Israel Election Survey: ज्यादा दिन के मेहमान नहीं नेतन्याहू! इजरायली चुनाव से पहले आए सर्वे में क्या निकला?
Israel Election Survey: गाजा से जंग खत्म होने और ईरान-लेबनान के साथ चल रही जंग के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू को झटका देने वाली एक खबर आई है। दरअसल इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। हाल ही में हुए नए सर्वे के मुताबिक, विरोधी दल आसानी से बहुमत बना सकते हैं। यदि आज चुनाव होते, तो नतीजे उनके खिलाफ हो सकते हैं। यह जानकारी 'द टाइम्स ऑफ इज़राइल' ने दी है।
गुरुवार को 'ज़मान इज़राइल' ने यह सर्वे प्रकाशित किया है। इसके मुताबिक, विरोधी पक्ष 62 सीटें जीत सकता है। इज़राइल की संसद 'नेसेट' में कुल 120 सदस्य होते हैं। नेतन्याहू के समर्थक दल 50 सीटें जीत सकते हैं। बची हुई 8 सीटें अरब पार्टियों के पास हैं। इनमें 'राम' और 'हदाश-ताल' (Ram and Hadash-Ta'al) शामिल हैं। नेतन्याहू के आलोचकों का प्रभाव लगातार बढ़ता दिख रहा है। हालांकि, अलग-अलग सर्वे में आंकड़े बदल भी सकते हैं।

क्या है इजरायली राजनीतिक के ताजा हाल?
इज़राइल में चुनाव 27 अक्टूबर तक होने हैं और इन्हें टाला नहीं जा सकता। चुनाव जल्दी कराने का प्रस्ताव भी संसद में है। इसके लिए संसद भंग करने का बिल पेश हुआ है। इस कारण मतदान की तारीख पहले आ सकती है। 'चैनल 12’ के एक अन्य सर्वे में नई बात है। इसमें 'यशर' पार्टी के नेता गादी इज़ेनकोट आगे हैं। लोगों ने उन्हें नेतन्याहू से बेहतर प्रधानमंत्री माना है। पहली बार किसी ने उन्हें नेतन्याहू से ऊपर रखा है।
कैसे होता है इजरायल में चुनाव?
इज़राइली चुनावों में जनता सीधे प्रधानमंत्री नहीं चुनती है। लोग सिर्फ अपनी पसंदीदा पार्टी को वोट देते हैं। इसके बाद पार्टियां सरकार बनाने का प्रयास करती हैं। कुछ हद तक वैसा ही जैसा भारत की राजनीति में होता है। फिर भी, यह सर्वे मतदाताओं की पसंद दिखाता है। जैसे भारत में चुनाव के पहले वाले सर्वे जनता के मूड को जानने की कोशिश करते हैं।
पोल में पार्टियों की स्थिति
'चैनल 12’ के सर्वे में पार्टियों की स्थिति इस प्रकार है:
| पार्टी का नाम | सीटों की संख्या |
|---|---|
| लिकुड | 23 |
| टुगेदर | 21 |
| यशर | 19 |
| द डेमोक्रेट्स | 10 |
| शास | 9 |
| इज़राइल बेतेनु | 9 |
| ओत्ज़मा येहुदित | 8 |
| यूनाइटेड टोरा यहूदी | 7 |
| हदाश-ताल | 5 |
| राम | 5 |
| धार्मिक ज़ायोनवाद | 4 |
अभी क्या है इजरायली संसद की स्थिति?
इज़राइल में प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की सरकार मूल रूप से दिसंबर 2022 में बने दक्षिणपंथी और धार्मिक दलों के गठबंधन पर टिकी है, जिसके पास 120 सदस्यीय नेसेट (संसद) में 64 सीटों का बहुमत था। इस गठबंधन में नेतन्याहू की पार्टी Likud के 32 सांसद, Shas के 11, United Torah Judaism के 7, Religious Zionist Party के 7, Otzma Yehudit के 6 और Noam का 1 सांसद शामिल था। हालांकि 2025 और 2026 के दौरान सैन्य भर्ती कानून, गाजा युद्ध और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर सहयोगी दलों के साथ तनाव बढ़ा, जिससे सरकार का बहुमत कई बार खतरे में दिखाई दिया। खासकर यूनाइटेड टोरा जूडइज़्म (UTJ) और ओत्ज़मा येहुदित जैसे दलों ने अलग-अलग समय पर समर्थन को लेकर दबाव बनाया।
शास है नेतन्याहू के टिके रहने की वजह
वर्तमान राजनीतिक समीकरण में शास (11 सीटें) और UTJ (7 सीटें) को सरकार के सबसे अहम सहयोगी माना जाता है, क्योंकि इनके बिना नेतन्याहू के लिए बहुमत जुटाना बेहद मुश्किल हो सकता है। हालिया सर्वेक्षणों में विपक्षी दलों को लगभग 62 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि नेतन्याहू समर्थक खेमे को करीब 50 सीटें मिलती दिखाई गई हैं और शेष 8 सीटें अरब पार्टियों के पास जा सकती हैं। यही कारण है कि अक्टूबर में संभावित चुनावों से पहले नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
बलाद और रिजर्विस्ट भी रहे सर्वे में फिस्सडी
वहीं, ताजा सर्वे में बेनी गैंट्ज़ की 'ब्लू एंड व्हाइट' पार्टी पीछे है। वह संसद में बहुमत के स्तर से नीचे है। 'रिज़र्विस्ट' और 'बालाद' पार्टियां भी रेस से बाहर हैं। ये बताता है अक्टूबर में होने वाले चुनाव में नेतन्याहू की स्थिति अच्छी नहीं कही जा सकती है। अगर जनता का मूड नहीं बदला, तो नेतन्याहू का कुर्सी पर टिके रहना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है।
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