Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

ED Action against Corrupt: किन नेताओं और अधिकारियों पर ईडी ने कसा शिकंजा?

इस वर्ष के जुलाई महीने में सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की संवैधानिक वैधता को सही ठहराया है और ईडी द्वारा छापेमारी, पूछताछ और गिरफ्तारी के अधिकार को भी उचित बताया है।

Enforcement Directorate

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। राज्य में कोयला ढुलाई घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में उनसे पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद सौम्या को रायपुर में पीएमएलए के तहत एक विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें चार दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

ईडी का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच एक बड़े घोटाले से संबंधित है, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यवसायी, नेताओं और बिचौलियों के गठजोड़ द्वारा छत्तीसगढ़ में ढुलाई किए गए 25 रुपये प्रति टन कोयला से अवैध उगाही की गई है। गौरतलब है कि ईडी ने पिछले वर्ष जून में कहा था कि उसने रायपुर में छापेमारी के बाद 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित हवाला रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सौम्या चौरसिया के घर पर फरवरी 2020 में भी छापा मारा गया था।

हाल में हुई नेताओं और अधिकारियों की गिरफ्तारियां

संजय राउत: अगस्त 2022 में शिवसेना नेता और राज्य सभा सांसद संजय राउत को ईडी ने मुंबई के एक 'चॉल' के पुनर्विकास में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले ईडी ने 1,034 करोड़ रुपए के पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में राउत की संपत्ति को जब्त कर लिया था। ईडी ने संजय राउत के अलीबाग में एक प्लॉट और दादर में एक फ्लैट को कुर्क कर दिया था। नवंबर महीने में कोर्ट ने संजय राउत को जमानत पर रिहा कर दिया।

पार्थ चटर्जी: जुलाई 2022 में ईडी ने पश्चिम बंगाल के बर्खास्त मंत्री पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के कोलकाता अपार्टमेंट से 50 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और सोना जब्त किया। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को ईडी ने 23 जुलाई को गिरफ्तार किया था। इन पर शिक्षक भर्ती में घोटाले का आरोप है। इन पर आरोप है कि इन्होंने सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने के बदले में घूस लिया था।

पंकज मिश्रा: जुलाई 2022 में ही ईडी ने अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और उसके सहयोगियों के बैंक खातों से 11.88 करोड़ रुपये जब्त किए। इसके बाद पंकज मिश्रा को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।

सत्येंद्र जैन: जून 2022 में ईडी ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और उनके सहयोगियों के घरों से 2.85 करोड़ रुपये नकद और सोने के 133 सिक्के जब्त किए। इन पर फर्जी कंपनियों के जरिए लेनदेन का आरोप है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री को ईडी ने 30 मई को गिरफ्तार किया था। वे फिलहाल जेल में हैं।

पूजा सिंघल: मई 2022 में ईडी ने झारखंड के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के घर और ऑफिस से 17.60 करोड़ रुपये जब्त किया। इसके बाद सुमन को गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी ने अदालत को बताया कि सुमन के बयान के मुताबिक यह रकम आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की है। इसके बाद ईडी ने झारखंड सरकार की खनन सचिव पूजा सिंघल पर शिकंजा कसना शुरू किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पूजा सिंघल की गिरफ्तारी के सात महीने के बाद ईडी ने उनकी 82.77 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को सीज कर लिया है। ईडी की टीम ने रांची स्थित पल्स हॉस्पिटल समेत अन्य कई अचल संपत्तियों को जब्त किया है। इसमें एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (पल्स सुपर स्पेशियलिटी), एक डायग्नोस्टिक सेंटर (पल्स डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर) और रांची में स्थित दो प्लॉट शामिल हैं।

नवाब मलिक: फरवरी 2022 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक को ईडी ने गिरफ्तार किया। ईडी ने विशेष कोर्ट में कहा कि मंत्री नवाब मलिक ने मुनिरा प्लंबर से 300 करोड़ रुपये का प्लाट कुछ लाख रुपये में एक कंपनी सॉलिड्स इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के जरिये हड़पा था। बाद में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मलिक की मुंबई और उस्मानाबाद की 8 संपत्तियों को जब्त कर लिया, जिसकी कीमत अरबों में बताई जाती है। इसके अतिरिक्त उन पर अंडरवर्ल्ड से सांठ-गांठ का भी आरोप है।

भूपिंदर सिंह: जनवरी 2022 में ईडी ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह के घर से 10 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की। यह छापेमारी अवैध रेत-खनन में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित थी। इसके बाद भूपिंदर को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। जुलाई 2022 में भूपिंदर को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी।

पीयूष जैन: दिसंबर 2021 में आयकर विभाग ने कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर पर छापा मारकर लगभग 200 करोड़ रुपये नकद और 23 किलो सोना बरामद किया। इसके अलावा छह करोड़ की कीमत का चंदन का तेल भी बरामद किया गया। इसके बाद पीयूष जैन की गिरफ्तारी की गई। हालांकि, आठ महीने जेल में बिताने के बाद अदालत ने पीयूष को इस वर्ष के सितंबर महीने में जमानत पर रिहा कर दिया।

अनिल देशमुख: नवंबर 2021 में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अनिल देशमुख को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। सौ करोड़ की वसूली के आरोप में मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई द्वारा 21 अप्रैल को देशमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद ईडी ने भी इसकी जांच शुरू की थी।

ईडी ने आरोप लगाया कि देशमुख ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री रहते हुए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और बर्खास्त पुलिसकर्मी सचिन वझे के जरिये मुंबई में अनेक बार और रेस्तरां से 4.70 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+