एक पासवर्ड में करोड़ों का ट्रांजैक्शन! जानिए कैसे ऑपरेट करता है हवाला
आपने यह तो पढ़ लिया कि हवाला भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिये सिरदर्द बन गया है (Click on Previous) अब हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर यह हवाला काम कैसे करता है। इसमें आपको ऐसी-ऐसी जानकारियां मिलेंगी, जिन्हें पढ़कर आपके होश उड़ जायेंगे और फिर गुस्सा भी आयेगा।

कैसे काम करता है हवाला
- हवाला ब्रोकर्स का एक पूरा ग्रुप होता है जिसे 'हवलदार' के नाम से जाना जाता है। यह ग्रुप ही पैसा इकट्ठा करने का काम करता है।
- जब हवलदार को पैसा सौंप जाता है तो यह उसकी जिम्मेदारी होती है कि वह इसे दूसरे देश में बसे एजेंट को सौंप दे।
- इस तरह से पैसा एजेंट के पास पहुंच जाता है।
- इस एजेंट को भी एक पासवर्ड दिया गया होता है।
- जो भी व्यक्ति एजेंट से उस रकम को लेने आता है उसे यह पासवर्ड बताना पड़ता है।
- एजेंट्स की ओर से कई तरह के पासवर्ड को इस काम के लिए रखा गया है।
- एनआईए की ओर से जब इस बारे में जांच की गई तो पता चला कि जो कोर्ड वर्ड रखे जाते हैं वह स्टार, पान खाया इस तरह से होते हैं।
- एक बार पासवर्ड कोट हो जाने पर एजेंट उस रकम को सौंप देता है।
- बताया जाता है कि इन हवलदारों को हर ट्रांजैक्शन पर दो प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। जो कि उनकी फीस भी होती है।
- जांचकर्ताओं को इस बात का पता चला है कि एजेंट्स एक आधिकारिक एक्सचेंज रेट पर ही जब पैसा देते हैं तो उन्हें उनका सही कमीशन दिया जाता है।
- यह एक्सचेंज रेट्स उस समय तय किए जाते हैं जब यह पैसा किसी देश में पहुंच जाता है।
- देश की करेंसी के हिसाब से रेट्स तय होते हैं।
- विदेशों में होने वाले ट्रांजैक्शन पर कभी-कभी सैटलमेंट भी होता है।
- विदेशों में होने वाले ट्रांजैक्शन पर कभी-कभी ऑफिशियल ट्रांजैक्शन रेट्स से इतर भी ट्रांजैक्शन होते हैं।












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