मौत के 24 घंटे बाद Pahlaj Nihalani का ऐसा सच आया सामने, अस्पताल में 28 दिन, खून की उल्टियां, वायरल हुआ वीडियो
Pahlaj Nihalani Death: हिंदी सिनेमा के चर्चित निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी अब हमारे बीच नहीं रहे। 76 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के नानावती अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम संस्कार में कई नामी सितारे उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इसी बीच मौत के 24 घंटे बाद उनके जीवन से जुड़ा एक पुराना किस्सा अब फिर चर्चा में आ गया है, जिसने उनके संघर्ष और रिश्तों की सच्चाई को सामने ला दिया।
अचानक बिगड़ी थी पहलाज निहलानी की तबीयत
पहलाज निहलानी ने कुछ समय पहले दिए एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के उस कठिन दौर का जिक्र किया था, जब वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। उन्होंने बताया था कि एक रात अचानक उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई थी। देर रात उन्हें घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगी थी, जिसके कुछ ही समय बाद खून की उल्टियां शुरू हो गई थीं।

क्रोनिक फूड पॉइजनिंग की हो गई थी समस्या
स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि डॉक्टरों ने पहलाज निहलानी को तुरंत अस्पताल में भर्ती करने का फैसला लिया था। जांच के बाद सामने आया कि वह क्रोनिक फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। हालत नाजुक होने के कारण उन्हें कई दिनों तक आईसीयू में रखा गया था, जहां उनकी जिंदगी बचाने के लिए लगातार ट्रीटमेंट जारी रहा था।
ICU से बाहर आने के बाद भी खत्म नहीं हुई थी परेशानी
-पहलाज निहलानी ने बताया था कि जब उन्हें आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया तो उन्हें लगा था कि अब जल्द ही घर लौट पाएंगे लेकिन बीमारी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। बुखार लगातार बना रहा और हर शाम उनके पेट में असहनीय दर्द शुरू हो जाता था।
-डॉक्टर भी शुरुआत में बीमारी की सही वजह तक नहीं पहुंच पा रहे थे, जिसके कारण लगातार नई जांच करनी पड़ रही थीं। इस दौरान पूरा परिवार चिंता में डूबा हुआ था और अस्पताल के कमरे में हर दिन नई चुनौती सामने आ रही थी।
अस्पताल में बीते थे 28 दिन, इंडस्ट्री से सिर्फ एक दोस्त ने पूछा था हाल
-अपने इंटरव्यू में पहलाज निहलानी ने एक भावुक खुलासा भी किया था। उन्होंने बताया था कि उनकी बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी बेहद सीमित लोगों को ही दी गई थी। वह नहीं चाहते थे कि उनकी सेहत को लेकर मीडिया में ज्यादा चर्चा हो।
-हालांकि जब वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे, तब फिल्म इंडस्ट्री से सिर्फ एक शख्स उनका हालचाल जानने पहुंचे थे। वह शख्स थे उनके पुराने दोस्त और दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा। पहलाज निहलानी ने बताया था कि कठिन समय में शत्रुघ्न सिन्हा ने उनका साथ निभाया और अस्पताल पहुंचकर उनका हौसला बढ़ाया था।
दोस्ती का ऐसा रिश्ता जिसे पहलाज निहलानी कभी नहीं भूले
करीब 28 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पहलाज निहलानी ने कई उतार-चढ़ाव देखे थे लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा की वह मुलाकात उनके लिए बेहद खास बन गई थी। यही वजह थी कि सालोंबाद भी वह उस घटना को याद करते हुए भावुक हो जाते थे। उनका मानना था कि मुश्किल समय ही असली रिश्तों की पहचान कराता है और बीमारी के उस दौर ने उन्हें यह एहसास करा दिया था कि कौन उनके सुख-दुख में वास्तव में साथ खड़ा है।
फिल्म इंडस्ट्री ने खो दिया एक बड़ा नाम
-पहलाज निहलानी सिर्फ सफल निर्माता ही नहीं थे बल्कि उन्होंने कई कलाकारों के करियर को नई दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाई थी। गोविंदा जैसे सितारों को बड़ा मंच देने वाले पहलाज निहलानी ने दशकों तक हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी।
-पहलाज निहलानी के निधन के साथ बॉलीवुड का एक ऐसा अध्याय समाप्त हो गया है, जिसने कई सुपरहिट फिल्मों और कई सितारों की सफलता की कहानी लिखी। अब उनके किस्से, उनके काम और इंडस्ट्री में दिया गया योगदान ही उनकी सबसे बड़ी विरासत बनकर रह जाएगा।
पहलाज निहलानी का जीवन सफलता, संघर्ष और रिश्तों की अनोखी मिसाल रहा। बीमारी के दौरान अस्पताल में बिताए गए वो 28 दिन उनकी जिंदगी के सबसे कठिन दिनों में शामिल थे। उस दौर की यादें आज उनके निधन के बाद फिर लोगों के सामने हैं और ये बताती हैं कि चमक-दमक वाली फिल्मी दुनिया में भी सच्चे रिश्ते कितने मायने रखते हैं।













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