Birthday Special: क्या है सन्नी देओल के ढाई किलो के हाथ का राज...जिसके पड़ते ही...
क्या है सन्नी देओल के ढाई किलो के हाथ का राज...जिसके पड़ते ही...आदमी उठता नहीं उठ जाता है।
नई दिल्ली। पिछले 33 साल से हिंदी सिनेमा की सेवा कर रहे अभिनेता सन्नी देओल का एक खास मुकाम हिंदुस्तानियों के दिल में हैं। कभी लोग उनकी आंखों में छलकते प्यार को देखकर 'बेताब' हो जाते हैं तो कभी उनका वतन के प्रति प्रेम देखकर लोग 'गदर' मचाने में भी पीछे नहीं रहते हैं। कभी वो 'घायल' सैनिकों के लिए 'बार्डर' पर 'जीत' का परचम लहराते हैं तो कभी 'अर्जुन' बनकर किसी 'दामिनी' के 'डर' को दूर करने की कोशिश करते है।
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लेकिन पर्दे पर जहां सन्नी देओल बहुत ज्यादा उग्र हैं वहीं असल जिंदगी में काफी शर्मीले इंसान हैं, उनका एक बहुत फेमस संवाद है..यह ढाई किलो का हाथ किसी पे पड़ता हैं ना तो आदमी उठता नहीं उठ जाता है...लेकिन क्या आपको पता है कि सन्नी देओल का हाथ केवल पर्दे पर ही भारी नहीं है बल्कि वो पर्दे के पीछे भी काफी हैवी है।
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आईये तस्वीरों के जरिए जानते हैं सन्नी देओल के ढाई किलो के हाथ के बारे में..

हेल्दी लाइफ
सन्नी देओल अपनी फिटनेस और डाईट का बहुत ज्यादा ख्याल रखते हैं। एक इवेंट में सन्नी देओल के पिता महान अभिनेता धर्मेंद्र ने कहा था कि कभी-कभी मुझे लगता ही नहीं कि सन्नी मेरा बेटा है क्योंकि इसके अंदर बहुत अच्छी आदते हैं। वो बहुत हेल्दी लाइफ जीता है और मेरी तरह बिल्कुल भी लापरवाह नहीं है।

शराब और सिगरेट को हाथ नहीं लगाते
धर्म पाजी ने कहा था कि सन्नी देओल शराब और सिगरेट को हाथ नहीं लगाते और ना ही चिकन या बिरयानी के लिए क्रेजी हैं। वो कम ऑयली और लो स्पाइसी खाना खाते हैं। समय पर सोते हैं और समय पर उठते हैं। रोज जिम जाते हैं और मिठाई से दूर रहते हैं।

किताबों और कसरत का शौक
सन्नी देओल का लेटनाईट पार्टी पसंद नहीं है, उन्हें किताबों और कसरत का शौक है और इसी पर समय खर्च करते हैं। उनके दोस्त भी काफी कम हैं लेकिन जो हैं वो काफी करीबी हैं। वो एक फैमिली मैन है इसलिए उनका हाथ असल में भी ढाई किलो का ही है। इतना कहकर धर्मेंद्र भावुक हो गए थे।

फिल्म 'बेताब'
आपको बता दें कि अपनी फिटनेस के ही कारण सन्नी देओल अपने समकक्ष हीरों से उम्र में काफी कम लगते हैं। 19 अक्टूबर 1959 को जन्में सन्नी देओल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के मशहूर ओल्ड बेव थियेटर में अभिनय की शिक्षा प्राप्त की। सन्नी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत अपने पिता की निर्मित फिल्म 'बेताब' से की।

राष्ट्रीय पुरस्कार
वर्ष 1990 में प्रदर्शित फिल्म 'घायल' सन्नी के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए सन्नी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार के साथ ही राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था तो वहीं वर्ष 1993 में प्रदर्शित फिल्म 'दामिनी' में अपने दमदार अभिनय के लिए सन्नी ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार और फिल्म फेयर पुरस्कार जीता था।

'गदर एक प्रेम कथा'
'बॉर्डर' में उन्होंने महावीर चक्र विजेता मेजर कुलदीप सिंह के किरदार में जान डाल दी थी। तो वहीं वर्ष 2001 में प्रदर्शित फिल्म 'गदर एक प्रेम कथा' सन्नी देओल के सिने करियर की सर्वाधिक सुपरहिट साबित हुई। बॉलीवुड के इस अनुपम 'हीरो' के हमारी पूरी टीम की जन्मदिन की बधाई।












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