इतिहास के पन्नों से- और देश भूला झांसी की रानी को

नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) बुधवार यानी 17 जून, 1858 को झांसी की रानी वीरगति को प्राप्त हुई थीं। पर इस मौके पर उन्हें याद करने का किसी को वक्त नहीं था। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई मराठा ब्राह्मण थीं उन्होंने पेशवा पदपातशाही का प्रयोग न कर सीधे-सीधे आजादशाही का प्रयोग कर यह साबित किया था कि रानी को स्वराज का अर्थ मालूम था।

विद्रोह का मकसद

उन्हें ये भी मालूम था कि उनका विद्रोह अपनी झांसी को बचाने की खातिर नहीं बल्कि इस देश से अंग्रेजी निजाम खत्म करने की खातिर था। शंभूनाथ शुक्ल कहते हैं कि 1857 अब तक के इतिहास की पहली मिसाल है जब हिंदू-मुसलमान, ब्राहमण-दलित सब अपने वर्ण और वर्ग भेद त्याग कर एक हो गए थे। आजादशाही शब्द इसका एक उदाहरण है।

झांसी की रानी के लिए अमर कविता लिखने वाली सुभद्रा कुमारी चौहान ने 17 जून के लिए ही लिखा था-

रानी गई सिधार चिता अब उसकी दिव्य सवारी थी, मिला तेज से तेज, तेज की वह सच्ची अधिकारी थी,अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी,हमको जीवित करने आयी बन स्वतंत्रता-नारी थी,दिखा गई पथ, सिखा गई हमको जो सीख सिखानी थी,बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।

भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बारे में पूंजीवादी विद्वानों में तमाम गलत धारणाएं रही हैं। उदाहरण के तौर पर पंडित जवाहर लाल नेहरू ने लिखा है कि यह एक सामंती विस्फोट था।

डॉ आरसी मजूमदार का निष्कर्ष है- "1857-58 के दुख और खून खराबा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रसव वेदना नहीं, बल्कि पुराने हो चुके कुलीन तंत्र और मध्ययुग के अपकेंद्री सामंतवाद की मरणांतक चीखें थीं।"

लेकिन इसके विपरीत कार्ल मार्क्स ने इसे जनता का विद्रोह बताया। मार्क्स ने लिखा है- "अंग्रेजों का वफादार सिंधिया, वैसे ही उसके सैन्य दल, पटियाला का राजा, अंग्रेजों की मदद के लिए सैन्य कमान भेज रहा है।"

मार्क्स ने डेली ट्रिब्यून में लिखे अपने लेख में ग्वालियर के सिंधिया की इस बात के लिए घोर भर्त्सना की थी जिसने अंग्रेजों के लिए विद्रोही रानी लक्ष्मी बाई से गद्दारी कर अपनी वफादारी दिखाई थी।

वरिष्ठ लेखक और इतिहासकार शंभूनाथ शुक्ल ने बताया कि मशहूर वामपंथी चिंतक पीसी जोशी ने अपनी पुस्तक 'इंकलाब 1857' में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के एक पत्र का उल्लेख किया है जिसमें उन्होंने भारत के लिए आजादशाही शब्द का प्रयोग किया है।

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