Nikki Haley: उपराष्ट्रपति कमला के बाद यूएस प्रेसिडेंट के लिए भी भारतीय दावा, जानें कौन हैं निक्की हेली?

भारतीय मूल की रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने संयुक्त राज्य अमेरिका में 2024 में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के लिए दावेदारी का ऐलान किया है।

Indian-origin Republican leader Nikki Haley Will contest presidential election in America

Nikki Haley: हाल ही में 51 वर्षीय निक्की हेली ने एक वीडियो के माध्यम से कहा कि मैं निक्की हेली हूं और मैं राष्ट्रपति चुनाव लड़ने जा रही हूं। यह समय नई पीढ़ी के नेतृत्व करने का है। देश को आर्थिक तौर पर मजबूत करने, हमारी सीमाओं की सुरक्षा करने और देश को और सशक्त करना हमारा गर्व और उद्देश्य है।

निक्की हेली रिपब्लिकन पार्टी की नेता है। हालांकि, अभी उन्हें अपनी पार्टी की तरफ से भी अपने दावे को स्पष्ट करना है। दरअसल, रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से अभी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी दावेदारी कर रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी ने फिलहाल अभी अपना कैंडिडेट तय नहीं किया है। अगर अब नयी दावेदारी नहीं आई तो रिपब्लिकन पार्टी को ट्रम्प और निक्की में से किसी एक को चुनना होगा।

डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता गिरने की वजह से निक्की बहुत तेजी से पार्टी के भीतर और बाहर मजबूत नेता के रुप में उभरी है। वैसे निक्की हेली को डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में ही संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया गया था। अमेरिकी प्रशासन में कैबिनेट स्तर के पद पर नियुक्त होने वाली वह पहली भारतीय अमेरिकी थी।

निक्की हेली और कमला हैरिस होंगी आमने-सामने?

यहां आपको एक बात बताते चलें कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की लोकप्रियता गिरने के कारण वे आगामी राष्ट्रपति चुनाव से हट सकते हैं। वैसे भी जो बाइडेन की उम्र 80 साल हो गयी है। इस स्थिति में कमला हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से मजबूत दावेदार हो सकती है। अभी वे अमेरिका की उपराष्ट्रपति है। इसलिए यह संभव है कि अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भारतवंशी महिलाएं हो! साथ ही अमेरिका को पहली महिला राष्ट्रपति भी मिल सकती है।

निम्रता निक्की रंधावा हेली कौन है?

निम्रता रंधावा (निक्की) के पिता अजीत सिंह रंधावा लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और 1960 में कृषि में पीएचडी करने बाद अमेरिका चले गये। उनकी मां राज कौर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की थी। निक्की का ननिहाल कटड़ा दल सिंह, अमृतसर में है।

अमेरिका में भारतीय मूल की दूसरी और पहली महिला गवर्नर होने का गौरव हासिल करने वाली निक्की का जन्म 20 जनवरी 1972 को साउथ कैरोलिना में हुआ। उनके दो भाई मिट्‌ठी और सिमी एवं बहन सिमरन हैं। निक्की राजनीति में आने से पहले उद्योग जगत में नाम कमा चुकी थी। अपनी मां की कंपनी (कपड़े की फर्म) चलाने के बाद साल 1998 में निक्की ओरेंजबर्ग काउंटी चेम्बर ऑफ कॉमर्स के निदेशक मंडल में शामिल हुई। उसके बाद निक्की हेली साल 2003 में नेशनल एसोसिएशन ऑफ वुमेन बिजनेस ऑनर की कोषाध्यक्ष और 2004 में अध्यक्ष बनाई गयी और यहीं से उन्हें राजनीति में आने का रास्ता मिला। निक्की हेली ने 2004 में साउथ कैरोलिना स्टेट में सबसे लंबे समय से एसेंबली मेंबर रही लैरी को हराया था। साथ ही अमेरिका में सबसे युवा (37 साल) गवर्नर बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

निक्की ने साल 1996 में माइकल हेली नाम के शख्स के साथ शादी की और शादी के बाद पति का सरनेम हेली लगाने लगी। इस तरह वो निम्रता निक्की रंधावा से निक्की हेली बन गयी और साल 1997 में ईसाई धर्म अपना लिया। हालांकि, अपने बच्चों के नाम उन्होंने भारतीय - रेना और नलिन ही रखे हैं। निक्की हेली के पति माइकल हेली यूएस आर्मी में एक ऑफिसर हैं और साल 2013 में वे अफगानिस्तान में भी तैनात रह चुके हैं।

निक्की हेली का भारतवंशी होने 'गर्व'

निक्की ने जिस वीडियो में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की है। उसमें निक्की हेली ने खुद को भारतीय प्रवासियों की गौरवान्वित बेटी होने का संदेश दिया है। वहीं जब साल 2019 में ह्यूस्टन में 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम आयोजित हुआ था। तब भी निक्की हेली ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस दौरान निक्की हेली ने भारतीयों और पीएम मोदी की जमकर तारीफ की थी।

भारत को लेकर निक्की हेली का लगाव

साल 2021 में निकी हेली ने अमेरिकी पत्रिका 'फॉरन पॉलिसी' में एक लेख लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा कि बाइडेन प्रशासन की कूटनीति अच्छी नहीं है। अपने दोस्तों को अपमानित करने और दुश्मनों को नजरअंदाज करने के बजाय अमेरिका को उन रिश्तों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिनसे दुनियाभर में हमारी स्थिति मजबूत हो। इसकी शुरुआत भारत से होनी चाहिए। अब समय आ गया है कि भारत के साथ एक बड़ा गठबंधन बनाया जाये। 10 लाख सैनिक, परमाणु शक्ति संपन्न, नौ सेना की बढ़ती ताकत, अंतरिक्ष कार्यक्रम में अव्वल और अमेरिका के साथ आर्थिक और सैन्य संबंधों के आजमाए हुए अतीत के साथ भारत एक मजबूत सहयोगी बन सकता है। भारत के साथ सहयोग से दोनों देशों को वैश्विक ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी।

साथ ही वो कहती हैं कि अमेरिका-भारत साथ हो जाएं तो हमें चीन के मामले में भी बढ़त मिलेगी। क्योंकि अमेरिका की तरह भारत भी मानता है कि चीनी खतरा बढ़ रहा है। उधर भारत से लगी सीमा पर भी दबाव बढ़ा रहा है। यह भारत और अमेरिका दोनों के हित में नहीं है। निक्की हेली आगे कहती है कि अमेरिका और भारत साथ मिलकर चीन को मध्य और दक्षिण एशिया में पैर पसारने से पहले रोक सकते हैं। अमरीका भारत के साथ मिलकर एक ठोस स्थिति बना सकता है।

पाकिस्तान और चीन विरोधी है निक्की हेली?

भारतवंशी होने के नाते निक्की हेली चीन और पाकिस्तान की नीतियों के खिलाफ कई मंचों पर सार्वजानिक बयान दे चुकी हैं। निक्की की मानें तो ये दोनों मुल्क मानवाधिकारों के दुश्मन हैं। एकबार चीन पर निशाना साधते हुए निक्की ने कहा था कि चीन, अफगानिस्तान में भी वैसी ही चाल चल रहा है, जैसी भारत के खिलाफ पाकिस्तान को आगे करके साजिश बुनता रहता है। निक्की हेली ने फॉक्स न्यूज को दिये एक इंटरव्यू में कहा था कि चीन, भारत के खिलाफ पाकिस्तान का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।

यह भी पढ़ें: निक्की हेली लड़ सकती हैं 2024 का चुनाव, कहा- हारना नहीं सीखा, क्या US में भी भारतवंशी का चलेगा सिक्का?

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