IOC: कैसे काम करता है आईओसी, क्या है रूसी ओलंपिक समिति के निलंबन के मायने?
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने रूसी ओलंपिक समिति (आरओसी) को अगली सूचना तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्योंकि 5 अक्टूबर को रूसी ओलंपिक समिति ने यूक्रेन के डोनेट्स्क, खेरसॉन, लुहान्स्क और ज़ापोरिज़िया को रूस के क्षेत्रीय खेल संगठनों में शामिल करने का एकतरफा निर्णय ले लिया था जो कि ओलंपिक चार्टर का सीधा उल्लंघन है। ओलंपिक चार्टर के अनुसार यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का मान्यता प्राप्त सदस्य है और उसकी सम्प्रभुता का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।

क्या है निलंबन के मायने
निलंबन के बाद रूसी ओलंपिक समिति अब राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के रूप में काम नहीं कर सकती और ना ही आईओसी से कोई धन प्राप्त कर सकती है। यही नहीं निलंबन रहने की स्थिति में पेरिस 2024 ओलंपिक खेल और शीतकालीन ओलंपिक खेल मिलानो कॉर्टिना में रूसी पासपोर्ट वाले किसी भी व्यक्तिगत एथलीट को भागीदारी मिल सकती है। आईओसी कोई भी आगे का निर्णय या उपाय करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।
क्या है अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) स्विट्जरलैंड के लॉज़ेन में स्थित एक गैर-सरकारी खेल संगठन है। इसकी स्थापना 1894 में पियरे डी कूवर्टिन और डेमेट्रियोस विकेलस द्वारा की गई थी और यह आधुनिक ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए जिम्मेदार है। आईओसी एथलीटों, राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों, अंतरराष्ट्रीय संघों, ओलंपिक खेलों की आयोजन समितियों सहित सभी ओलंपिक हितधारकों के बीच सहयोग के लिए कार्य करती है। आईओसी दुनियाभर में खेल को बढ़ावा देने और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। आईओसी पूरी तरह से निजी तौर पर वित्त पोषित है, और अपने राजस्व का 90 प्रतिशत पैसा सभी स्तरों पर खेल और एथलीटों के विकास के लिए खर्च करती है।
भारतीय ओलंपिक संघ भी हो चुका है सस्पेंड
4 दिसंबर 2012 को, आईओसी ने भ्रष्टाचार, सरकारी हस्तक्षेप और आईओसी के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को निलंबित कर दिया था। आईओए के कई सदस्यों पर आर्थिक अपराधों का आरोप लगाया गया था। आईओए को अपने चुनावों में ओलंपिक चार्टर का पालन नहीं करने के बजाय भारत सरकार की खेल संहिता का पालन करने के लिए औपचारिक रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था। हालांकि, दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद आईओए ने चुनाव कराए थे। 11 फरवरी, 2014 को आईओसी ने आईओए पर लगाया प्रतिबंध हटा दिया क्योंकि भारत सरकार ने आईओसी के भारतीय प्रतिनिधियों के साथ एक समझौता किया था।
कई और देश निलंबन की सूचि में शामिल
• दक्षिण अफ्रीका : रंगभेद और अन्य अफ्रीकी देशों के प्रभाव के कारण 1970 में दक्षिण अफ्रीका की ओलंपिक समिति को आधिकारिक तौर पर आईओसी ने निलंबित कर दिया गया था। रंगभेद की दक्षिण अफ्रीका की नीति के कारण उसको 1964 से 1992 तक ओलंपिक खेलों से प्रतिबंधित रखा गया था ।
• रोडेशिया : रोडेशिया की ओलंपिक समिति को 1975 में स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया था, और रोडेशिया ने फिर कभी ओलंपिक खेलों में भाग नहीं लिया। रोडेशिया को भी दक्षिण अफ्रीका की तरह नस्लीय भेदभाव के लिए आईओसी द्वारा निलंबित कर दिया गया था।
• अफगानिस्तान : आईओसी ने अक्टूबर 1999 में अफगानिस्तान की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति को 2003 तक इस आधार पर निलंबित रखा था कि तालिबान महिलाओं को खेलों में प्रतिस्पर्धा करने से रोक रहा था। अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद, उन्होंने अफगानी महिला खिलाड़ियों पर फिर से खेल प्रतिबंध लगा दिए। आईओसी ने जून 2023 में फिर से अफगानिस्तान की राष्ट्रीय ओलंपिक कमिटी को चेतावनी दी है कि अगर तालिबान अफगानी महिलाओं पर से खेल प्रतिबंध नहीं हटाता है तो अफगानिस्तान की ओलंपिक कमिटी को फिर से निलंबित कर दिया जाएगा।
• कुवैत : आईओसी ने कुवैत की सरकार के हस्तक्षेप के कारण 1 जनवरी 2010 से कुवैत की ओलिंपिक समिति पर निलंबन लगा दिया, जिसे 5 जुलाई, 2019 को हटा भी दिया गया था।
आईओसी क्यों करता है निलंबन
• ओलंपिक चार्टर और उसके क़ानूनों का लगातार उल्लंघन होने पर ।
• ओलंपिक चार्टर और उसके क़ानूनों का पालन करने में विफलता पर ।
• समय पर आईओसी को सूचित करने में विफल रहने पर ।
• खेल संगठनों की चुनाव प्रक्रिया में सरकारी हस्तक्षेप के कारण।
• ऐसे क्षेत्रों में खेल संगठनों को शामिल करना जो किसी अन्य राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करते हैं।












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