Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Mai Delhi Hoon: देश की राजधानी क्यों कहलाई 'दिल्ली'? जानिए चुनावी सरगर्मी के बीच कुछ रोचक बातें

Mai Delhi Hoon (मैं दिल्ली हूं) News: दिल्ली से जुड़ी बेहद खास बातें (वनइंडिया की खास पेशकश)

  • मैं दिल्ली हूं, मैंने कितनी रंगीन बहारें देखी हैं।
  • अपने आंगन में सपनों की हर ओर कतारें देखीं हैं॥
  • मैंने बलशाली राजाओं के ताज उतरते देखे हैं।
  • मैंने जीवन की गलियों से तूफ़ान गुज़रते देखे हैं॥
Mai Delhi Hoon

मशहूर कवि रामअवतार त्यागी की ये कविता... भारत के दिल यानी दिल्ली को बखूबी बयां करती है। इस वक्त दिल्ली का मौसम तो सर्द है लेकिन सियासी पारा चरम पर है।

'हमारी सरकार बनी तो हम दिल्ली को जन्नत बना देंगे' (Mai Delhi Hoon)

घने कोहरे और शीतलहर के आगोश में समाई इस दिल्ली की सड़कों पर राजनीतिक दलों के नेता अपनी-अपनी तरह से दिल्लीवासियों को लुभाने में लगे हैं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है तो वहीं हर दल ये कह रहा कि 'हमारी सरकार बनी तो हम दिल्ली को जन्नत बना देंगे।'

गौरतलब है कि दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान होगा तो वहीं 8 फरवरी को चुनावी नतीजे सामने आएंगे। इस पेज पर वनइंडिया हिंदी आपको देश की राजधानी के बारे में वो बातें बताएगा जो गैरसियासी होंगी। दिल्ली की पहचान से इतिहास तक, दिल्ली के परिधान से यहां के जायके तक, आपको यहां कुछ रोचक जानकारी पढ़ने को मिलेगी।

आखिर 'दिल्ली' का नाम दिल्ली कैसे पड़ा?

किसी भी व्यक्ति या जगह की पहचान उसके नाम से होती है तो चलिए आज हम 'मैं दिल्ली हूं' सेगमेंट में बात करते हैं 'दिल्ली'नाम की और जानते हैं कि 'दिल्ली' का नाम दिल्ली कैसे पड़ा? इसके पीछे कई कहानियां, मान्यताएं और ऐतिहासिक संदर्भ जुड़े हुए हैं।

दिल्ली नाम राजा ढिल्लू के नाम पर रखा गया (Mai Delhi Hoon)

कहते हैं कि दिल्ली नाम राजा ढिल्लू के नाम पर पड़ा था, पहले इसे "ढिल्लिका" कहा जाता था जो कि आगे चलकर "दिल्ली" हो गया।

लौह स्तंभ के कारण पड़ा नाम (Mai Delhi Hoon)

तो कुछ विद्धान मानते हैं कि दिल्ली का नाम "ढीली" शब्द से आया है। जो कि महरौली स्थित कुतुब परिसर के लौह स्तंभ की वजह से हुआ था। माना जाता है कि तोमर वंश के राजा अनंगपाल द्वितीय ने इस स्तंभ को परिसर में स्थापित किया था जो कि राज्य की स्थिरता का मानक था, लेकिन वक्त बीता और ये स्तंभ थोड़ा ढीला होता चला गया, जिसे फिर से पुरानी स्थिति में नहीं लाया जा सका और ये जगह ढीली के नाम से जानी जाने लगी और जो आगे चलकर दिल्ली बन गई।

फारसी भाषा का प्रभाव (Mai Dilli Hoon)

मुगल काल के दौरान, फारसी भाषा का प्रभाव बढ़ा। "दिल्ली" शब्द को फारसी में "दहलीज" (दरवाजे या प्रवेश द्वार) से भी जोड़ा जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह शहर भारत के उत्तर पश्चिमी हिस्से का प्रवेश द्वार था, इस कारण इसे "दहलीज" कहा गया, जो बाद में "दिल्ली" हो गया।

योगिनी मंदिर के कारण पड़ा नाम (Mai Delhi Hoon)

कुछ विद्वानों का मानना है कि "दिल्ली" का नाम "योगिनी" मंदिर के कारण पड़ा। यह मंदिर तोमर वंश द्वारा बनवाया गया था और इसे "ढिल्लिका" कहा जाता था जो कि धीरे-धीरे "दिल्ली" बन गया।

'दिलु' नदी के नाम पर हुआ नामकरण (Mai Delhi Hoon)

कुछ इतिहासकार कहते हैं कि दिल्ली के पास 'दिलु' नदी थी इसलिए इसका नाम दिल्ली हो गया।

देश को कई यादगार लेखक, कवि, कलाकर दिए

खैर "ढिल्लिका" हो, "ढीली" हो, या "दहलीज," दिल्ली तो दिल्ली है, जिसने देश का गौरवशाली इतिहास देखा है। जो राजनीतिक गतिविधियों का गढ़ है, जिसने देश को कई यादगार लेखक, कवि, कलाकर दिए हैं।

'दिलवालों की दिल्ली है, जरा संभलकर, कहीं दिल ना चुरा ले' (Mai Delhi Hoon)

सियासत किसी की भी हो, इतिहास गवाह है कि 'देश के दिल पर राज वो ही करता है जिसे दिल्ली का ताज नसीब होता है इसलिए तो कहा जाता है 'दिलवालों की दिल्ली है, जरा संभलकर, कहीं दिल ना चुरा ले।'आज के सेगमेंट में बस इतना ही.... फिर हाजिर होंगे कुछ और रोचक जानकारी के साथ।

आपको ये सेगमेंट कैसा लगा?

कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। देश-दुनिया की तमाम जानकारी के लिए बने रहिए वनइंडिया हिंदी के साथ।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+