International Yoga Day: कैसे हुई योग दिवस की शुरुआत, तन और मन के विकास में क्यों है इतना महत्व
Yoga Day: कैसे हुई योग दिवस की शुरुआत, तन और मन के विकास में कितना अहम
नई दिल्ली। कल यानी रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा, ये छठां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। हर साल 21 जून को दुनियाभर में योगा दिवस मनाया जाता है। बड़े-बड़ समूहों में लोग इस योग करते हैं। इस साल कोरोना वायरस के फैलने के चलते इस तरह के आयोजन नहीं हो सकेंगे लेकिन घरों में ही रहकर लोग योग दिवस जरूर मनाएंगे। योग को शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए तो किया ही जाता है, आध्यात्मिक विकास में भी योग का बहुत महत्व है।
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योग कैसे बढ़ाता है आध्यात्मिक शक्ति
योग एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है। जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है। योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है। तीनों के स्वस्थ रहने से आप स्वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं। योग के जरिए ना सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नव-ऊर्जा का संचार भी करता है।
योगासन करने से स्वास्थ्य को तो फायदा होता ही है, आपका शरीर लचीला और मजबूत होता है। इसके साथ-साथ योग में प्रणायाम और ध्यान की जो क्रियाएं हैं, उनका खास महत्व है। रोजाना के कामकाज के बाद टेंशन, स्ट्रेस, नींद ना आना जैसी समस्याएं आज आम हो गई हैं। योग इन सबसे निकालने में अहम है। वहीं योग से छात्रों को भी काफी फायदा मिलता है क्योंकि योगासन और प्राणायाम, ध्यान से कॉन्सनट्रेशन बढ़ता है। जिससे वो एकाग्रचित होकर पढ़ाई कर सकते हैं।

कोरोना को ध्यान में रखते हुए इस साल की थीम
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए हर साल एक थीम होती है। इस बार भी योग दिवस पर थीम दी गई है लेकिन इस साल कोरोनावायरस महामारी का असर थीम पर भी है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2020 की थीम परिवार के साथ मनाएं योग दिवस है। साफ है कि लोगों एक जगह इकट्ठा ना हों, इसलिए ये थीम रखी गई है।

योग दिवस की शुरुआत कैसे हुई
योग का इतिहास हजारों साल पुराना बताया जाता है लेकिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस छह साल पुराना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। इस प्रस्ताव के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिसके बाद से लगातार हर साल, यानी 2015 से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

21 जून ही क्यों
21 जून के दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए चुनने की भी एक खास वजह है। 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य जल्दी उदय होता है और देर से ढलता है। इस दिन ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। इसीलिए ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

पहले योग दिवस पर बना था रिकॉर्ड
21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। इसमें एक खास रिकॉर्ड भी बना था। 21 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 35 हजार से अधिक लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली के राजपथ पर योग किया था। इस समारोह में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना और 84 देशों के लोगों के शामिल होने जैसे रिकॉर्ड गिनीज रिकॉर्ड में शामिल हुए थे।












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