंगे।

दौड़ती-भागती जिंदगी में इंसान अपनी नींद से समझौता करने लगता है जो कि बीमारी की मुख्य वजह है, अमेरिका में शिकागो के इलिनोइस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस बारे में लोगों को सावधान किया है।

ये नया शोध कहता है कि नींद कम आने या अच्छी नींद न आने से लोगो के गुर्दे ठीक तरह से काम नहीं करने लगते हैं। कम और अधूरी नींद क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के खतरे को और बढ़ा देता है क्योंकि नींद और गुर्दे की कार्यप्रणाली के बीच सीधा संबंध है। इसलिए इंसान को कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेनी ही चाहिए।

इस शोध में प्रतिभागियों ने औसत 6.5 घंटे प्रति रात नींद ली। इस दौरान 70 व्यक्तियों की किडनी में प्राब्लम पाई गई और 48 व्यक्तियों की मौत हो गई।

शोधकर्ताओं ने पाया कि रात में अतिरिक्त घंटों की वृद्धि से 19 प्रतिशत तक गुर्दे की विफलता का खतरा कम होता है। ये शोध 'अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (एएसएन) किडनी वीक 2016' में प्रकाशित हुआ है।

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