सुरक्षा एजेंसियों के लिये कैसे सिरदर्द बना हवाला
पहले भाग में (click on PREVIOUS) आपने पढ़ा कि हवाला किस तरह भारत के लिये नासूर बना। अब हम आपको बताने जा रहे हैं हवाला कैसे हमारे देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिये सिरदर्द बन गया।

इस सवाल का उत्तर मिलेगा हवाला से जुड़े इन तथ्यों में-
- हवाला राजनेताओं, अंडरवर्ल्ड, आतंकवादियों और यहां तक कि आम आदमी की ओर से पैसों के लेन-देन के लिए प्रयोग होने वाला एक माध्यम है।
- भारत के अलावा हवाला के जरिए मिडिल ईस्ट, नॉर्थ अमेरिका, अफ्रीका में को उनके काम की प्रशंसा के तौर पर उनका इनाम दिया जाता है।
- हवाला जो एक अरबी शब्द है, को सबसे पहले ट्रेडिंग के लिए विकसित किया गया था।
- कई वर्ष पहले जब यह माना जाता था कि सोने और ज्यादा पैसे के साथ सफर करना सुरक्षित नहीं है तो हवाला के जरिए ही पैसों का ट्रांसफर होता था।
- जैसे-जैसे समय बीतता गया, इस सिस्टम का प्रयोग खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी लोग अपने घरों में पैसे भेजने के लिए करने लगे।
- इस प्रक्रिया में पैसे का लेनदेन बैंकों के जरिए होता था तो इसलिए उस पर किसी भी तरह का कोई टैक्स नहीं लगता था।
- इसमें पैसे भेजने वाले के बारे में जानकारी गुप्त रखी जाती थी और साथ ही किसी भी तरह की कागजी प्रक्रिया की भी जरूरत नहीं होती थी।
- आज यही प्रक्रिया सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गई है
- अब आतंकवादी, अंडरवर्ल्ड और यहां तक कि राजनेता गैरकानूनी तरीके से पैसे हासिल करने के लिए इसका प्रयोग करने लगे हैं।
- राजनेता इस प्रक्रिया का चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा प्रयोग करते हैं।
- एक ओर तो नाम छिपाने के साथ ही गैरकानूनी तरीके से पैसे का ट्रांसफर हो जाता था।
- दूसरी ओर इस सिस्टम के सस्ता और तेज होने की वजह से दूसरे देशों में रह रहे माइग्रेंट वर्कर्स इसे बैंक की तुलना में ज्यादा तरजीह देने लगे।
कैसे काम करता है हवाला जानने के लिये क्लिक करें NEXT पर।












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